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Ballia News: मुहर्रम की सातवीं पर या अली-या हुसैन की सदाओं से गूंजा सिकंदरपुर
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सिकंदपुर कस्बा में मोहर्रम को लेकर निकाली गई जुलूस के दौरान लाठी पर चढ़कर करतब दिखाता युवक। संव
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सिकंदरपुर। मुहर्रम पर मंगलवार की रात सिकंदरपुर नगर में सातवीं का जुलूस निकाला गया। युवाओं ने लाठी एवं पारंपरिक अस्त्र कला का प्रदर्शन किया।
डोमनपुरा, बढ़ा और भिखपुरा मोहल्लों से अलग-अलग जुलूस निकाले जाते हैं। मंगलवार की रात लगभग 11 बजे सबसे पहले डोमनपुरा मोहल्ले से जुलूस रवाना हुआ। इसके बाद बढ़ा और भिखपुरा मोहल्लों से भी मातमी जुलूस निकले। तीनों जुलूस अपने निर्धारित परंपरागत मार्गों से होते हुए देर रात मोहल्ला बढ़ा स्थित दरगाह मैदान पहुंचे। जुलूस में शामिल अकीदतमंद या अली, या हुसैन की सदाएं बुलंद करते हुए मर्सिया और नौहा पढ़ रहे थे। इस दौरान युवाओं ने लाठी चलाने और पारंपरिक अस्त्र कला का प्रदर्शन किया।
दरगाह मैदान पहुंचने के बाद बढ़ा और भिखपुरा मोहल्लों के जुलूस वहीं ठहर गए, जबकि डोमनपुरा का जुलूस आगे बढ़ते हुए मोहल्ला मुड़ियापुर स्थित दाता साहब की मजार के प्रांगण में पहुंचा। तीनों जुलूस लगभग एक घंटे तक अपने-अपने निर्धारित स्थानों पर रुके रहे। इस दौरान युवाओं ने पारंपरिक युद्धक कला का प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे रहे।
जुलूस में डॉ. सैयद मिन्हाजुद्दीन अजमली, डोमनपुरा के सदर इकराम अली उर्फ लड्डन, भिखपुरा के सदर जमील बेग, बढ़ा के सदर हसनैन अंसारी, समाजसेवी गनेश प्रसाद सोनी, डॉ. उमेश चंद, मदरसा दारुल उलूम सरकारे आसी के मैनेजर हाजी शेख अलीमुद्दीन, लतीफ अहमद, डॉ. नदीम, राकेश सिंह, राकेश यादव, सगीर अहमद, दानिश अंसारी, मोहिबुल्लाह इदरीसी, मुमताज खां मेम्बर, मास्टर एनुलहक अंसारी, सदरे आलम, इमरान अंसारी, आरिफ अंसारी, खुर्शीद आलम, मुहम्मद आसिफ अंसारी, जितेश वर्मा शामिल रहे।
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उपजिलाधिकारी सिकंदरपुर श्रीकांत राजवंशी, क्षेत्राधिकारी राकेश कुमार सिंह, थाना प्रभारी मूलचंद चौरसिया तथा चौकी प्रभारी गिरिजेश सिंह पूरी रात सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे।
डोमनपुरा, बढ़ा और भिखपुरा मोहल्लों से अलग-अलग जुलूस निकाले जाते हैं। मंगलवार की रात लगभग 11 बजे सबसे पहले डोमनपुरा मोहल्ले से जुलूस रवाना हुआ। इसके बाद बढ़ा और भिखपुरा मोहल्लों से भी मातमी जुलूस निकले। तीनों जुलूस अपने निर्धारित परंपरागत मार्गों से होते हुए देर रात मोहल्ला बढ़ा स्थित दरगाह मैदान पहुंचे। जुलूस में शामिल अकीदतमंद या अली, या हुसैन की सदाएं बुलंद करते हुए मर्सिया और नौहा पढ़ रहे थे। इस दौरान युवाओं ने लाठी चलाने और पारंपरिक अस्त्र कला का प्रदर्शन किया।
दरगाह मैदान पहुंचने के बाद बढ़ा और भिखपुरा मोहल्लों के जुलूस वहीं ठहर गए, जबकि डोमनपुरा का जुलूस आगे बढ़ते हुए मोहल्ला मुड़ियापुर स्थित दाता साहब की मजार के प्रांगण में पहुंचा। तीनों जुलूस लगभग एक घंटे तक अपने-अपने निर्धारित स्थानों पर रुके रहे। इस दौरान युवाओं ने पारंपरिक युद्धक कला का प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे रहे।
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जुलूस में डॉ. सैयद मिन्हाजुद्दीन अजमली, डोमनपुरा के सदर इकराम अली उर्फ लड्डन, भिखपुरा के सदर जमील बेग, बढ़ा के सदर हसनैन अंसारी, समाजसेवी गनेश प्रसाद सोनी, डॉ. उमेश चंद, मदरसा दारुल उलूम सरकारे आसी के मैनेजर हाजी शेख अलीमुद्दीन, लतीफ अहमद, डॉ. नदीम, राकेश सिंह, राकेश यादव, सगीर अहमद, दानिश अंसारी, मोहिबुल्लाह इदरीसी, मुमताज खां मेम्बर, मास्टर एनुलहक अंसारी, सदरे आलम, इमरान अंसारी, आरिफ अंसारी, खुर्शीद आलम, मुहम्मद आसिफ अंसारी, जितेश वर्मा शामिल रहे।
उपजिलाधिकारी सिकंदरपुर श्रीकांत राजवंशी, क्षेत्राधिकारी राकेश कुमार सिंह, थाना प्रभारी मूलचंद चौरसिया तथा चौकी प्रभारी गिरिजेश सिंह पूरी रात सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे।