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Balrampur News: एफएलएन प्रशिक्षण में गतिविधि आधारित शिक्षण पर जोर
Sat, 08 Aug 2026 10:49 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 08 Aug 2026 10:49 PM IST
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फोटो-17-बलरामपुर के डायट में शिक्षकों को दिया जा रहा प्रमाण पत्र ।-स्रोत: विभाग
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बलरामपुर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में आयोजित पांच दिवसीय एफएलएन प्रशिक्षण का शनिवार को समापन हुआ। प्रशिक्षण में निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों, रणनीतियों और प्रभावी शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं की जानकारी देते हुए बच्चों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक दक्षता विकसित करने पर जोर दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों पर आधारित शिक्षण पद्धतियों, लर्निंग आउटकम, कंपटेंसी गोल्स, टीकेएस और नॉलेज ऑफ इंडिया सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों को पाठ्यपुस्तकों के अध्यायवार अभ्यासों को कक्षा-कक्ष की गतिविधियों से जोड़कर बच्चों के सीखने को प्रभावी बनाने के तरीके बताए गए।
गणित विषय में गणित मेला, गणितीय कहानियां, पैटर्न निर्माण, गतिविधि आधारित शिक्षण, ब्रेनस्टॉर्मिंग और रोल प्ले के माध्यम से अवधारणाओं को सरल एवं रुचिकर बनाने का अभ्यास कराया गया। वहीं, अंग्रेजी विषय में माई ब्यूटीफुल वर्ल्ड और फन विद गेम्स जैसे पाठों के माध्यम से थीम कंटेंट एवं लर्निंग आउटकम को गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया गया।
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समापन अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विकास चंद्र श्रीवास्तव ने स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यालयों में स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ विद्यालय और सकारात्मक वातावरण बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने में सहायक होते हैं। इसके बाद उन्होंने प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र वितरित किए।
प्रशिक्षणार्थियों ने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं तकनीकों को विद्यालयों में प्रभावी ढंग से लागू कर निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों की प्राप्ति में योगदान देने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर प्रशिक्षक नवीन कुमार सिंह, एसआरजी महमूदुल हक, डायट प्रवक्ता पवन वर्मा, चंद्रमणि मिश्रा, वेद प्रकाश चौरसिया, सपना वर्धन, डॉ. त्रिपुरारी पूजन, जिला प्रशिक्षण प्रभारी अंकित तिवारी, आलोक कुमार शर्मा, प्रतिमा सिंह, अखिलेश शुक्ला, श्रीराम, निर्भय सिंह और निर्मल कुमार द्विवेदी सहित तमाम शिक्षक मौजूद रहे।
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प्रशिक्षण के दौरान एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों पर आधारित शिक्षण पद्धतियों, लर्निंग आउटकम, कंपटेंसी गोल्स, टीकेएस और नॉलेज ऑफ इंडिया सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों को पाठ्यपुस्तकों के अध्यायवार अभ्यासों को कक्षा-कक्ष की गतिविधियों से जोड़कर बच्चों के सीखने को प्रभावी बनाने के तरीके बताए गए।
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गणित विषय में गणित मेला, गणितीय कहानियां, पैटर्न निर्माण, गतिविधि आधारित शिक्षण, ब्रेनस्टॉर्मिंग और रोल प्ले के माध्यम से अवधारणाओं को सरल एवं रुचिकर बनाने का अभ्यास कराया गया। वहीं, अंग्रेजी विषय में माई ब्यूटीफुल वर्ल्ड और फन विद गेम्स जैसे पाठों के माध्यम से थीम कंटेंट एवं लर्निंग आउटकम को गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया गया।
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समापन अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विकास चंद्र श्रीवास्तव ने स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यालयों में स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ विद्यालय और सकारात्मक वातावरण बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने में सहायक होते हैं। इसके बाद उन्होंने प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र वितरित किए।
प्रशिक्षणार्थियों ने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं तकनीकों को विद्यालयों में प्रभावी ढंग से लागू कर निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों की प्राप्ति में योगदान देने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर प्रशिक्षक नवीन कुमार सिंह, एसआरजी महमूदुल हक, डायट प्रवक्ता पवन वर्मा, चंद्रमणि मिश्रा, वेद प्रकाश चौरसिया, सपना वर्धन, डॉ. त्रिपुरारी पूजन, जिला प्रशिक्षण प्रभारी अंकित तिवारी, आलोक कुमार शर्मा, प्रतिमा सिंह, अखिलेश शुक्ला, श्रीराम, निर्भय सिंह और निर्मल कुमार द्विवेदी सहित तमाम शिक्षक मौजूद रहे।