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Ballia News: ग्राम निधि में गबन के मामले में पूर्व प्रधान और सचिव समेत सात के खिलाफ वारंट
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बलिया। नवानगर ब्लॉक के सिवानकला ग्रामसभा में ग्रामनिधि में गबन से जुड़े पुराने मामले में न्यायालय ने सख्ती दिखाई है। मामले में नामजद पूर्व ग्राम प्रधान, तत्कालीन ग्राम सचिव सहित सात आरोपितों के खिलाफ सीजेएम न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।
सिवानकला ग्रामसभा में वर्ष 2014 के दौरान ग्राम पंचायत के प्रथम खाते से लगभग 29.50 लाख रुपये की निकासी की गई थी। उस समय ग्राम निधि से निकाले गए धन के उपयोग को लेकर ग्रामीणों की ओर से अनियमितता और गड़बड़ी की शिकायत प्रशासन से की गई थी। शिकायत के बाद जिला प्रशासन के स्तर से जांच कराई गई। जांच के दौरान ग्रामनिधि के धन के उपयोग में अनियमितताएं सामने आई थीं। आरोप था कि विकास कार्यों के नाम पर बड़ी राशि निकाली गई, लेकिन कई कार्य धरातल पर नहीं मिले। जांच रिपोर्ट के आधार पर सिकंदरपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
पुलिस ने इस मामले में तत्कालीन ग्राम प्रधान सतेंद्र राजभर, ग्राम सचिव सतीश राम समेत कुल सात लोगों के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और सबूत मिटाने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया, जिसके बाद से मामला न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय में सुनवाई के दौरान आरोपितों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। संबंधित थाना पुलिस को आदेश का अनुपालन करते हुए आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। थाना प्रभारी मूलचंद चौरसिया ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुसार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा।
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सिवानकला ग्रामसभा में वर्ष 2014 के दौरान ग्राम पंचायत के प्रथम खाते से लगभग 29.50 लाख रुपये की निकासी की गई थी। उस समय ग्राम निधि से निकाले गए धन के उपयोग को लेकर ग्रामीणों की ओर से अनियमितता और गड़बड़ी की शिकायत प्रशासन से की गई थी। शिकायत के बाद जिला प्रशासन के स्तर से जांच कराई गई। जांच के दौरान ग्रामनिधि के धन के उपयोग में अनियमितताएं सामने आई थीं। आरोप था कि विकास कार्यों के नाम पर बड़ी राशि निकाली गई, लेकिन कई कार्य धरातल पर नहीं मिले। जांच रिपोर्ट के आधार पर सिकंदरपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
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पुलिस ने इस मामले में तत्कालीन ग्राम प्रधान सतेंद्र राजभर, ग्राम सचिव सतीश राम समेत कुल सात लोगों के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और सबूत मिटाने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया, जिसके बाद से मामला न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय में सुनवाई के दौरान आरोपितों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। संबंधित थाना पुलिस को आदेश का अनुपालन करते हुए आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। थाना प्रभारी मूलचंद चौरसिया ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुसार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा।