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Balrampur News: स्वयं सहायता समूह की महिलाएं ड्रोन से करेंगी आमदनी
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Thu, 05 Feb 2026 11:15 PM IST
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ड्रोन कैमरे से गेहूं के खेत में किट नाशक का छिड़काव करती महिला ।-स्रोत : इंटरनेट
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बलरामपुर। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में जिले में ड्रोन दीदी योजना के तहत बड़ा कदम उठाया गया है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अब ड्रोन के जरिये आमदनी करेंगी। जिले में कुल 29 ड्रोन संचालित किए जाएंगे, जिन्हें किराये पर देकर महिलाएं रोजगार अर्जित करेंगी, वहीं किसानों को कम लागत में आधुनिक खेती की सुविधा मिलेगी।
जिले में वर्तमान में क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) के माध्यम से छह ड्रोन का संचालन किया जा रहा है। अब 23 नए ड्रोन सीएलएफ की ओर से खरीदे जाएंगे। इन सभी ड्रोन का संचालन स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी प्रशिक्षित महिलाओं द्वारा किया जाएगा, जिन्हें ड्रोन दीदी के तौर पर तैयार किया जा रहा है। ड्रोन का उपयोग आधुनिक खेती में कीटनाशक और उर्वरक के छिड़काव के लिए किया जाएगा। गन्ना, सरसों, गेहूं, सब्जी सहित अन्य फसलों में ड्रोन से छिड़काव करने से समय और श्रम की बचत होगी, साथ ही खेतों में दवा का समान छिड़काव संभव होगा, जिससे फसल उत्पादन बढ़ने की संभावना है।
जिला मिशन प्रबंधक अखिलेश मौर्या ने बताया कि ड्रोन दीदी योजना के तहत महिलाओं को ड्रोन संचालन का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा और उन्हें मानदेय भी प्रदान किया जाएगा। इससे स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को तकनीकी दक्षता के साथ नियमित आय का साधन मिलेगा। (संवाद)
ड्रोन दीदी बनने का मौका
ड्रोन दीदी योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अपने क्षेत्र की क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) में आवेदन कर सकती हैं। आवेदन करने वाली महिलाओं का चयन निर्धारित मापदंडों के आधार पर किया जाएगा। चयनित महिलाओं को ड्रोन संचालन, रखरखाव और सुरक्षा से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिलाओं को ड्रोन सौंपे जाएंगे, जिन्हें वे किसानों को किराए पर देकर आय अर्जित कर सकेंगी। योजना के तहत ड्रोन दीदी को मानदेय भी प्रदान किए जाने का प्रावधान है।
ड्रोन तकनीक से खेती को आधुनिक बनाया जा रहा है। इससे किसानों को समय पर सेवा मिलेगी और ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
हिमांशु गुप्ता, मुख्य विकास अधिकारी बलरामपुर
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जिले में वर्तमान में क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) के माध्यम से छह ड्रोन का संचालन किया जा रहा है। अब 23 नए ड्रोन सीएलएफ की ओर से खरीदे जाएंगे। इन सभी ड्रोन का संचालन स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी प्रशिक्षित महिलाओं द्वारा किया जाएगा, जिन्हें ड्रोन दीदी के तौर पर तैयार किया जा रहा है। ड्रोन का उपयोग आधुनिक खेती में कीटनाशक और उर्वरक के छिड़काव के लिए किया जाएगा। गन्ना, सरसों, गेहूं, सब्जी सहित अन्य फसलों में ड्रोन से छिड़काव करने से समय और श्रम की बचत होगी, साथ ही खेतों में दवा का समान छिड़काव संभव होगा, जिससे फसल उत्पादन बढ़ने की संभावना है।
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जिला मिशन प्रबंधक अखिलेश मौर्या ने बताया कि ड्रोन दीदी योजना के तहत महिलाओं को ड्रोन संचालन का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा और उन्हें मानदेय भी प्रदान किया जाएगा। इससे स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को तकनीकी दक्षता के साथ नियमित आय का साधन मिलेगा। (संवाद)
ड्रोन दीदी बनने का मौका
ड्रोन दीदी योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अपने क्षेत्र की क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) में आवेदन कर सकती हैं। आवेदन करने वाली महिलाओं का चयन निर्धारित मापदंडों के आधार पर किया जाएगा। चयनित महिलाओं को ड्रोन संचालन, रखरखाव और सुरक्षा से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिलाओं को ड्रोन सौंपे जाएंगे, जिन्हें वे किसानों को किराए पर देकर आय अर्जित कर सकेंगी। योजना के तहत ड्रोन दीदी को मानदेय भी प्रदान किए जाने का प्रावधान है।
ड्रोन तकनीक से खेती को आधुनिक बनाया जा रहा है। इससे किसानों को समय पर सेवा मिलेगी और ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
हिमांशु गुप्ता, मुख्य विकास अधिकारी बलरामपुर
