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Balrampur News: बाल अखबार में बच्चों ने बताए संचारी रोगों से बचाव के उपाय
Sat, 08 Aug 2026 10:41 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 08 Aug 2026 10:41 PM IST
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बलरामपुर। सदर शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय कोइलिहा में शनिवार को बच्चों ने संचारी रोगों के प्रति लोगों को जागरूक करने की अनोखी पहल की। विद्यार्थियों ने ‘बाल अखबार’ का संचारी रोग विशेषांक तैयार किया। इसमें वर्षा ऋतु में फैलने वाले संचारी रोगों के कारण, लक्षण, बचाव और रोकथाम के उपायों को सरल भाषा और चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
विशेषांक तैयार करने में अंशिका, ज्योति, वंशिका गुप्ता, अंश, दिशा, सरोजिनी, नंदलाल और आराध्या समेत अन्य बच्चों ने सक्रिय सहभागिता की। ज्योति ने ‘संचारी रोग क्या होता है’ विषय पर जानकारी दी। आराध्या ने चित्रों के माध्यम से हाथ धोने की सही विधि समझाई। अंश गुप्ता ने रोगों से बचाव के उपाय बताए, जबकि अंशिका ने ‘संचारी रोगों से लड़ना है, जीवन में स्वस्थ रहना है’ नारा दिया। समर ने दिमागी बुखार के लक्षण, कारण और बचाव पर लेख लिखा।
बच्चों ने स्वच्छता बनाए रखने, सुरक्षित पेयजल का प्रयोग करने और जलभराव रोकने का संदेश भी दिया। उन्होंने बताया कि आसपास साफ-सफाई रखने और सावधानी बरतने से संचारी रोगों के प्रसार को काफी हद तक रोका जा सकता है।
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प्रधानाध्यापक ब्रजेश कुमार द्विवेदी ने बच्चों के प्रयास की सराहना की। उन्होंने संचारी रोगों और दिमागी बुखार से बचाव के उपायों की जानकारी दी। कहा कि रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चे खुद सीखने के साथ ही समाज में स्वास्थ्य संबंधी संदेश पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
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विशेषांक तैयार करने में अंशिका, ज्योति, वंशिका गुप्ता, अंश, दिशा, सरोजिनी, नंदलाल और आराध्या समेत अन्य बच्चों ने सक्रिय सहभागिता की। ज्योति ने ‘संचारी रोग क्या होता है’ विषय पर जानकारी दी। आराध्या ने चित्रों के माध्यम से हाथ धोने की सही विधि समझाई। अंश गुप्ता ने रोगों से बचाव के उपाय बताए, जबकि अंशिका ने ‘संचारी रोगों से लड़ना है, जीवन में स्वस्थ रहना है’ नारा दिया। समर ने दिमागी बुखार के लक्षण, कारण और बचाव पर लेख लिखा।
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बच्चों ने स्वच्छता बनाए रखने, सुरक्षित पेयजल का प्रयोग करने और जलभराव रोकने का संदेश भी दिया। उन्होंने बताया कि आसपास साफ-सफाई रखने और सावधानी बरतने से संचारी रोगों के प्रसार को काफी हद तक रोका जा सकता है।
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प्रधानाध्यापक ब्रजेश कुमार द्विवेदी ने बच्चों के प्रयास की सराहना की। उन्होंने संचारी रोगों और दिमागी बुखार से बचाव के उपायों की जानकारी दी। कहा कि रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चे खुद सीखने के साथ ही समाज में स्वास्थ्य संबंधी संदेश पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।