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Balrampur News: 4.5 लाख ग्रामीणों के समक्ष पेयजल संकट, जवाब दे रहे हैंडपंप
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Thu, 23 Apr 2026 12:04 AM IST
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फोटो-30-बलरामपुर के ग्राम मुबारकपुर में खराब पड़ा हैंडपंप ।-संवाद
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रेहराबाजार। भीषण गर्मी के बीच क्षेत्र में पेयजल संकट गहराने लगा है। तापमान बढ़ने के साथ जल स्तर नीचे जा रहा है, जिससे हैंडपंपों की क्षमता प्रभावित हो रही है। हालात यह हैं कि कई गांवों में लोगों को शुद्ध पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है। जलजीवन मिशन के तहत निर्माणाधीन पानी की टंकी अभी तक अधूरी है, जिससे उससे आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।
विकास खंड के 81 ग्राम पंचायतों में करीब साढ़े चार लाख की आबादी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 3671 इंडिया मार्का हैंडपंप लगाए गए हैं, लेकिन इनमें से 245 हैंडपंप रिबोर की स्थिति में हैं, जबकि 202 पूरी तरह खराब पड़े हैं। इससे ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है। ग्रामीण रव्वाब अली ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ कई हैंडपंप खराब हो गए हैं, जिससे लोगों को शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है। रामसूरत ने कहा कि निजी नलों का जल स्तर भी लगातार गिर रहा है, जिससे पानी की उपलब्धता कम होती जा रही है। समयदीन ने बताया कि जलजीवन मिशन के तहत बनने वाली पानी की टंकी अभी तक अधूरी है, यदि यह चालू हो जाए तो काफी हद तक समस्या का समाधान हो सकता है। राहुल ने प्रशासन से मांग की है कि खराब पड़े हैंडपंपों की जल्द मरम्मत कराई जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर लोग दूर-दूर से पानी लाने को मजबूर हैं।
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विकास खंड के 81 ग्राम पंचायतों में करीब साढ़े चार लाख की आबादी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 3671 इंडिया मार्का हैंडपंप लगाए गए हैं, लेकिन इनमें से 245 हैंडपंप रिबोर की स्थिति में हैं, जबकि 202 पूरी तरह खराब पड़े हैं। इससे ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है। ग्रामीण रव्वाब अली ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ कई हैंडपंप खराब हो गए हैं, जिससे लोगों को शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है। रामसूरत ने कहा कि निजी नलों का जल स्तर भी लगातार गिर रहा है, जिससे पानी की उपलब्धता कम होती जा रही है। समयदीन ने बताया कि जलजीवन मिशन के तहत बनने वाली पानी की टंकी अभी तक अधूरी है, यदि यह चालू हो जाए तो काफी हद तक समस्या का समाधान हो सकता है। राहुल ने प्रशासन से मांग की है कि खराब पड़े हैंडपंपों की जल्द मरम्मत कराई जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर लोग दूर-दूर से पानी लाने को मजबूर हैं।
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