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Balrampur News: फैसले के दूसरे दिन छलका फिरोज पप्पू के परिजनों का दर्द

Sat, 08 Aug 2026 10:37 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर Updated Sat, 08 Aug 2026 10:37 PM IST
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The anguish of Firoz Pappu's family spilled over the day after the verdict
फोटो-27-बलरामपुर के तुलसीपुर में चर्चा करते अफरोज अहमद रिंकू व अन्य।-संवाद
तुलसीपुर। पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष फिरोज अहमद उर्फ पप्पू हत्याकांड में आए फैसले से वादी और मृतक के परिजन बेहद दुखी हैं। मामले में पूर्व सांसद रिजवान जहीर, उनकी बेटी जेबा रिजवान और दामाद रमीज नेमत के बरी होने के फैसले के दूसरे दिन शनिवार को भी परिजनों का दर्द सामने आया। अपने आवास पर परिजनों और समर्थकों के बीच मुकदमे के वादी एवं मृतक के छोटे भाई अफरोज अहमद रिंकू भावुक हो उठे। उन्होंने फैसले पर निराशा जताते हुए कहा कि परिवार की न्याय की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। इसके लिए कानूनी लड़ाई जारी रखी जाएगी।
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अफरोज अहमद रिंकू ने कहा कि वह पिछले साढ़े चार वर्षों से भाई को न्याय दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका दावा है कि मामले में पूर्व सांसद रिजवान जहीर, जेबा रिजवान और रमीज नेमत के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद थे। उन्होंने कहा कि घटना वाले दिन रमीज की आरोपितों से मोबाइल फोन पर 18 बार बातचीत होने की बात विवेचना में सामने आई थी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिन दो आरोपियों को अदालत ने दोषी ठहराया है, उनकी फिरोज पप्पू से कोई व्यक्तिगत रंजिश नहीं थी। ऐसे में परिवार को उम्मीद थी कि मामले के सभी पहलुओं और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद उसे न्याय मिलेगा।
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अफरोज ने कहा कि मुकदमे के दौरान 13 महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके बावजूद तीन आरोपियों के बरी होने से परिवार को गहरा आघात लगा है। उन्होंने कहा कि अदालत के फैसले पर टिप्पणी करने के बजाय परिवार अब कानूनी रास्ते से आगे की लड़ाई लड़ेगा।
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पूर्व सांसद ने साधी चुप्पी, वक्त का करेंगे इंतजार

फिरोज पप्पू हत्याकांड में आरोपों से बरी होने के बाद पूर्व सांसद रिजवान जहीर ने दूसरे दिन भी चुप्पी साधे रखी। फैसले के दिन उन्होंने ऊपर वाले को याद करते हुए न्यायालय पर विश्वास जताया था। इसके बाद उन्होंने मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। बेटी जेबा रिजवान और दामाद रमीज नेमत के साथ वह लखनऊ लौट गए।

शनिवार को भी पूर्व सांसद तुलसीपुर नहीं आए। उनके समर्थकों ने भी किसी तरह का सार्वजनिक उत्साह या खुशी नहीं जताई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी उनकी ओर से कोई पोस्ट नहीं की गई। पूर्व सांसद के एक करीबी ने कहा कि देर से ही सही, न्याय हुआ है। अब वक्त का इंतजार किया जा रहा है। बाकी ऊपर वाले ने जो लिख रखा है, वही होगा। समर्थकों ने भी इस मामले में फिलहाल चुप्पी साध रखी है।

फोटो-27-बलरामपुर के तुलसीपुर में चर्चा करते अफरोज अहमद रिंकू व अन्य।-संवाद

फोटो-27-बलरामपुर के तुलसीपुर में चर्चा करते अफरोज अहमद रिंकू व अन्य।-संवाद

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