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Balrampur News: देवीपाटन मेले में सजा वैष्णो देवी व अमरनाथ दरबार
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-बलरामपुर के तुलसीपुर में बनाया गया मां वैष्णव देवी का दरबार ।-संवाद
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तुलसीपुर। शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर के ऐतिहासिक मेले में इस बार मां वैष्णो देवी और बाबा बर्फानी अमरनाथ का भव्य दरबार श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मां पाटेश्वरी के दर्शन के लिए दूर-दराज से पहुंचने वाले श्रद्धालु इस अद्भुत दरबार में पहुंचकर आध्यात्मिक यात्रा का अनुभव कर रहे हैं। आस्था और कला के इस अनूठे संगम ने देवीपाटन मेले की रौनक में चार चांद लगा दिए हैं।
आयोजक राजेश चौधरी और सौरभ मिश्रा द्वारा तैयार किए गए इस विशेष परिसर में कृत्रिम बर्फ के पहाड़, कलकल बहते झरने और प्राकृतिक दृश्यों की झलक प्रस्तुत की गई है। श्रद्धालुओं की यात्रा श्री गणेश मंदिर से शुरू होती है। इसके बाद बाणगंगा, बाबा भैरवनाथ और हनुमान मंदिर के प्रतीकात्मक स्थलों से होते हुए गुफानुमा रास्तों से आगे बढ़ते हैं।
करीब छह मंजिला ऊंचे अस्थायी ढांचे के शीर्ष पर बाबा बर्फानी अमरनाथ का भव्य दरबार सजाया गया है, जो श्रद्धालुओं की आस्था को और गहरा कर देता है। बहराइच से आए श्रद्धालु रमेश कुमार ने बताया कि मां पाटेश्वरी के दर्शन के बाद यहां वैष्णो देवी और अमरनाथ के साक्षात दर्शन जैसा अनुभव मिलता है। वहीं, अजय और सुमन ने कहा कि मेले के शोर-शराबे के बीच यह दरबार सबसे सुकून देने वाला स्थान है, जहां पहुंचते ही भक्ति का माहौल महसूस होता है। आयोजक ने बताया कि बांस-बलियों के सहारे बर्फ के पहाड़, नदी और तालाब जैसे जटिल ढांचे तैयार करना चुनौतीपूर्ण होता है। कई दिनों की मेहनत के बाद यह स्वरूप तैयार किया गया है, लेकिन श्रद्धालुओं की खुशी और उत्साह देखकर सारी थकान दूर हो जाती है।
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आयोजक राजेश चौधरी और सौरभ मिश्रा द्वारा तैयार किए गए इस विशेष परिसर में कृत्रिम बर्फ के पहाड़, कलकल बहते झरने और प्राकृतिक दृश्यों की झलक प्रस्तुत की गई है। श्रद्धालुओं की यात्रा श्री गणेश मंदिर से शुरू होती है। इसके बाद बाणगंगा, बाबा भैरवनाथ और हनुमान मंदिर के प्रतीकात्मक स्थलों से होते हुए गुफानुमा रास्तों से आगे बढ़ते हैं।
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करीब छह मंजिला ऊंचे अस्थायी ढांचे के शीर्ष पर बाबा बर्फानी अमरनाथ का भव्य दरबार सजाया गया है, जो श्रद्धालुओं की आस्था को और गहरा कर देता है। बहराइच से आए श्रद्धालु रमेश कुमार ने बताया कि मां पाटेश्वरी के दर्शन के बाद यहां वैष्णो देवी और अमरनाथ के साक्षात दर्शन जैसा अनुभव मिलता है। वहीं, अजय और सुमन ने कहा कि मेले के शोर-शराबे के बीच यह दरबार सबसे सुकून देने वाला स्थान है, जहां पहुंचते ही भक्ति का माहौल महसूस होता है। आयोजक ने बताया कि बांस-बलियों के सहारे बर्फ के पहाड़, नदी और तालाब जैसे जटिल ढांचे तैयार करना चुनौतीपूर्ण होता है। कई दिनों की मेहनत के बाद यह स्वरूप तैयार किया गया है, लेकिन श्रद्धालुओं की खुशी और उत्साह देखकर सारी थकान दूर हो जाती है।