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Balrampur News: आत्मनिर्भरता की राह पर पंचायतें, तीन को मिला प्रोत्साहन
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बलरामपुर। ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में शासन ने प्रोत्साहन योजना के तहत जिले की तीन पंचायतों को कुल 25,500 रुपये की धनराशि जारी की है। यह राशि जनगणना वर्ष 2011 के आधार पर 1500 से अधिक आबादी वाली ग्राम पंचायतों को उनकी स्वयं की आय बढ़ाने के प्रयासों के लिए दी गई है। इस पहल को पंचायतों को अनुदान पर निर्भरता से बाहर निकालने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
गैड़ास बुजुर्ग ब्लॉक की धौरहरा ग्राम पंचायत को 6000 रुपये, पचपेड़वा ब्लॉक की मिश्रौलिया ग्राम पंचायत को 14,500 रुपये तथा श्रीदत्तगंज ब्लॉक की त्रिगुनायकपुर ग्राम पंचायत को 5000 रुपये की धनराशि मिली है। इस योजना का उद्देश्य पंचायतों को स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए प्रेरित करना है, ताकि वे अपनी आय बढ़ाकर विकास कार्यों को गति दे सकें। अब तक अधिकतर पंचायतें शासन से मिलने वाली धनराशि पर ही निर्भर रहती थीं। अब स्वयं की आय बढ़ाने वाली पंचायतों को सम्मानित कर प्रतिस्पर्धा का माहौल बनाया जा रहा है। (संवाद)
ग्राम पंचायतों के खातों में भेजी गई राशि
प्रोत्साहन राशि संबंधित ग्राम पंचायतों के खातों में हस्तांतरित कर दी गई है। पंचायतों को निर्देश दिया गया है कि धनराशि का उपयोग राज्य वित्त आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाए और खर्च का पूरा विवरण ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर समय से अपलोड किया जाए। इससे पंचायतों में आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत होगी और अन्य ग्राम पंचायतें भी अपनी आय बढ़ाने के लिए प्रेरित हाेंगी।
- श्रेया उपाध्याय, जिला पंचायत राज अधिकारी
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गैड़ास बुजुर्ग ब्लॉक की धौरहरा ग्राम पंचायत को 6000 रुपये, पचपेड़वा ब्लॉक की मिश्रौलिया ग्राम पंचायत को 14,500 रुपये तथा श्रीदत्तगंज ब्लॉक की त्रिगुनायकपुर ग्राम पंचायत को 5000 रुपये की धनराशि मिली है। इस योजना का उद्देश्य पंचायतों को स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए प्रेरित करना है, ताकि वे अपनी आय बढ़ाकर विकास कार्यों को गति दे सकें। अब तक अधिकतर पंचायतें शासन से मिलने वाली धनराशि पर ही निर्भर रहती थीं। अब स्वयं की आय बढ़ाने वाली पंचायतों को सम्मानित कर प्रतिस्पर्धा का माहौल बनाया जा रहा है। (संवाद)
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ग्राम पंचायतों के खातों में भेजी गई राशि
प्रोत्साहन राशि संबंधित ग्राम पंचायतों के खातों में हस्तांतरित कर दी गई है। पंचायतों को निर्देश दिया गया है कि धनराशि का उपयोग राज्य वित्त आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाए और खर्च का पूरा विवरण ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर समय से अपलोड किया जाए। इससे पंचायतों में आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत होगी और अन्य ग्राम पंचायतें भी अपनी आय बढ़ाने के लिए प्रेरित हाेंगी।
- श्रेया उपाध्याय, जिला पंचायत राज अधिकारी