Ballia News: प्रसूता और जुड़वा नवजात की मौत के मामले में डॉक्टर सहित छह के खिलाफ एफआईआर, पढ़ें- पूरा मामला
Ballia News: बलिया जिले में एक प्रसूता और दो नवजात की मौत के मामले में पुलिस ने छह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किया है। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान लापरवाही से तीन जिंदगियां खत्म हो गईं।
विस्तार
पूर्वाचल अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान लापरवाही से प्रसूता रिंकू यादव व उसके दो जुड़वा बच्चों की मौत मामले में पुलिस ने पूर्वाचल अस्पताल के संचालक चन्द्रशेखर सिंह, डॉ. आदित्य सिंह और चार अज्ञात कर्मचारियों पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। मृतका के पति मुन्ना यादव की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। मामले में स्वास्थ्य विभाग पूर्वाचल अस्पताल और दूसरे ए-वन पूर्वाचल अस्पताल की ओटी को सील कर चुका है। दोनों अस्पतालों के बीच संचालित तीसरा अस्पताल अभी संचालित हो रहा है।
क्या है पूरा मामला
प्रसूता और जुड़वा नवजात की मौत के बाद शुक्रवार शाम जांच को पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल प्रबंधन से मृत नवजातों के बारे में पूछताछ की तो संचालक ने बताया कि शव परिजन ले गए हैं। परिजनों ने इससे इंकार किया तो जांच के दौरान शौचालय गेट के पास कूड़ेदान में शव फेंके मिले। इसकी जानकारी होते ही परिजन आक्रोशित हो गए।
सपा नेता अनिल राय, धनजी यादव सहित सैकड़ों लोग संचालक और डॉक्टर पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करने लगे और जिला अस्पताल मार्ग जाम कर दिया। मौके पर पहुंचे कोतवाल क्षितिज त्रिपाठी ने समझा बुझाकर मामला शांत किया। पुलिस ने अस्पताल संचालक चन्द्रशेखर सिंह को हिरासत में लेकर घटना की बाबत पूछताछ की। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने प्रसूता रिंकू और जुडवा बच्चों का दाह संस्कार जनेश्वर मिश्र सेतु के पास किया। घटना के बाद पति सहित अन्य परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
दो वर्ष में चार प्रसूता व पांच नवजात की हो चुकी है मौत
सीएमओ कार्यालय के पास संचालित पूर्वाचल अस्पताल में पहली बार लापरवाही से मौत का मामला नहीं आया है। परिजनों अनुसार हर वर्ष दो से तीन मौतें होती हैं। अस्पताल संचालक चन्द्रशेखर सिंह एक रजिस्ट्रेशन पर तीन अस्पताल का संचालन करते हैं। जिस अस्पताल का रजिस्ट्रेशन है, वह मानक के अनुसार नहीं है। विभागीय संरक्षण से चलता है। गर्भवती या प्रसूता की मौत होने से परिजनों की शिकायत के बावजूद विभाग कार्रवाई नहीं करता है। छह माह पूर्व बांसडीह रोड थाना क्षेत्र की एक गर्भवती की मौत होने पर विभाग ने सिर्फ नोटिस जारी किया। अधिकतर परिजनों को पैसा देकर सुलह समझौता करा दिया जाता है। तीनों अस्पतालों के सामने से रोजाना सीएमओ से लेकर विभाग के अधिकारियों का आना जाना रहता है। ऊंची पहुंच व अधिकारियों के मिलीभगत से अस्पताल का बेखौफ संचालन होता रहा है। इसमें आए दिन लापरवाही से मौतें होती रही।
डीएम की कार्रवाई के 24 घंटे बाद फिर आशा बहू ने प्रसूता को पहुंचाया निजी अस्पताल
सीएमओ बोले
क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी
प्रसूता और दो नवजात बच्चों के आपरेशन के दौरान मौत मामले में परिजनों की तहरीर पर चिकित्सक सहित अन्य पर प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। -कृपाशंकर, एएसपी दक्षिणी