फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Balrampur News ›   Private blood banks have been found to have flaws in the past, but no lessons have been learned

Balrampur News: पहले भी निजी ब्लड बैंकों मिली थीं खामियां, नहीं लिया सबक

Thu, 16 Jul 2026 08:33 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर Updated Thu, 16 Jul 2026 08:33 PM IST
विज्ञापन
Private blood banks have been found to have flaws in the past, but no lessons have been learned
फोटो-4-अमर उजाला के माई  सिटी पर प्रका​शित खबर
बलरामपुर। औषधि प्रशासन विभाग की ओर से अप्रैल में जिले में संचालित निजी ब्लड बैंकों की जांच के लिए अभियान चलाया गया था। जांच के दौरान जिले के दो निजी ब्लड बैंकों में कई मानक अधूरे पाए गए थे। इसके बावजूद विभाग की ओर से मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिससे निजी ब्लड बैंकों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, अब पूरे मामले की जांच गोंडा पुलिस कर रही है।
विज्ञापन


30 मार्च से पांच अप्रैल 2026 तक प्रदेशभर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने निजी और चैरिटेबल ब्लड बैंकों की जांच के लिए अभियान चलाया था। इस दौरान प्रदेश के 201 चैरिटेबल ब्लड बैंकों की जांच की गई, जिसमें मानकों के विपरीत पाए गए 47 ब्लड बैंकों के संचालन पर रोक लगा दी गई थी।
विज्ञापन

इसी अभियान के तहत तुलसीपुर स्थित पैसिफिक चैरिटेबल ब्लड बैंक और उतरौला स्थित न्यू बलरामपुर ब्लड बैंक की जांच की गई थी। जांच में दोनों ब्लड बैंकों में कई खामियां सामने आई थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


औषधि प्रशासन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पैसिफिक चैरिटेबल ब्लड बैंक में ऑटोक्लेव की लॉग बुक उपलब्ध नहीं मिली थी। ऑक्सीजन सिलिंडर खाली पाया गया था। आपातकालीन चिकित्सा किट में डेक्साजोन इंजेक्शन भी उपलब्ध नहीं था। इसके अलावा रक्तदाता फार्म दो भाषाओं में नहीं मिला, आउटडोर कैंप की अनुमति से संबंधित विवरण और वाहन संख्या का रिकॉर्ड भी निरीक्षण के दौरान प्रस्तुत नहीं किया गया।

इसी तरह न्यू बलरामपुर ब्लड बैंक में भी कई कमियां मिली थीं। जांच के दौरान ब्लड बैंक संचालक पायलट ट्यूब की उपलब्ध मात्रा की जानकारी नहीं दे सके। संग्रहित पायलट ट्यूबों की भौतिक गणना और जारी रजिस्टर में दर्ज इकाइयों की संख्या में भी अंतर पाया गया था। इसके बाद रक्त केंद्र को रक्त प्रसंस्करण और रक्त जारी करने पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए थे।

औषधि निरीक्षक सुमित वर्मा ने पैसिफिक चैरिटेबल ब्लड बैंक की 11 बिंदुओं और न्यू बलरामपुर ब्लड बैंक की नौ बिंदुओं वाली जांच रिपोर्ट शासन को भेजी थी।
गोंडा के औषधि निरीक्षक सुमित वर्मा ने बताया कि निजी ब्लड बैंकों की जांच के लिए शासन से सूची भेजी गई थी। इस सूची में केके चैरिटेबल ब्लड बैंक का नाम शामिल नहीं था, इसलिए उसकी जांच नहीं हो सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed