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Balrampur News: ग्रामीण इलाकों में ईंधन संकट से जूझ रहे किसान
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Mon, 20 Apr 2026 11:45 PM IST
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फोटो-22-बलरामपुर के गोंडा रोड पर डीजल लेने के लिए लगी लोगों की भीड़ ।-संवाद
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बलरामपुर। जिले में पेट्रोल-डीजल की किल्लत अब आम लोगों के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है। खासकर ग्रामीण इलाकों में कई पेट्रोल पंप खाली पड़े हैं, जबकि जहां ईंधन मिल रहा है वहां सुबह से ही लंबी कतारें लग जा रही हैं। तेज धूप में घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी लोगों को निराश लौटना पड़ रहा है।
जिला मुख्यालय के वीर विनय चौराहा स्थित पेट्रोल पंप पर सोमवार सुबह ‘ईंधन नहीं है’ का बोर्ड टंगा मिला। बहराइच मार्ग के पहलवारा पंप पर भी दिनभर सन्नाटा पसरा रहा, जबकि बाहर वाहन चालकों की भीड़ लगी रही। गोंडा मार्ग पर कई किसान डिब्बा और गैलन लेकर लाइन में खड़े दिखे, लेकिन उनकी बारी आने तक स्टॉक खत्म हो जा रहा है। किसान रामलखन यादव ने बताया कि गन्ने की सिंचाई के लिए डीजल नहीं मिल रहा है, खेत सूखने की नौबत आ गई है। शिवपूजन वर्मा ने कहाकि दो-दो दिन से लाइन लगा रहे हैं, फिर भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
व्यापार पर भी दिख रहा असर
ट्रांसपोर्टर रिजवान अली ने कहा कि डीजल नहीं मिलने से गाड़ियां खड़ी हो रही हैं, माल की ढुलाई रुक रही है। दुकानदार मुकेश गुप्ता ने बताया कि सप्लाई बाधित हो रही है, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है।
मांग बढ़ने से आई संकट, खत्म हुआ स्टॉक
जिले में सामान्य तौर पर रोज करीब 92 हजार लीटर पेट्रोल और 1.41 लाख लीटर डीजल की खपत होती है, लेकिन पिछले कुछ दिनों में अचानक मांग बढ़ गई। पेट्रोल की बिक्री 1.55 लाख लीटर और डीजल की 3.11 लाख लीटर तक पहुंच गई, जो सामान्य से कहीं ज्यादा है। इसी कारण कई पंपों पर स्टॉक खत्म हो गया।
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जिला मुख्यालय के वीर विनय चौराहा स्थित पेट्रोल पंप पर सोमवार सुबह ‘ईंधन नहीं है’ का बोर्ड टंगा मिला। बहराइच मार्ग के पहलवारा पंप पर भी दिनभर सन्नाटा पसरा रहा, जबकि बाहर वाहन चालकों की भीड़ लगी रही। गोंडा मार्ग पर कई किसान डिब्बा और गैलन लेकर लाइन में खड़े दिखे, लेकिन उनकी बारी आने तक स्टॉक खत्म हो जा रहा है। किसान रामलखन यादव ने बताया कि गन्ने की सिंचाई के लिए डीजल नहीं मिल रहा है, खेत सूखने की नौबत आ गई है। शिवपूजन वर्मा ने कहाकि दो-दो दिन से लाइन लगा रहे हैं, फिर भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
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ट्रांसपोर्टर रिजवान अली ने कहा कि डीजल नहीं मिलने से गाड़ियां खड़ी हो रही हैं, माल की ढुलाई रुक रही है। दुकानदार मुकेश गुप्ता ने बताया कि सप्लाई बाधित हो रही है, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है।
मांग बढ़ने से आई संकट, खत्म हुआ स्टॉक
जिले में सामान्य तौर पर रोज करीब 92 हजार लीटर पेट्रोल और 1.41 लाख लीटर डीजल की खपत होती है, लेकिन पिछले कुछ दिनों में अचानक मांग बढ़ गई। पेट्रोल की बिक्री 1.55 लाख लीटर और डीजल की 3.11 लाख लीटर तक पहुंच गई, जो सामान्य से कहीं ज्यादा है। इसी कारण कई पंपों पर स्टॉक खत्म हो गया।

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