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Balrampur News: 50 किमी की कांवड़ यात्रा पूरी कर लौटे शिवभक्त
Tue, 18 Aug 2026 11:26 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 18 Aug 2026 11:26 PM IST
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फोटो-9-पृथ्वीनाथ मंदिर पर जलाभिषेक करने पहुंचे लोग।-स्रोत: श्रद्धालु
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जरवा। श्रावण मास में सीमा क्षेत्र भोलेनाथ की भक्ति में सराबोर रहा। बालापुर, जरवा, मोहकम, कुशहवा, नेवलगढ़, प्रतापपुर और पिपरा दुर्गानगर समेत आसपास के गांवों के करीब 70 शिवभक्तों ने तीन दिन में करीब 50 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा पूरी की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक किया।
रविवार सुबह बालापुर स्थित बलेश्वर देवी मंदिर से यात्रा शुरू हुई। कांवड़िये करीब 11 किलोमीटर पैदल चलकर जनकपुर के मुक्तेश्वर नाथ महादेव मंदिर पहुंचे और जलाभिषेक किया। इसके बाद तुलसीपुर स्थित देवीपाटन मंदिर के नागेश्वर नाथ मंदिर में जल चढ़ाकर पीठाधीश्वर महंत मिथिलेश नाथ योगी का आशीर्वाद लिया। सीरिया नाले से जल भरने के बाद जत्था विभूतिनाथ मंदिर पहुंचा और पूजा-अर्चना की। यहां ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि प्रवीण सिंह विक्की की ओर से आयोजित भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। सोमवार को जत्था गोंडा के प्रसिद्ध पृथ्वीनाथ झाली धाम पहुंचा और जलाभिषेक किया। मंगलवार पूर्वाह्न सभी शिवभक्त बालापुर-जरवा लौट आए।
जत्थे के अगुआ लाले यादव ने बताया कि श्रावण मास में हर वर्ष 50 से 70 किलोमीटर की पदयात्रा कर प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक किया जाता है। यात्रा के समापन पर 24 अगस्त को बालेश्वरी देवी मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन होगा।
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रविवार सुबह बालापुर स्थित बलेश्वर देवी मंदिर से यात्रा शुरू हुई। कांवड़िये करीब 11 किलोमीटर पैदल चलकर जनकपुर के मुक्तेश्वर नाथ महादेव मंदिर पहुंचे और जलाभिषेक किया। इसके बाद तुलसीपुर स्थित देवीपाटन मंदिर के नागेश्वर नाथ मंदिर में जल चढ़ाकर पीठाधीश्वर महंत मिथिलेश नाथ योगी का आशीर्वाद लिया। सीरिया नाले से जल भरने के बाद जत्था विभूतिनाथ मंदिर पहुंचा और पूजा-अर्चना की। यहां ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि प्रवीण सिंह विक्की की ओर से आयोजित भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। सोमवार को जत्था गोंडा के प्रसिद्ध पृथ्वीनाथ झाली धाम पहुंचा और जलाभिषेक किया। मंगलवार पूर्वाह्न सभी शिवभक्त बालापुर-जरवा लौट आए।
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जत्थे के अगुआ लाले यादव ने बताया कि श्रावण मास में हर वर्ष 50 से 70 किलोमीटर की पदयात्रा कर प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक किया जाता है। यात्रा के समापन पर 24 अगस्त को बालेश्वरी देवी मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन होगा।
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