{"_id":"69de7513c149c1e23607bb18","slug":"land-not-found-even-after-two-years-construction-of-court-building-stalled-balrampur-news-c-99-1-brp1010-146318-2026-04-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: दो साल बाद भी नहीं मिली जमीन, न्यायालय भवन का निर्माण अटका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: दो साल बाद भी नहीं मिली जमीन, न्यायालय भवन का निर्माण अटका
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 14 Apr 2026 10:40 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
उतरौला। न्यायालय भवन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया दो वर्ष बीत जाने के बाद भी पूरी नहीं हो सकी है, जिससे अधिवक्ताओं में गहरा रोष व्याप्त है। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने इस देरी के लिए तहसील प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की है।
उतरौला बाह्य न्यायालय में वर्तमान समय में सिविल जज जूनियर डिवीजन और अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन के दो न्यायालय संचालित हो रहे हैं। इन दोनों न्यायालयों में लगभग 25 हजार से अधिक मुकदमे लंबित हैं, जिसके कारण न्यायिक कार्यों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्तमान में अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन का न्यायालय अधिवक्ता संघ भवन में संचालित किया जा रहा है, जिससे कार्य व्यवस्था प्रभावित हो रही है। एक ही परिसर में दो न्यायालयों के संचालन के कारण पत्रावलियों के रखरखाव, अभिलेखों की सुरक्षा तथा कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थाओं में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
तीन बार हुआ भूमि निरीक्षण, पर नहीं भेजा प्रस्ताव
अधिवक्ताओं के अनुसार न्यायालय भवन निर्माण के लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा अब तक तीन बार भूमि का निरीक्षण किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद अब तक किसी भी भूमि के अधिग्रहण के लिए शासन स्तर पर प्रस्ताव नहीं भेजा गया है। अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने तहसील प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि न्यायालय भवन के लिए शीघ्र भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव शासन को भेजा जाए, ताकि न्यायालय भवन निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो सके। कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो अधिवक्ता आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस संबंध में उपजिलाधिकारी अभय सिंह ने बताया कि न्यायालय के लिए तीन जगह जमीनें देखी गईं हैं। इसको खरीदने के लिए किसानों से बात चल रही है। शासन को शीघ्र ही प्रस्ताव भेजा जाएगा।
Trending Videos
उतरौला बाह्य न्यायालय में वर्तमान समय में सिविल जज जूनियर डिवीजन और अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन के दो न्यायालय संचालित हो रहे हैं। इन दोनों न्यायालयों में लगभग 25 हजार से अधिक मुकदमे लंबित हैं, जिसके कारण न्यायिक कार्यों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्तमान में अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन का न्यायालय अधिवक्ता संघ भवन में संचालित किया जा रहा है, जिससे कार्य व्यवस्था प्रभावित हो रही है। एक ही परिसर में दो न्यायालयों के संचालन के कारण पत्रावलियों के रखरखाव, अभिलेखों की सुरक्षा तथा कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थाओं में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
तीन बार हुआ भूमि निरीक्षण, पर नहीं भेजा प्रस्ताव
अधिवक्ताओं के अनुसार न्यायालय भवन निर्माण के लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा अब तक तीन बार भूमि का निरीक्षण किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद अब तक किसी भी भूमि के अधिग्रहण के लिए शासन स्तर पर प्रस्ताव नहीं भेजा गया है। अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने तहसील प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि न्यायालय भवन के लिए शीघ्र भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव शासन को भेजा जाए, ताकि न्यायालय भवन निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो सके। कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो अधिवक्ता आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस संबंध में उपजिलाधिकारी अभय सिंह ने बताया कि न्यायालय के लिए तीन जगह जमीनें देखी गईं हैं। इसको खरीदने के लिए किसानों से बात चल रही है। शासन को शीघ्र ही प्रस्ताव भेजा जाएगा।
