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Balrampur News: गोबर से बनेगी ऊर्जा, गांव की होगी आमदनी
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बलरामपुर के इटईरामपुर में बना बायोगैस प्लांट ।-संवाद
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बलरामपुर। ग्रामीण स्वच्छता, ऊर्जा उत्पादन और आत्मनिर्भर पंचायत की दिशा में जनपद में एक और अहम पहल शुरू की गई है। गोवर्धन योजना के तहत विकास खंड गैड़ास बुजुर्ग की ग्राम पंचायत इटईरामपुर में 24 लाख रुपये से 45 घनमीटर क्षमता का बायोगैस प्लांट स्थापित किया गया है। इस प्लांट से न केवल गोबर का निस्तारण होगा, बल्कि गांव को बिजली, गैस और अतिरिक्त आय का स्थायी स्रोत भी मिलेगा।
बायोगैस प्लांट से उत्पादित गैस का उपयोग गांव की प्रमुख परियोजनाओं को रोशन करने में किया जाएगा। इसमें गोशाला, मॉडल शॉप, आरओ आरओसी सेंटर और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। प्लांट से उत्पन्न बिजली से गोशाला में सिंगल फेज मोटर से चारा कटर और पानी की व्यवस्था भी की जा सकेगी। साथ ही मॉडल शॉप में बल्ब, पंखे और अन्य विद्युत उपकरण संचालित किए जाएंगे। जिला समन्वयक नित्यानंद गुप्ता ने बताया कि गोवर्धन योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में अपशिष्ट को संसाधन में बदलना है। बायोगैस प्लांट से निकलने वाली बायोस्लरी का उपयोग जैविक खाद के रूप में किया जाएगा, जिससे किसानों को लाभ मिलेगा और खेती की लागत कम होगी। भविष्य में बायोगैस की बिक्री से ग्राम पंचायत को अतिरिक्त आय भी प्राप्त होगी।
पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
बायोगैस प्लांट से गांव में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। खुले में गोबर फेंकने की समस्या खत्म होगी और पंचायत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा सकेगा। प्लांट के संचालन के लिए स्थानीय स्तर पर केयरटेकर की व्यवस्था की जाएगी, जिससे रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
- श्रेया उपाध्याय, जिला पंचायत राज अधिकारी
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बायोगैस प्लांट से उत्पादित गैस का उपयोग गांव की प्रमुख परियोजनाओं को रोशन करने में किया जाएगा। इसमें गोशाला, मॉडल शॉप, आरओ आरओसी सेंटर और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। प्लांट से उत्पन्न बिजली से गोशाला में सिंगल फेज मोटर से चारा कटर और पानी की व्यवस्था भी की जा सकेगी। साथ ही मॉडल शॉप में बल्ब, पंखे और अन्य विद्युत उपकरण संचालित किए जाएंगे। जिला समन्वयक नित्यानंद गुप्ता ने बताया कि गोवर्धन योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में अपशिष्ट को संसाधन में बदलना है। बायोगैस प्लांट से निकलने वाली बायोस्लरी का उपयोग जैविक खाद के रूप में किया जाएगा, जिससे किसानों को लाभ मिलेगा और खेती की लागत कम होगी। भविष्य में बायोगैस की बिक्री से ग्राम पंचायत को अतिरिक्त आय भी प्राप्त होगी।
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पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
बायोगैस प्लांट से गांव में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। खुले में गोबर फेंकने की समस्या खत्म होगी और पंचायत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा सकेगा। प्लांट के संचालन के लिए स्थानीय स्तर पर केयरटेकर की व्यवस्था की जाएगी, जिससे रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
- श्रेया उपाध्याय, जिला पंचायत राज अधिकारी
