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Balrampur News: 41 पंपों पर पेट्रोल और 26 पर डीजल खत्म, लगी रही लंबी कतार
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 19 Apr 2026 11:22 PM IST
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फोटो-12-बलरामपुर के गोंडा रोड पर स्थित पेट्रोल पंप पर डीजल लेने के लिए लगी उपभोक्ताओं की लाइन
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बलरामपुर। जिले में पेट्रोल-डीजल की किल्लत खत्म नहीं हो रही है। एकाएक मांग बढ़ने के कारण पंपों की टंकियां सूख गई है। आलम यह है कि 88 पंपों में से 41 पर पेट्रोल और 26 पर डीजल की स्टॉक ही खत्म हो गया है। ऐसे में जहां तेल मिल रहा है, वहीं लोगों की भीड़ जुट रही है। पेट्रोल-डीजल लेने के लिए तेज धूप में घंटों इंतजार करना पड़ता है।
नगर के गोंडा मार्ग स्थित पंप पर रविवार को ईंधन खत्म था। लोग टैंकर आने का इंतजार कर रहे थे। गोपालपुर के राजू व सुरेश ने बताया कि नौ बजे डीजल लेने आए थे, कर्मचारी बता रहे हैं कि दो बजे तक टैंक आएगा। टैंकर आने का इंतजार कर रहे हैं। यहां पर गैलन-डिब्बा लेकर काफी लोग खड़े दिखे। उतरौला मार्ग स्थित तीन पंपों पर स्टॉक खत्म होने की नोटिस चस्पा था। जरवा क्षेत्र में स्थित पंपों पर भी स्टॉक नो की सूचना चस्पा दिखी। पंपों पर पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए लंबी लाइनें लगने से हर कोई परेशान दिख रहा है। सरकारी व गैर सरकारी कर्मचारियों की परेशानी और बढ़ गई है। समय के अभाव में वह लोग पंपों पर लाइन नहीं लगा पा रहा हैं। उनके वाहनों में ईंधन खत्म होने से वह कार्यालय नहीं पहुंच पाते हैं। किसी तरह एक-दूसरे से लिफ्ट लेकर काम चला रहा हैं। फार्मासिस्ट सुनील कुमार गुप्त ने बताया कि दो दिन बाइक में पेट्रोल खत्म है। दूसरे साथी की बाइक पर बैठकर अस्पताल जा रहे हैं। नेत्र सर्जन डॉ. प्रदीप चौधरी ने बताया कि कार में डीजल न होने के कारण बस से आवागमन करना पड़ रहा है। प्राथमिक चिकित्सालय जनकपुर के डॉ. सूरज चौरसिया ने बताया कि प्रतिदिन 60 किलोमीटर बाइक चलानी पड़ती है। पेट्रोल न मिलने के कारण ड्यूटी पर आने में परेशानी होती है।
तीन दिन में बढ़ गया दोगुना खपत
पूर्ति विभाग के अनुसार जिले में प्रतिदिन औसतन 92000 लीटर पेट्रोल और 141000 लीटर डीजल की बिक्री होती थी। 14 अप्रैल को आपूर्ति न होने के कारण 15 अप्रैल से पेट्रोल-डीजल की खपत में दोगुना वृद्धि देखी गई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 15 अप्रैल को 147200 लीटर पेट्रोल और 188100 लीटर डीजल की बिक्री हुई। 16 अप्रैल को 135900 लीटर पेट्रोल और 256100 लीटर डीजल और 17 अप्रैल 155654 लीटर पेट्रोल और 311502 लीटर डीजल की बिक्री हुई है, जो औसत बिक्री से बहुत अधिक है। मांग बढ़ने के कारण अधिकांश पंपों पर टंकियां सूख गई हैं। ग्राहकों को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है।
खपत के अनुसार ईंधन खरीदने की अपील
