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Balrampur News: छांगुर ने ईदुल इस्लाम से हाथ मिलाने के बाद तेज किया था अवैध धर्मांतरण
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बलरामपुर के मधपुर में स्थित छांगुर का मकान।-संवाद
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बलरामपुर। हिंदू युवतियों और महिलाओं के अवैध धर्मांतरण व राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के आरोपी जमालुद्दीन उर्फ छांगुर पीर एक बार फिर चर्चा में है। आतंकवाद निराेधक दस्ता (एटीएस) ने लंबे इंतजार के बाद छांगुर के सियासी गुरु ईदुल इस्लाम को शनिवार को नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद छांगुर प्रकरण से जुड़े गुमनाम लोगों की धड़कन भी तेज हो गई है। माना जा रहा है कि ईदुल के पास कई प्रमुख लोगों का कच्चा चिट्ठा है, जो एटीएस की जांच के दायरे को बढ़ा सकता है।
जांच एजेंसियों के अनुसार नागपुर के ईदुल इस्लाम और उतरौला के मधपुर निवासी छांगुर के संबंध काफी पुराने हैं। वर्ष 2023 में ईदुल ने छांगुर के अवैध धर्मांतरण के काम पर पर्दा डालने के लिए अपने संगठन भारत प्रतीकार्थ सेवा संघ का अवध प्रांत प्रमुख नियुक्त कर दिया था। संघ के महासचिव की हैसियत से ईदुल ने नियुक्ति पत्र जारी किया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फोटो का भी उपयोग किया गया। यही नहीं, नियुक्ति पत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम का इस्तेमाल करते हुए छांगुर को संदेश भी दिया।
नियुक्ति पत्र की प्रतिलिपि देवीपाटन मंडल के डीआईजी को भी भेजी। इसी नियुक्ति के बाद छांगुर ने अपना कद बढ़ाना शुरू किया और प्रशासन में भी पैठ बनाई। छांगुर को स्थापित करने के लिए ईदुल इस्लाम ने फंडिंग भी मुहैया कराई। छांगुर को कई प्रमुख संघों के पदाधिकारियों से मिलवाया और अधिकारियों के बीच पैठ भी कराई। इसके बाद छांगुर ने अपनी अवैध गतिविधियों को तेज किया। देवीपाटन मंडल से निकलकर पूरे पूर्वांचल में सक्रिय हुआ।
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नागपुर का है रहने वाला, दर्ज हैं गंभीर मामले
एटीएस के अनुसार ईदुल इस्लाम नागपुर के आसी नगर का रहने वाला है। उसके खिलाफ 121A (देशद्रोह की साजिश), धारा 153A (सांप्रदायिक विद्वेष फैलाना), धोखाधड़ी व आपराधिक साजिश और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम-2021 के तहत कार्रवाई की गई है। एटीएस को लंबे समय से ईदुल की तलाश थी, जिसमें शनिवार को सफलता मिली।
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जांच एजेंसियों के अनुसार नागपुर के ईदुल इस्लाम और उतरौला के मधपुर निवासी छांगुर के संबंध काफी पुराने हैं। वर्ष 2023 में ईदुल ने छांगुर के अवैध धर्मांतरण के काम पर पर्दा डालने के लिए अपने संगठन भारत प्रतीकार्थ सेवा संघ का अवध प्रांत प्रमुख नियुक्त कर दिया था। संघ के महासचिव की हैसियत से ईदुल ने नियुक्ति पत्र जारी किया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फोटो का भी उपयोग किया गया। यही नहीं, नियुक्ति पत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम का इस्तेमाल करते हुए छांगुर को संदेश भी दिया।
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नियुक्ति पत्र की प्रतिलिपि देवीपाटन मंडल के डीआईजी को भी भेजी। इसी नियुक्ति के बाद छांगुर ने अपना कद बढ़ाना शुरू किया और प्रशासन में भी पैठ बनाई। छांगुर को स्थापित करने के लिए ईदुल इस्लाम ने फंडिंग भी मुहैया कराई। छांगुर को कई प्रमुख संघों के पदाधिकारियों से मिलवाया और अधिकारियों के बीच पैठ भी कराई। इसके बाद छांगुर ने अपनी अवैध गतिविधियों को तेज किया। देवीपाटन मंडल से निकलकर पूरे पूर्वांचल में सक्रिय हुआ।
नागपुर का है रहने वाला, दर्ज हैं गंभीर मामले
एटीएस के अनुसार ईदुल इस्लाम नागपुर के आसी नगर का रहने वाला है। उसके खिलाफ 121A (देशद्रोह की साजिश), धारा 153A (सांप्रदायिक विद्वेष फैलाना), धोखाधड़ी व आपराधिक साजिश और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम-2021 के तहत कार्रवाई की गई है। एटीएस को लंबे समय से ईदुल की तलाश थी, जिसमें शनिवार को सफलता मिली।
