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Balrampur News: साइबर ठगी मामले में चार संदिग्धों तक पहुंची पुलिस
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बलरामपुर। 58 करोड़ की साइबर ठगी के प्रकरण की जांच में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। डिजिटल साक्ष्यों और बैंक लेनदेन के विश्लेषण के आधार पर जांच टीम चार संदिग्धों तक पहुंची है। माना जा रहा है कि ये लोग ठगी की धनराशि को विभिन्न खातों के माध्यम से खपाने में अहम भूमिका निभा रहे थे। पुलिस इन संदिग्धों की गतिविधियों और संपर्कों की पुष्टि करने में जुटी है।
अभी तक 17 खाते ही सामने आए थे। अब जांच के दौरान कई ऐसे बैंक खाते चिह्नित किए गए हैं, जिनमें संदिग्ध लेन-देन हुआ है। इन खातों का उपयोग केवल धनराशि के ट्रांसफर और निकासी के लिए किया गया। माना जा रहा है कि 53 करोड़ खपाने में और भी खातों का इस्तेमाल हुआ है।
जांच टीम को बरामद मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों से महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। इनमें संदिग्ध संपर्क नंबर, लेनदेन से जुड़े संदेश और खातों की सूची मिली है। इन सूचनाओं के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच की दिशा अब धनराशि के अंतिम उपयोग तक पहुंचने पर केंद्रित है। इसके लिए बैंकिंग ट्रेल, एटीएम निकासी और ऑनलाइन ट्रांसफर की जानकारी जुटाई जा रही है।
कुछ खातों में एक ही दिन में कई बार रकम जमा और निकासी के संकेत मिले हैं, जिससे ठगी की रकम को तेजी से इधर-उधर करने की आशंका जताई जा रही है। साइबर थाना पुलिस ने संबंधित बैंकों से विस्तृत विवरण मांगा है। साथ ही संदिग्ध खातों से जुड़े व्यक्तियों के पते और गतिविधियों की पुष्टि की जा रही है। जांच अधिकारियों का कहना है कि चारों संदिग्धों की भूमिका स्पष्ट होने के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी। साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक आरपी यादव ने बताया कि टीम लगातार डिजिटल डाटा, बैंक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों का मिलान कर रही है, जिससे पूरे नेटवर्क की परतें खुलने की उम्मीद है।
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अभी तक 17 खाते ही सामने आए थे। अब जांच के दौरान कई ऐसे बैंक खाते चिह्नित किए गए हैं, जिनमें संदिग्ध लेन-देन हुआ है। इन खातों का उपयोग केवल धनराशि के ट्रांसफर और निकासी के लिए किया गया। माना जा रहा है कि 53 करोड़ खपाने में और भी खातों का इस्तेमाल हुआ है।
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जांच टीम को बरामद मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों से महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। इनमें संदिग्ध संपर्क नंबर, लेनदेन से जुड़े संदेश और खातों की सूची मिली है। इन सूचनाओं के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच की दिशा अब धनराशि के अंतिम उपयोग तक पहुंचने पर केंद्रित है। इसके लिए बैंकिंग ट्रेल, एटीएम निकासी और ऑनलाइन ट्रांसफर की जानकारी जुटाई जा रही है।
कुछ खातों में एक ही दिन में कई बार रकम जमा और निकासी के संकेत मिले हैं, जिससे ठगी की रकम को तेजी से इधर-उधर करने की आशंका जताई जा रही है। साइबर थाना पुलिस ने संबंधित बैंकों से विस्तृत विवरण मांगा है। साथ ही संदिग्ध खातों से जुड़े व्यक्तियों के पते और गतिविधियों की पुष्टि की जा रही है। जांच अधिकारियों का कहना है कि चारों संदिग्धों की भूमिका स्पष्ट होने के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी। साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक आरपी यादव ने बताया कि टीम लगातार डिजिटल डाटा, बैंक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों का मिलान कर रही है, जिससे पूरे नेटवर्क की परतें खुलने की उम्मीद है।