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Balrampur News: मीठी गोलियों ने बेहतर बनाया कई बीमारियों का इलाज

संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर Updated Fri, 10 Apr 2026 01:12 AM IST
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Lozenges have improved the treatment of many diseases
जिला होम्योपैथी चिकित्सालय में मरीज देखते चिकित्सक।
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बलरामपुर। होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति अब असाध्य बीमारियों में भी मददगार साबित हो रही है। जो बीमारी एलोपैथ के इलाज में सर्जरी से ठीक होती हैं, उनके इलाज में भी होम्योपैथ की मीठी गोलियां काफी असरदार साबित हो रही हैं। नियमित उपचार व मीठी गोलियों के सेवन से चेहरों पर दाग-धब्बे, बाल झड़ने, गंजापन, यूरिन लीकेज व बिना चीड़फाड़ के मस्से की समस्या से मरीजों को छुटकारा मिल रहा है। इसके चलते ही अब लोगों का मोह एलोपैथी की महंगी दवाओं व इंजेक्शन से भंग होकर होम्योपैथी की मीठी गोलियों व चंद बूंदों की तरफ बढ़ा है। (संवाद)
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बिना ऑपरेशन के दूर हुआ मस्सा
होम्योपैथ की मीठी गोलियां बिना चीड़फाड़ व ऑपरेशन के बड़े से बड़े मस्से को गायब कर देती हैं। जिला होम्योपैथी चिकित्सालय में ऐसे 10 से अधिक मरीज हैं, जिनके चेहरे पर मस्से की समस्या दूर हुई है। रोशनी व फरजाना ने बताया के उनके कान पर मस्सा था, डॉक्टर को दिखाकर नियमित तौर पर होम्योपैथ की दवा ली। अब मस्सा पूरी तरह गायब हो गया। एलोपैथ में दिखाने पर चिकित्सक ने सर्जरी करने की बात कही थी।
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गंजापन की दूर हुई समस्या
झड़ते बाल व गंजेपन की समस्या (एलोपेसिया एरीटा बीमारी) से जूझ रहे मरीजों के लिए भी होम्योपैथी दवाएं रामबाण साबित हो रही हैं। जिला होम्योपैथी चिकित्सालय में बीते छह माह में पांच मरीज एलोपेसिया एरीटा बीमारी से पीड़ित होने के बाद इलाज के लिए आए थे। चार महीने के नियमित इलाज व दवाओं के सेवन से इन मरीजों की बीमारी पूरी तरह दूर हो गई और नए बाल भी उग आए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार एलोपेसिया एरीटा एक स्व-प्रतिरक्षित बीमारी है, जो सिर के बालों के झड़ने का कारण बनती है। सही समय पर उपचार शुरू न करने से आगे चलकर यह गंजेपन का कारण बनता है।
यूरिन लीकेज की बीमारी से मिला छुटकारा
राजकीय होम्योपैथी चिकित्सालय में छह माह तक कराए गए इलाज के बाद एक नौ साल की बच्ची को यूरिन लीकेज संबंधी बीमारी से भी पूरी तरह छुटकारा मिल गया। मथुरा बाजार निवासी मो. अशफाक की नौ साल की बेटी सिधरा फातमा को करीब पांच सालों से यूरिन लीकेज की बीमारी थी। पिता मो. अशफाक ने बताया कि पहले उसका इलाज लखनऊ स्थित विवेकानंद और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में कराया। राहत न मिलने पर होम्योपैथी से इलाज शुरू कराया। छह माह के नियमित इलाज के बाद अब फातमा की यूरिन लीकेज की समस्या खत्म हो गई है।
जैसा रोग, वैसा इलाज
जिला होम्योपैथी चिकित्सालय के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अभय प्रजापति ने बताया कि होम्योपैथी का मूल सिद्धांत है जैसा रोग, वैसा इलाज। कोई भी पदार्थ जो स्वस्थ व्यक्ति में किसी रोग के लक्षण पैदा कर सकता है, वही पदार्थ बीमार व्यक्ति में उस रोग का इलाज करने में मदद करता है। यह सिद्धांत शरीर की प्राकृतिक उपचार क्षमता पर भरोसा करता है।
डॉ. सैमुअल हैनीमैन की याद में होगा आयोजन
जिला होम्योपैथी चिकित्साधिकारी डॉ. वीरपाल सिंह ने बताया कि हर साल गुरुवार को होम्योपैथी को प्रचलन में लाने वाले डॉ. सैमुअल हैनीमैन के जन्मदिवस को विश्व होम्योपैथी दिवस के बतौर मनाया जाता है। डॉ. हैनीमैन ने ही होम्योपैथी को विकसित किया और इसे चिकित्सा जगत में लोकप्रिय बनाया। बताया कि विश्व होम्योपैथी दिवस का उद्देश्य न केवल डॉ. हैनीमैन के योगदान को याद करना है, बल्कि होम्योपैथी के फायदों और इसके सुरक्षित, प्राकृतिक इलाज के तरीके के प्रति जागरूकता फैलाना भी है।
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