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Balrampur News: महिलाएं तय करेंगी उतरौला का राजनीतिक भविष्य
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 11 Apr 2026 11:04 PM IST
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फोटो-3- महदेइया बाजार में मतदाता सूची प्रकाशन पर चर्चा करते लोग। संवाद
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संजय तिवारी
बलरामपुर। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची ने जिले की विधानसभा सीटों की चुनावी गणित बदल दी है। सबसे ज्यादा उलटफेर उतरौला विधान सभा क्षेत्र में हुआ है। यहां महिला मतदाताओं की संख्या पुरषों से 32 हजार ज्यादा हो गई है। नाम जुड़ने और विलोपन के बाद कई सीटों पर मतदाताओं का अनुपात बदला है, जिससे राजनीतिक दलों ने नए सिरे से रणनीति बनानी शुरू कर दी है। बूथ स्तर पर समीक्षा के साथ-साथ नेता अपने समर्थक मतदाताओं का अनुपात सुधारने के लिए आगामी पुनरीक्षण पर नजर लगाए हुए हैं।
अंतिम प्रकाशन के अनुसार कई सीटों पर हजारों नए मतदाता जुड़े हैं, वहीं बड़ी संख्या में नाम हटाए भी गए हैं। इससे चुनावी समीकरण बदलने के संकेत मिल रहे हैं। नेताओं की बढ़ी चिंता एसआईआर के बाद कई बूथों पर मतदाताओं का अनुपात बदलने से नेताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुराने गणित के आधार पर बनाई गई रणनीतियां अब कमजोर पड़ती दिख रही हैं। राजनीतिक दल अब नए मतदाताओं को साधने और छूटे समर्थकों के नाम जुड़वाने में जुट गए हैं। चुनाव से पहले होने वाले अगले पुनरीक्षण में नाम जोड़ने-कटाने की प्रक्रिया के दौरान दल अपने-अपने समर्थकों का अनुपात सुधारने की कोशिश करेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एसआईआर के बाद बदली यह गणित आगामी विधानसभा चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। चुनाव से पहले होने वाले अगले पुनरीक्षण में नाम जोड़ने-कटाने की प्रक्रिया को लेकर सभी दल सक्रिय हो गए हैं। बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जा रही है कि छूटे समर्थकों के नाम जोड़े जाएं। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि एसआईआर के बाद बदली यह गणित आगामी विधानसभा चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकती। संवाद
विधानसभा वार स्थिति (अंतिम प्रकाशन 10 अप्रैल के अनुसार)
विधानसभा - कुल मतदाता - पुरुष - महिला - थर्ड जेंडर - कटे मतदाता
तुलसीपुर - 3,32,285 - 1,84,080 - 1,48,199 - 6 - 51999
गैंसड़ी - 2,81,247 - 1,52,574 - 1,28,654 - 19 - 45847
उतरौला - 3,72,552 - 1,70,145 - 2,02,405 - 2 - 86576
बलरामपुर - 3,11,660 - 1,69,696 - 1,41,954 - 10 - 87850
चार विस - 1310755 - 737627 - 573091 - 37- 411200
तुलसीपुर में सबसे अधिक कटे वोट, गैंसड़ी में सबसे कम
बलरामपुर। मतदाता सूची के आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक मतदाता तुलसीपुर विधानसभा में कटे हैं, जबकि सबसे कम विलोपन गैंसड़ी सीट पर हुआ है। इससे कई बूथों पर पुराना समीकरण बिगड़ता दिख रहा है। नेताओं ने अब बूथ स्तर पर समीक्षा कर अपने समर्थक मतदाताओं का अनुपात सुधारने की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। तुलसीपुर सीट पर सबसे अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। साथ ही नए मतदाताओं की भी अच्छी संख्या जुड़ी है। बड़े पैमाने पर हुए बदलाव से यहां चुनावी मुकाबला पूरी तरह नए समीकरण पर जाने की संभावना जताई जा रही है। विधायक तुलसीपुर कैलाश नाथ शुक्ल ने कहाकि मतदाता सूची सही ढंग से बनी है। बूथ स्तर पर पार्टी मजबूत है। गैंसड़ी विधानसभा गैंसड़ी में सबसे कम नाम कटे हैं। यहां मतदाता सूची में सीमित बदलाव हुआ है, जिससे पुराना चुनावी गणित काफी हद तक बरकरार माना जा रहा है। उतरौला विधानसभा उतरौला में भी हजारों मतदाता जुड़े और कटे हैं। कई बूथों पर मतदाताओं के अनुपात में बदलाव से राजनीतिक दलों ने नई रणनीति बनानी शुरू कर दी है। महिला मतदाताओं की हिस्सेदारी बढ़ना भी चर्चा में है।
सदर में भी बड़ा सियासी बदलाव, हलचल बढ़ी
सदर सीट पर कस्बाई क्षेत्रों में मतदाता सूची में बदलाव अधिक रहा है। यहां नाम कटने और नए मतदाता जुड़ने से मुकाबला रोचक होने के संकेत मिल रहे हैं। दलों ने शहरी बूथों पर विशेष ध्यान देना शुरू किया है। राजनीतिक असर एसआईआर के बाद बदले आंकड़ों ने नेताओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई बूथों पर समर्थक मतदाताओं के नाम कटने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जबकि नए मतदाताओं को साधने की होड़ भी शुरू हो गई है। महिला और युवा मतदाताओं की बढ़ती संख्या को लेकर भी दल रणनीति बदल रहे हैं। विधायक पल्टूराम ने कहाकि मतदाता भाजपा के साथ हैं। लगातार मैदान में काम किया जा रहा हैं। वहीं सपा नेता सुरेंद्र बहादुर ने कहाकि सदर में बड़े बदलाव समय आने पर दिखाई देंगे।
