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Balrampur News: सीमावर्ती गांवों में मेडिकल मोबाइल यूनिट योजना का एक वर्ष बढ़ा विस्तार
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 31 Mar 2026 11:07 PM IST
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फोटो-22-बलरामपुर के सीमावर्ती गांव में मोबाइल यूनिट में दवा कराते पहुंचे मरीज ।-स्रोत : विभाग
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गैसड़ी। नेपाल सीमा से सटे दूरस्थ गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए संचालित मेडिकल मोबाइल यूनिट योजना का एक वर्ष के लिए विस्तार कर दिया गया है। योजना के विस्तार से पचपेड़वा ब्लॉक के सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों को घर के पास ही जांच, परामर्श और दवा की सुविधा मिलती रहेगी। पहले चरण में योजना को मिली सफलता के बाद इसे आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।यह योजना भारतीय स्टेट बैंक के सीएसआर फंड से एसबीआई फाउंडेशन और सहयोगी संस्था के माध्यम से संचालित की जा रही है। योजना के तहत ब्लॉक के दूरस्थ और स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित 20 गांवों में मेडिकल मोबाइल यूनिट भेजी जा रही है। मोबाइल यूनिट निर्धारित तिथियों पर गांवों में पहुंचकर शिविर लगाएगी, जहां ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा।
मेडिकल मोबाइल यूनिट में चिकित्सक के साथ लैब असिस्टेंट, स्टाफ नर्स और फार्मासिस्ट की टीम तैनात रहती है। टीम द्वारा रक्तचाप, शुगर समेत सामान्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। जांच के बाद मरीजों को आवश्यक परामर्श दिया जाता है और जरूरत के अनुसार निशुल्क दवाएं भी वितरित की जाती हैं। गंभीर मरीजों को आगे के उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में रेफर किया जाता है। मोबाइल यूनिट के प्रभारी डाॅ. अभय कुमार पांडेय के अनुसार पचपेड़वा ब्लॉक के कई गांव स्वास्थ्य सुविधाओं से दूर हैं, जहां लोगों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में मेडिकल मोबाइल यूनिट ग्रामीणों के लिए राहत का माध्यम बन रही है। योजना के विस्तार से गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। परियोजना समन्वयक राजमंगल सिंह ने बताया कि मोबाइल यूनिट नियमित रूप से गांवों का भ्रमण करेगी और ग्रामीणों को जागरूक भी किया जाएगा। कुपोषण, टीकाकरण, स्वच्छता और सामान्य बीमारियों से बचाव के बारे में जानकारी दी जाएगी। योजना के एक वर्ष और बढ़ने से सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहेंगी।
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मेडिकल मोबाइल यूनिट में चिकित्सक के साथ लैब असिस्टेंट, स्टाफ नर्स और फार्मासिस्ट की टीम तैनात रहती है। टीम द्वारा रक्तचाप, शुगर समेत सामान्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। जांच के बाद मरीजों को आवश्यक परामर्श दिया जाता है और जरूरत के अनुसार निशुल्क दवाएं भी वितरित की जाती हैं। गंभीर मरीजों को आगे के उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में रेफर किया जाता है। मोबाइल यूनिट के प्रभारी डाॅ. अभय कुमार पांडेय के अनुसार पचपेड़वा ब्लॉक के कई गांव स्वास्थ्य सुविधाओं से दूर हैं, जहां लोगों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में मेडिकल मोबाइल यूनिट ग्रामीणों के लिए राहत का माध्यम बन रही है। योजना के विस्तार से गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। परियोजना समन्वयक राजमंगल सिंह ने बताया कि मोबाइल यूनिट नियमित रूप से गांवों का भ्रमण करेगी और ग्रामीणों को जागरूक भी किया जाएगा। कुपोषण, टीकाकरण, स्वच्छता और सामान्य बीमारियों से बचाव के बारे में जानकारी दी जाएगी। योजना के एक वर्ष और बढ़ने से सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहेंगी।
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