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Ballia News: नवजात और प्रसूता की मौत के बाद आरोपी डाॅक्टर के 2 नर्सिंग होम सील
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नगर के महिला अस्पताल रोड स्थित एक निजी अस्पताल को सील करने के बाद नोटिस चस्पा करता स्वास्थ्यकर
- फोटो : samvad
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बलिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय के ईद गिर्द संचालित मानक विहीन चार निजी अस्पतालों पर छापा मारा। जांच के दौरान रजिस्ट्रेशन सहित अन्य पत्रावली न दिखाने पर पांच सदस्यीय टीम ने वरदान और ए-वन निजी अस्पताल को सील कर दिया।
इसके बाद डॉक्टर चंद्रशेखर सिंह सीएमओ कार्यालय पर पहुंचे और सीएमओ डॉक्टर आनंद सिंह पर सिर्फ अपने अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई का आरोप लगाकर हंगामा किया। इस दौरान कई निजी अस्पताल संचालक सीएमओ कार्यालय के बाहर घंटों जमे रहे।
सीएमओ कार्यालय के पास संचालित पूर्वांचल अस्पताल में 13 मार्च को ऑपरेशन के दौरान दुबहड़ थाना के रामपुरा बोहा निवासी प्रसूता व नवजात की मौत हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पूर्वाचल अस्पताल को सील कर दिया, पुलिस ने अस्पताल संचालक डॉक्टर चंद्रशेखर सिंह, उनके पुत्र डॉ. आदित्य सिंह सहित चार पांच कर्मचारियों पर प्राथमिकी दर्ज की है।
इसके बाद से डॉक्टर चंद्रशेखर सिंह के अन्य दो अस्पतालों पर कार्रवाई की मांग उठने लगी। डीएम के निर्देश पर सीएमओ ने पांच सदस्यीय टीम डॉक्टर योगेंद्र दास, डॉ. मंजू रानी, डॉ. अभिषेक मिश्र, डॉ. शशि प्रकाश व योगेश पांडेय पुलिस की मौजूदगी में अस्पताल रोड पर संचालित चार अस्पतालों की जांच की। दो ने पत्रावली दिखाई। कुछ कमी मिलने पर जल्द उपलब्ध कराने की बात कही गई। टीम ने डाॅक्टर चंद्रशेखर के वरदान और ए-वन पूर्वांचल अस्पताल की जांच की। वरदान का नवीनीकरण नहीं मिला। ए-वन पूर्वांचल का पंजीकरण नहीं हुआ था। दोनों अस्पताल दस साल से चल रहे हैं। जब छापा मारा गया तो अस्पताल में मरीज नहीं थे।
प्रभारी सीएमओ डॉ. आनंद सिंह ने कहा कि चार निजी अस्पताल की जांच में मानक विहीन मिलने पर दो अस्पतालों को सील किया गया है। नोटिस दिया गया है। डाॅक्टर चंद्रशेखर के आरोप बेबुनियाद हैं। जांच के बाद ही कार्रवाई की गई है।
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इसके बाद डॉक्टर चंद्रशेखर सिंह सीएमओ कार्यालय पर पहुंचे और सीएमओ डॉक्टर आनंद सिंह पर सिर्फ अपने अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई का आरोप लगाकर हंगामा किया। इस दौरान कई निजी अस्पताल संचालक सीएमओ कार्यालय के बाहर घंटों जमे रहे।
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सीएमओ कार्यालय के पास संचालित पूर्वांचल अस्पताल में 13 मार्च को ऑपरेशन के दौरान दुबहड़ थाना के रामपुरा बोहा निवासी प्रसूता व नवजात की मौत हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पूर्वाचल अस्पताल को सील कर दिया, पुलिस ने अस्पताल संचालक डॉक्टर चंद्रशेखर सिंह, उनके पुत्र डॉ. आदित्य सिंह सहित चार पांच कर्मचारियों पर प्राथमिकी दर्ज की है।
इसके बाद से डॉक्टर चंद्रशेखर सिंह के अन्य दो अस्पतालों पर कार्रवाई की मांग उठने लगी। डीएम के निर्देश पर सीएमओ ने पांच सदस्यीय टीम डॉक्टर योगेंद्र दास, डॉ. मंजू रानी, डॉ. अभिषेक मिश्र, डॉ. शशि प्रकाश व योगेश पांडेय पुलिस की मौजूदगी में अस्पताल रोड पर संचालित चार अस्पतालों की जांच की। दो ने पत्रावली दिखाई। कुछ कमी मिलने पर जल्द उपलब्ध कराने की बात कही गई। टीम ने डाॅक्टर चंद्रशेखर के वरदान और ए-वन पूर्वांचल अस्पताल की जांच की। वरदान का नवीनीकरण नहीं मिला। ए-वन पूर्वांचल का पंजीकरण नहीं हुआ था। दोनों अस्पताल दस साल से चल रहे हैं। जब छापा मारा गया तो अस्पताल में मरीज नहीं थे।
प्रभारी सीएमओ डॉ. आनंद सिंह ने कहा कि चार निजी अस्पताल की जांच में मानक विहीन मिलने पर दो अस्पतालों को सील किया गया है। नोटिस दिया गया है। डाॅक्टर चंद्रशेखर के आरोप बेबुनियाद हैं। जांच के बाद ही कार्रवाई की गई है।