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Balrampur News: कटान की जद में लौकी कला प्राथमिक विद्यालय
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 21 Jun 2026 11:05 PM IST
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फोटो-25-बलरामपुर में कटान की जद में लौकी कला प्राथमिक विद्यालय।-संवाद
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हरैया सतघरवा। लौकी कला गांव में धोबैनिया पहाड़ी नाले का कटान लगातार विकराल रूप लेता जा रहा है। हालात यह है कि प्राथमिक विद्यालय लौकी कला (नवीन) अब नाले के कटान स्थल से महज करीब 30 फीट की दूरी पर रह गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बरसात के दौरान नाले का बहाव बढ़ा तो विद्यालय भवन कटान की जद में आकर नाले में समाहित हो सकता है।
ग्रामीण गिरधारीलाल यादव, भगवान दीन, नंदलाल, अमेरिका प्रसाद, रामफेरे, कल्लू, अयोध्या प्रसाद, ननके, बुधई, मिट्ठूलाल, संतोष कुमार और ईशा शरण ने बताया कि धोबैनिया पहाड़ी नाले के लगातार कटान से गांव की लगभग 20 एकड़ कृषि योग्य भूमि नाले में समाहित हो चुकी है। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
कटान के चलते कई परिवारों के मकान भी नाले में बह चुके हैं। प्रभावित परिवारों ने गांव छोड़कर सड़क किनारे अपने नए आशियाने बनाए, लेकिन अब वे मकान भी कटान के खतरे की जद में पहुंच गए हैं। इससे लोगों के सामने दोबारा विस्थापन का संकट खड़ा हो गया है। -संवाद
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हर साल होती है खानापूर्ति, नहीं मिला स्थायी समाधान
ग्रामीण रामजागे, जमुना प्रसाद पांडेय, ननकू व नानबाबू का आरोप है कि बाढ़ और कटान की समस्या वर्षों पुरानी है, लेकिन जिम्मेदार विभाग स्थायी समाधान निकालने के बजाय केवल औपचारिकताएं पूरी करता है। जब भी बाढ़ का खतरा बढ़ता है, तब कुछ बोरियों में मिट्टी भरकर कटान रोकने का प्रयास दिखाया जाता है और कागजी कार्रवाई पूरी कर ली जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष नाले की धारा मोड़ने के लिए जेसीबी मशीन लगाई गई थी, लेकिन थोड़ी देर काम करने के बाद मशीन हटा ली गई और कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। इसके बाद कटान रोकने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
शासन-प्रशासन से कई बार लगाई गुहार
ग्रामीण दुखीराम, पांचू प्रसाद व बेकारू प्रसाद का कहना है कि कटान रोकने और विद्यालय की सुरक्षा के लिए कई बार शासन और प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिणामस्वरूप नाला लगातार आबादी और सार्वजनिक संपत्तियों की ओर बढ़ता जा रहा है। बरसात शुरू होने से पहले प्रभावी कटानरोधी कार्य नहीं कराया गया तो प्राथमिक विद्यालय लौकी कला के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो जाएगा। साथ ही आसपास के घरों और कृषि भूमि को भी भारी नुकसान पहुंच सकता है।
बच्चों की पढ़ाई पर भी मंडरा रहा खतरा
लौकी कला प्राथमिक विद्यालय क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कटान जारी रहा और विद्यालय प्रभावित हुआ तो सैकड़ों बच्चों की पढ़ाई बाधित हो जाएगी। अभिभावकों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा कार्य कराने और विद्यालय को कटान से बचाने की मांग की है।
ग्रामीण गिरधारीलाल यादव, भगवान दीन, नंदलाल, अमेरिका प्रसाद, रामफेरे, कल्लू, अयोध्या प्रसाद, ननके, बुधई, मिट्ठूलाल, संतोष कुमार और ईशा शरण ने बताया कि धोबैनिया पहाड़ी नाले के लगातार कटान से गांव की लगभग 20 एकड़ कृषि योग्य भूमि नाले में समाहित हो चुकी है। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
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कटान के चलते कई परिवारों के मकान भी नाले में बह चुके हैं। प्रभावित परिवारों ने गांव छोड़कर सड़क किनारे अपने नए आशियाने बनाए, लेकिन अब वे मकान भी कटान के खतरे की जद में पहुंच गए हैं। इससे लोगों के सामने दोबारा विस्थापन का संकट खड़ा हो गया है। -संवाद
हर साल होती है खानापूर्ति, नहीं मिला स्थायी समाधान
ग्रामीण रामजागे, जमुना प्रसाद पांडेय, ननकू व नानबाबू का आरोप है कि बाढ़ और कटान की समस्या वर्षों पुरानी है, लेकिन जिम्मेदार विभाग स्थायी समाधान निकालने के बजाय केवल औपचारिकताएं पूरी करता है। जब भी बाढ़ का खतरा बढ़ता है, तब कुछ बोरियों में मिट्टी भरकर कटान रोकने का प्रयास दिखाया जाता है और कागजी कार्रवाई पूरी कर ली जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष नाले की धारा मोड़ने के लिए जेसीबी मशीन लगाई गई थी, लेकिन थोड़ी देर काम करने के बाद मशीन हटा ली गई और कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। इसके बाद कटान रोकने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
शासन-प्रशासन से कई बार लगाई गुहार
ग्रामीण दुखीराम, पांचू प्रसाद व बेकारू प्रसाद का कहना है कि कटान रोकने और विद्यालय की सुरक्षा के लिए कई बार शासन और प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिणामस्वरूप नाला लगातार आबादी और सार्वजनिक संपत्तियों की ओर बढ़ता जा रहा है। बरसात शुरू होने से पहले प्रभावी कटानरोधी कार्य नहीं कराया गया तो प्राथमिक विद्यालय लौकी कला के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो जाएगा। साथ ही आसपास के घरों और कृषि भूमि को भी भारी नुकसान पहुंच सकता है।
बच्चों की पढ़ाई पर भी मंडरा रहा खतरा
लौकी कला प्राथमिक विद्यालय क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कटान जारी रहा और विद्यालय प्रभावित हुआ तो सैकड़ों बच्चों की पढ़ाई बाधित हो जाएगी। अभिभावकों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा कार्य कराने और विद्यालय को कटान से बचाने की मांग की है।