बलिया। उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर व्यापारियों ने शुक्रवार को आर्य समाज रोड स्थित तिराहे पर विद्युत निगम के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने विद्युत बिलाें की विसंगतियों और स्मार्ट मीटर के खिलाफ एवं निगम की तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाई।
वरिष्ठ प्रांतीय मंत्री सुनील परख ने कहा कि स्मार्ट मीटर तेजी से चल रहे हैं और अधिक बिल आ रहा है। पुराने मीटरों की तुलना में स्मार्ट मीटर 20 से 30 फीसदी ज्यादा तेज चल रहे हैं। बिल दोगुना आ रहा है। जिलाध्यक्ष राधारमण अग्रवाल ने कहा कि तकनीकी खराबी के कारण स्मार्ट मीटर की रीडिंग जंप कर जाती है। इसे निगम तकनीकी गड़बड़ी कहकर टाल देता है, लेकिन उपभोक्ताओं को भारी बिल भरना पड़ता है। कहा कि स्मार्ट मीटर प्रीपेड मोड की तरह काम करते हैं। इसमें विसंगति यह है कि बैलेंस खत्म होते ही बिना किसी चेतावनी या मानवीय हस्तक्षेप के सॉफ्टवेयर के जरिये रात में या छुट्टी के दिन भी लाइन काट दी जाती है, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला युवा अध्यक्ष प्रदीप रस्तोगी ने कहा कि पैसा जमा करने के बाद भी कई बार निगम के सर्वर में अपडेट होने में देरी होती है। इसके कारण बिल जमा होने के बावजूद घंटों या कई दिनों तक बिजली नहीं आती। जिला उपाध्यक्ष संदीप गुप्ता एडवोकेट ने कहा कि आम आदमी को यह समझ नहीं आता कि स्मार्ट मीटर किस दर से और किस तरह से पैसे काट रहा है। पुराने मीटरों में लोग खुद यूनिट देख सकते थे, लेकिन स्मार्ट मीटर का डेटा सीधे निगम के कंट्रोल रूम से संचालित किया जा रहा है। इसके चलते मनमानी बिलिंग की आशंका रहती है। कहा कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद विभिन्न प्रकार के सेवा शुल्क और फिक्स्ड चार्ज भी बढ़ाकर लगाए जा रहे हैं, जिसकी स्पष्ट जानकारी उपभोक्ता को नहीं दी जाती। फेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया व्यापार मंडल के अशोक गुप्ता राहुल ने कहा कि स्मार्ट मीटर पर पुनर्विचार कर उपभोक्ताओं को राहत देनी चाहिए, नहीं तो प्रदेश संगठन के नेतृत्व में आंदोलन तेज किया जाएगा।आकाश पटेल ने कहा कि बिजली निगम जबरन स्मार्ट मीटर थोपकर उपभोक्ताओं का उत्पीड़न कर रहा है। इस मौके पर अभिषेक सोनी, मनोज तिवारी एडवोकेट, संतोष गुप्ता, राजकुमार, आशीष गुप्ता, संतोष कुमार, अरविन्द श्रीवास्तव आदि रहे।