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Ballia News: पकड़ में नहीं आया तेंदुआ, लौटी गोरखपुर और गाजीपुर की टीम
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मनियर। दो किसानों पर हमला करने वाला तेंदुआ पकड़ में नहीं आया। शनिवार रात गोरखपुर व गाजीपुर की टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए आठ घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया लेकिन सफलता नहीं मिली।
टीम ने जेसीबी से मक्का की खड़ी फसल को गिराने व ड्रोन कैमरे से आसपास के खेतों व आबादी में निगरानी की गई लेकिन तेंदुआ पकड़ में नहीं आया। गोरखपुर की टीम ने बताया कि हो सकता है कि नदी के रास्ता तेंदुआ लौट गया हो।
पुरुषोत्तम पट्टी गांव में शुक्रवार को खेत में चारा काटते समय तेंदुए के हमले से विजय राजभर (60) एवं बिजलीपुर निवासी राजा यादव (21) घायल हो गए थे। तेंदुआ आने की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने दो दिन तक पिंजड़े में बकरी रख कर पकड़ने का प्रयास किया, सफलता न मिलने पर गोरखपुर जू टीम को बुलाया गया। शनिवार को गोरखपुर व गाजीपुर की टीम ने पूरी रात रेस्क्यू अभियान चलाया। लेकिन सफलता नहीं मिली। वन अधिकारियों ने बताया कि जंगली जानवर शिकार के लिए आबादी की तरफ भटक कर चले आते हैं, चहलकदमी होने पर रात के अंधेरे में लौट जाते हैं।
प्रधान संजय यादव, चंद्रदेव सिंह, रामनाथ यादव, सुनील ,साधु, रविंद्र, प्रदीप सहित आदि लोगों ने बताया कि खेत के पश्चिम एवं दक्षिण हिस्से में लाइट वगैरह की व्यवस्था की गई थी, लेकिन उत्तर एवं पूर्व का हिस्सा खाली था, रात के अंधेरे में तेंदुआ उसी तरफ से वापस भाग गया।
वन विभाग के कर्मचारी जाल व पिंजड़ा लेकर चले गए हैं। इस बाबत प्रभागीय वन अधिकारी पृथ्वीराज केसरी ने बताया कि जंगली जानवर रास्ता भटक कर नदी के रास्ता आबादी की तरफ आ गया होगा। रेस्क्यू के ऑपरेशन के दौरान उसका पता नहीं चला सका।
टीम ने जेसीबी से मक्का की खड़ी फसल को गिराने व ड्रोन कैमरे से आसपास के खेतों व आबादी में निगरानी की गई लेकिन तेंदुआ पकड़ में नहीं आया। गोरखपुर की टीम ने बताया कि हो सकता है कि नदी के रास्ता तेंदुआ लौट गया हो।
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पुरुषोत्तम पट्टी गांव में शुक्रवार को खेत में चारा काटते समय तेंदुए के हमले से विजय राजभर (60) एवं बिजलीपुर निवासी राजा यादव (21) घायल हो गए थे। तेंदुआ आने की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने दो दिन तक पिंजड़े में बकरी रख कर पकड़ने का प्रयास किया, सफलता न मिलने पर गोरखपुर जू टीम को बुलाया गया। शनिवार को गोरखपुर व गाजीपुर की टीम ने पूरी रात रेस्क्यू अभियान चलाया। लेकिन सफलता नहीं मिली। वन अधिकारियों ने बताया कि जंगली जानवर शिकार के लिए आबादी की तरफ भटक कर चले आते हैं, चहलकदमी होने पर रात के अंधेरे में लौट जाते हैं।
प्रधान संजय यादव, चंद्रदेव सिंह, रामनाथ यादव, सुनील ,साधु, रविंद्र, प्रदीप सहित आदि लोगों ने बताया कि खेत के पश्चिम एवं दक्षिण हिस्से में लाइट वगैरह की व्यवस्था की गई थी, लेकिन उत्तर एवं पूर्व का हिस्सा खाली था, रात के अंधेरे में तेंदुआ उसी तरफ से वापस भाग गया।
वन विभाग के कर्मचारी जाल व पिंजड़ा लेकर चले गए हैं। इस बाबत प्रभागीय वन अधिकारी पृथ्वीराज केसरी ने बताया कि जंगली जानवर रास्ता भटक कर नदी के रास्ता आबादी की तरफ आ गया होगा। रेस्क्यू के ऑपरेशन के दौरान उसका पता नहीं चला सका।