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Balrampur News: सोहेलवा जंगल में आग से 10 बीघा क्षेत्र जलकर राख
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 14 Apr 2026 10:45 PM IST
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फोटो-16-बलरामपुर के बालापुर बाजार के पास जंगल में लगी आग।-संवाद
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जरवा। सोहेलवा वन्य जीव प्रभाव रेंज तुलसीपुर के तहत बालापुर बाजार के निकट तुलसीपुर-जरवा मार्ग पर मंगलवार दोपहर करीब एक बजे जंगल में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और सड़क किनारे व जंगल क्षेत्र में फैले छोटे-छोटे हरे पेड़-पौधे, सूखी टहनियां व झाड़ियां जलकर राख हो गईं। इस घटना में लगभग 10 बीघा जंगल प्रभावित हुआ है।
रेंजर अमरजीत प्रसाद ने बताया कि वन कर्मियों की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पा लिया है और स्थिति अब नियंत्रण में है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। साथ ही जंगल में अनाधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है तथा आने-जाने वालों की तलाशी भी ली जा रही है। वन विभाग ने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी है। क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिक पलटूराम थारू ने बताया कि अक्सर शिकारी जंगली जानवरों का शिकार करने के उद्देश्य से जंगल में आग लगा देते हैं। आग लगने से छोटे पौधे और झाड़ियां जल जाती हैं, जिससे जंगल साफ हो जाता है और जंगली जानवर खुले क्षेत्र में आ जाते हैं। ऐसे में शिकारी आसानी से उन्हें निशाना बना लेते हैं। बताया कि आग की घटनाओं के कारण जंगली जानवर रिहायशी इलाकों, नदी और तालाबों की ओर रुख करने लगते हैं, जिससे मानव और वन्यजीव संघर्ष की स्थिति भी उत्पन्न होती है।
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रेंजर अमरजीत प्रसाद ने बताया कि वन कर्मियों की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पा लिया है और स्थिति अब नियंत्रण में है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। साथ ही जंगल में अनाधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है तथा आने-जाने वालों की तलाशी भी ली जा रही है। वन विभाग ने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी है। क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिक पलटूराम थारू ने बताया कि अक्सर शिकारी जंगली जानवरों का शिकार करने के उद्देश्य से जंगल में आग लगा देते हैं। आग लगने से छोटे पौधे और झाड़ियां जल जाती हैं, जिससे जंगल साफ हो जाता है और जंगली जानवर खुले क्षेत्र में आ जाते हैं। ऐसे में शिकारी आसानी से उन्हें निशाना बना लेते हैं। बताया कि आग की घटनाओं के कारण जंगली जानवर रिहायशी इलाकों, नदी और तालाबों की ओर रुख करने लगते हैं, जिससे मानव और वन्यजीव संघर्ष की स्थिति भी उत्पन्न होती है।
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