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बलरामपुर। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची ने जिले की विधानसभा सीटों की चुनावी गणित बदल दी है। सबसे ज्यादा उलटफेर उतरौला विधान सभा क्षेत्र में हुआ है। यहां महिला मतदाताओं की संख्या पुरषों से 32 हजार ज्यादा हो गई है। नाम जुड़ने और विलोपन के बाद कई सीटों पर मतदाताओं का अनुपात बदला है, जिससे राजनीतिक दलों ने नए सिरे से रणनीति बनानी शुरू कर दी है। बूथ स्तर पर समीक्षा के साथ-साथ नेता अपने समर्थक मतदाताओं का अनुपात सुधारने के लिए आगामी पुनरीक्षण पर नजर लगाए हुए हैं।
अंतिम प्रकाशन के अनुसार कई सीटों पर हजारों नए मतदाता जुड़े हैं, वहीं बड़ी संख्या में नाम हटाए भी गए हैं। इससे चुनावी समीकरण बदलने के संकेत मिल रहे हैं। नेताओं की बढ़ी चिंता एसआईआर के बाद कई बूथों पर मतदाताओं का अनुपात बदलने से नेताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुराने गणित के आधार पर बनाई गई रणनीतियां अब कमजोर पड़ती दिख रही हैं। राजनीतिक दल अब नए मतदाताओं को साधने और छूटे समर्थकों के नाम जुड़वाने में जुट गए हैं। चुनाव से पहले होने वाले अगले पुनरीक्षण में नाम जोड़ने-कटाने की प्रक्रिया के दौरान दल अपने-अपने समर्थकों का अनुपात सुधारने की कोशिश करेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एसआईआर के बाद बदली यह गणित आगामी विधानसभा चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। चुनाव से पहले होने वाले अगले पुनरीक्षण में नाम जोड़ने-कटाने की प्रक्रिया को लेकर सभी दल सक्रिय हो गए हैं। बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जा रही है कि छूटे समर्थकों के नाम जोड़े जाएं। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि एसआईआर के बाद बदली यह गणित आगामी विधानसभा चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकती। संवाद
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विधानसभा वार स्थिति (अंतिम प्रकाशन 10 अप्रैल के अनुसार)
विधानसभा - कुल मतदाता - पुरुष - महिला - थर्ड जेंडर - कटे मतदाता
तुलसीपुर - 3,32,285 - 1,84,080 - 1,48,199 - 6 - 51999
गैंसड़ी - 2,81,247 - 1,52,574 - 1,28,654 - 19 - 45847
उतरौला - 3,72,552 - 1,70,145 - 2,02,405 - 2 - 86576
बलरामपुर - 3,11,660 - 1,69,696 - 1,41,954 - 10 - 87850
चार विस - 1310755 - 737627 - 573091 - 37- 411200
तुलसीपुर में सबसे अधिक कटे वोट, गैंसड़ी में सबसे कम
बलरामपुर। मतदाता सूची के आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक मतदाता तुलसीपुर विधानसभा में कटे हैं, जबकि सबसे कम विलोपन गैंसड़ी सीट पर हुआ है। इससे कई बूथों पर पुराना समीकरण बिगड़ता दिख रहा है। नेताओं ने अब बूथ स्तर पर समीक्षा कर अपने समर्थक मतदाताओं का अनुपात सुधारने की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। तुलसीपुर सीट पर सबसे अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। साथ ही नए मतदाताओं की भी अच्छी संख्या जुड़ी है। बड़े पैमाने पर हुए बदलाव से यहां चुनावी मुकाबला पूरी तरह नए समीकरण पर जाने की संभावना जताई जा रही है। विधायक तुलसीपुर कैलाश नाथ शुक्ल ने कहाकि मतदाता सूची सही ढंग से बनी है। बूथ स्तर पर पार्टी मजबूत है। गैंसड़ी विधानसभा गैंसड़ी में सबसे कम नाम कटे हैं। यहां मतदाता सूची में सीमित बदलाव हुआ है, जिससे पुराना चुनावी गणित काफी हद तक बरकरार माना जा रहा है। उतरौला विधानसभा उतरौला में भी हजारों मतदाता जुड़े और कटे हैं। कई बूथों पर मतदाताओं के अनुपात में बदलाव से राजनीतिक दलों ने नई रणनीति बनानी शुरू कर दी है। महिला मतदाताओं की हिस्सेदारी बढ़ना भी चर्चा में है।
सदर में भी बड़ा सियासी बदलाव, हलचल बढ़ी
सदर सीट पर कस्बाई क्षेत्रों में मतदाता सूची में बदलाव अधिक रहा है। यहां नाम कटने और नए मतदाता जुड़ने से मुकाबला रोचक होने के संकेत मिल रहे हैं। दलों ने शहरी बूथों पर विशेष ध्यान देना शुरू किया है। राजनीतिक असर एसआईआर के बाद बदले आंकड़ों ने नेताओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई बूथों पर समर्थक मतदाताओं के नाम कटने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जबकि नए मतदाताओं को साधने की होड़ भी शुरू हो गई है। महिला और युवा मतदाताओं की बढ़ती संख्या को लेकर भी दल रणनीति बदल रहे हैं। विधायक पल्टूराम ने कहाकि मतदाता भाजपा के साथ हैं। लगातार मैदान में काम किया जा रहा हैं। वहीं सपा नेता सुरेंद्र बहादुर ने कहाकि सदर में बड़े बदलाव समय आने पर दिखाई देंगे।