जिला प्रशासन की तरफ से लोगों को खपत के अनुसार पेट्रोल-डीजल खरीदने की अपील की जा रही है। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने कहा कि पेट्रोल-डीजल का बेवजह स्टॉक रखना न केवल असुरक्षित है, बल्कि यह कृत्रिम मांग पैदा कर दूसरों के लिए असुविधा उत्पन्न करता है। इसलिए ग्राहक अपने खपत के अनुसार ही ईंधन खरीदें। जिले में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है, मांग के अनुसार सभी लोगों को ईंधन मुहैया कराया जाएगा।
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नगर के गोंडा मार्ग स्थित पंप पर रविवार को ईंधन खत्म था। लोग टैंकर आने का इंतजार कर रहे थे। गोपालपुर के राजू व सुरेश ने बताया कि नौ बजे डीजल लेने आए थे, कर्मचारी बता रहे हैं कि दो बजे तक टैंक आएगा। टैंकर आने का इंतजार कर रहे हैं। यहां पर गैलन-डिब्बा लेकर काफी लोग खड़े दिखे। उतरौला मार्ग स्थित तीन पंपों पर स्टॉक खत्म होने की नोटिस चस्पा था। जरवा क्षेत्र में स्थित पंपों पर भी स्टॉक नो की सूचना चस्पा दिखी। पंपों पर पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए लंबी लाइनें लगने से हर कोई परेशान दिख रहा है। सरकारी व गैर सरकारी कर्मचारियों की परेशानी और बढ़ गई है। समय के अभाव में वह लोग पंपों पर लाइन नहीं लगा पा रहा हैं। उनके वाहनों में ईंधन खत्म होने से वह कार्यालय नहीं पहुंच पाते हैं। किसी तरह एक-दूसरे से लिफ्ट लेकर काम चला रहा हैं। फार्मासिस्ट सुनील कुमार गुप्त ने बताया कि दो दिन बाइक में पेट्रोल खत्म है। दूसरे साथी की बाइक पर बैठकर अस्पताल जा रहे हैं। नेत्र सर्जन डॉ. प्रदीप चौधरी ने बताया कि कार में डीजल न होने के कारण बस से आवागमन करना पड़ रहा है। प्राथमिक चिकित्सालय जनकपुर के डॉ. सूरज चौरसिया ने बताया कि प्रतिदिन 60 किलोमीटर बाइक चलानी पड़ती है। पेट्रोल न मिलने के कारण ड्यूटी पर आने में परेशानी होती है।
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तीन दिन में बढ़ गया दोगुना खपत
पूर्ति विभाग के अनुसार जिले में प्रतिदिन औसतन 92000 लीटर पेट्रोल और 141000 लीटर डीजल की बिक्री होती थी। 14 अप्रैल को आपूर्ति न होने के कारण 15 अप्रैल से पेट्रोल-डीजल की खपत में दोगुना वृद्धि देखी गई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 15 अप्रैल को 147200 लीटर पेट्रोल और 188100 लीटर डीजल की बिक्री हुई। 16 अप्रैल को 135900 लीटर पेट्रोल और 256100 लीटर डीजल और 17 अप्रैल 155654 लीटर पेट्रोल और 311502 लीटर डीजल की बिक्री हुई है, जो औसत बिक्री से बहुत अधिक है। मांग बढ़ने के कारण अधिकांश पंपों पर टंकियां सूख गई हैं। ग्राहकों को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है।
खपत के अनुसार ईंधन खरीदने की अपील
जिला प्रशासन की तरफ से लोगों को खपत के अनुसार पेट्रोल-डीजल खरीदने की अपील की जा रही है। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने कहा कि पेट्रोल-डीजल का बेवजह स्टॉक रखना न केवल असुरक्षित है, बल्कि यह कृत्रिम मांग पैदा कर दूसरों के लिए असुविधा उत्पन्न करता है। इसलिए ग्राहक अपने खपत के अनुसार ही ईंधन खरीदें। जिले में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है, मांग के अनुसार सभी लोगों को ईंधन मुहैया कराया जाएगा।

फोटो-12-बलरामपुर के गोंडा रोड पर स्थित पेट्रोल पंप पर डीजल लेने के लिए लगी उपभोक्ताओं की लाइन

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