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Balrampur News: संदिग्ध हालात में बुजुर्ग की मौत, हत्या का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 10 Mar 2026 11:30 PM IST
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महराजगंज तराई। ग्राम भूडकुडहा में संदिग्ध हालात में 65 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। मृतक की भतीजी ने गांव के चार लोगों पर संपत्ति के लालच में हत्या करने का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर मामले की जांच करने में जुटी है।
ग्राम भूडकुडहा निवासी नीता देवी ने बताया कि उनके चाचा बहादुर (65) पिछले कई वर्षों से उनके साथ रह रहे थे। आरोप है कि नौ मार्च की रात करीब आठ बजे गांव के ही कुछ लोगों ने बहादुर को घर और संपत्ति हड़पने की नीयत से जान से मारने की धमकी दी थी। धमकी मिलने के बाद चाचा कुछ समय के लिए उनके घर आ गए थे, लेकिन बाद में फिर अपने घर चले गए।
आरोप लगाया कि इसके बाद विपक्षी लोगों ने मिलकर चाचा बहादुर की हत्या कर दी। मंगलवार सुबह जब उनकी मौत की जानकारी मिली तो परिवार में कोहराम मच गया। प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार तिवारी ने बताया कि मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर तय होगी।
संपत्ति विवाद को लेकर हुई थी कहासुनी
बहादुर 40 साल पहले वह नेपाल से यहां आकर रहने लगे थे। उन्होंने शादी नहीं की थी। वह यहां पर एक टिन शेड में रहते थे। गांव में बुजुर्ग बहादुर की संपत्ति को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। बहादुर के पास पुश्तैनी मकान ही बचा था। खेत उन्होंने पहले ही गांव के अमरनाथ को दे दिया था। परिजनों का आरोप है कि संपत्ति को लेकर कई बार बहादुर को धमकियां भी दी गई थीं। ग्रामीणों का कहना है कि घटना से एक दिन पहले भी बहादुर और विपक्षी पक्ष के बीच कहासुनी हुई थी, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया था। इसके अगले ही दिन उनकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई
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ग्राम भूडकुडहा निवासी नीता देवी ने बताया कि उनके चाचा बहादुर (65) पिछले कई वर्षों से उनके साथ रह रहे थे। आरोप है कि नौ मार्च की रात करीब आठ बजे गांव के ही कुछ लोगों ने बहादुर को घर और संपत्ति हड़पने की नीयत से जान से मारने की धमकी दी थी। धमकी मिलने के बाद चाचा कुछ समय के लिए उनके घर आ गए थे, लेकिन बाद में फिर अपने घर चले गए।
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आरोप लगाया कि इसके बाद विपक्षी लोगों ने मिलकर चाचा बहादुर की हत्या कर दी। मंगलवार सुबह जब उनकी मौत की जानकारी मिली तो परिवार में कोहराम मच गया। प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार तिवारी ने बताया कि मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर तय होगी।
संपत्ति विवाद को लेकर हुई थी कहासुनी
बहादुर 40 साल पहले वह नेपाल से यहां आकर रहने लगे थे। उन्होंने शादी नहीं की थी। वह यहां पर एक टिन शेड में रहते थे। गांव में बुजुर्ग बहादुर की संपत्ति को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। बहादुर के पास पुश्तैनी मकान ही बचा था। खेत उन्होंने पहले ही गांव के अमरनाथ को दे दिया था। परिजनों का आरोप है कि संपत्ति को लेकर कई बार बहादुर को धमकियां भी दी गई थीं। ग्रामीणों का कहना है कि घटना से एक दिन पहले भी बहादुर और विपक्षी पक्ष के बीच कहासुनी हुई थी, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया था। इसके अगले ही दिन उनकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई