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Balrampur News: राजकीय संप्रेक्षण गृह का अधिकारियों ने किया निरीक्षण
Tue, 18 Aug 2026 10:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 18 Aug 2026 10:59 PM IST
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फोटो-14-राजकीय संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण करते न्यायिक अधिकारी ।-स्रोत: विभाग
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बलरामपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पाक्सो न्यायालय बलरामपुर राहुल सिंह, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण यशपाल वर्मा तथा प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड ने जनपद गोंडा स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह किशोर का निरीक्षण किया। इस दौरान संप्रेक्षण गृह में रह रहे किशोरों को मिलने वाली सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने किशोरों के आवास, भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति देखी। वर्तमान में संप्रेक्षण गृह में कुल 14 किशोर आवासित मिले। अधिकारियों ने किशोरों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। साथ ही उन्हें उपलब्ध कराई जा रही विधिक सहायता, शिक्षा, परामर्श, स्वास्थ्य सुविधाओं और पुनर्वास व्यवस्था के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिया कि किशोरों की गरिमा, सुरक्षा और अधिकारों का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्हें नियमानुसार सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष जोर दिया जाए।
किशोरों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए परामर्श, खेलकूद, शिक्षा, कौशल विकास और पुनर्वास की व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान मिली व्यवस्थाओं और कमियों के संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
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निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने किशोरों के आवास, भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति देखी। वर्तमान में संप्रेक्षण गृह में कुल 14 किशोर आवासित मिले। अधिकारियों ने किशोरों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। साथ ही उन्हें उपलब्ध कराई जा रही विधिक सहायता, शिक्षा, परामर्श, स्वास्थ्य सुविधाओं और पुनर्वास व्यवस्था के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिया कि किशोरों की गरिमा, सुरक्षा और अधिकारों का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्हें नियमानुसार सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष जोर दिया जाए।
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किशोरों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए परामर्श, खेलकूद, शिक्षा, कौशल विकास और पुनर्वास की व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान मिली व्यवस्थाओं और कमियों के संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
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