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Balrampur News: दिनभर नहीं निकली धूप, ठिठुरते रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 03 Feb 2026 10:57 PM IST
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बलरामपुर के हरैया सतघरवा में घने कोहरे के बीच लाइट जलाकर गुजरते वाहन।
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बलरामपुर। फाल्गुन माह की शुरुआत के साथ ही मौसम ने अचानक करवट ले ली है। आमतौर पर इस समय गर्मी के संकेत मिलने लगते हैं, लेकिन जिले में पूस माह जैसी ठंड ने लोगों को एक बार फिर ऊनी कपड़े निकालने पर मजबूर कर दिया है। मंगलवार को सुबह से ही घना कोहरा, बदली, सर्द हवाएं और हल्की बूंदाबांदी के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। दिन चढ़ने के बावजूद धूप के दर्शन नहीं हो सके। पूरे दिन ठिठुरते नजर आए।
जिला आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह के अनुसार सोमवार को अधिकतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से नीचे है। उन्होंने बताया कि ठंडी हवाओं के साथ वातावरण में नमी बढ़ने से गलन अधिक महसूस की गई। मौसम का यह मिजाज अगले एक-दो दिनों तक बना रह सकता है।
सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रही। कोहरे के कारण सड़कों पर वाहन धीमी गति से चलते नजर आए। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को सबसे अधिक परेशानी हुई। लोग टोपी, मफलर और जैकेट में पूरी तरह लिपटे दिखे। बच्चों और बुजुर्गों पर ठंड का खास असर देखा गया। ठंड के बीच ठिठुरते हुए बच्चे स्कूल जाने को मजबूर हुए।
अलाव न जलने से यात्रियों को दिक्कत
ठंड के बीच सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की समुचित व्यवस्था न होने से यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। रोडवेज बस स्टेशन और रेलवे स्टेशन पर अलाव न जलने से यात्री ठिठुरते रहे। प्लेटफॉर्म और प्रतीक्षालय में बैठे लोग ठंड से बचने के लिए इधर-उधर टहलते नजर आए। वीर विनय चौराहा सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर भी अलाव नहीं जलाए गए, जिससे राहगीरों और रिक्शा चालकों को काफी दिक्कत हुई। यात्री राम आसरे वर्मा ने बताया कि फाल्गुन में ऐसी ठंड की उम्मीद नहीं थी। बस स्टेशन पर अलाव न होने से काफी परेशानी हुई।
सुबह कोहरे के बाद दिनभर छाए रहे बादल
हरैया सतघरवा क्षेत्र सहित ग्रामीण इलाकों में मौसम का असर ज्यादा नजर आया। रात से ही मौसम खराब रहा। सुबह घना कोहरा छाया रहा और दिनभर लोग अलाव के किनारे बैठे नजर आए। ग्रामीणों का कहना है कि ठंड इस बार देर तक बनी हुई है, जिससे दिनचर्या प्रभावित हो रही है। ग्रामीण दिनेश तिवारी व स्वामी नाथ यादव आदि ने बताया कि रात से ही मौसम खराब था। सुबह घने कोहरे के बाद दिनभर बादल छाए रहे।
बूंदाबांदी से बढ़ी ठंड, बाजारों में सन्नाटा
सुबह करीब 11 बजे बूंदाबांदी शुरू हो गई, जिससे ठंड और बढ़ गई। बूंदाबांदी के कारण वातावरण में नमी बढ़ी और गलन ने लोगों को घरों में कैद कर दिया। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। दुकानदार ग्राहकों का इंतजार करते रहे, जबकि लोग जरूरी काम निपटाकर जल्दी घर लौट गए। दोपहर बाद कुछ देर के लिए धूप निकली, लेकिन जल्द ही सर्द हवाओं ने फिर असर दिखाना शुरू कर दिया।
अस्पतालों में बढ़े सर्दी-खांसी के मरीज
मौसम में अचानक आए बदलाव का असर स्वास्थ्य पर भी दिखने लगा है। जिला अस्पताल सहित निजी अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ी है। मंगलवार को जिला मेमोरियल अस्पताल, जिला महिला अस्पताल एवं संयुक्त जिला अस्पताल में 840 मरीज इलाज कराने पहुंचे। खासकर बुजुर्गों और बच्चों को अधिक परेशानी हो रही है। अस्पताल में तैनात डाॅ. ऋषि श्रीवास्तव ने बताया कि ठंड बढ़ने से सर्दी-खांसी और सांस के मरीज बढ़ रहे हैं। लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
हल्की बरसात से फसलों को फायदा, ओलावृष्टि से नुकसान
रेहरा बाजार क्षेत्र में दोपहर से हो रही हल्की बरसात को किसान फसलों के लिए लाभकारी बता रहे हैं। किसान रामधीरज, धनराज, जगदीश, बीरेंद्र यादव व सालिकराम आदि ने बताया कि गेहूं, सरसों, मटर और चना की फसलों को इससे फायदा होगा। दूसरी सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे लागत में कमी आएगी। किसानों ने ओलावृष्टि की स्थिति में भारी नुकसान की आशंका भी जताई है। एडीओ कृषि रणधीर सिंह ने बताया कि हल्की बरसात फसलों के लिए लाभकारी है, लेकिन ओलावृष्टि होने पर किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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जिला आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह के अनुसार सोमवार को अधिकतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से नीचे है। उन्होंने बताया कि ठंडी हवाओं के साथ वातावरण में नमी बढ़ने से गलन अधिक महसूस की गई। मौसम का यह मिजाज अगले एक-दो दिनों तक बना रह सकता है।
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सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रही। कोहरे के कारण सड़कों पर वाहन धीमी गति से चलते नजर आए। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को सबसे अधिक परेशानी हुई। लोग टोपी, मफलर और जैकेट में पूरी तरह लिपटे दिखे। बच्चों और बुजुर्गों पर ठंड का खास असर देखा गया। ठंड के बीच ठिठुरते हुए बच्चे स्कूल जाने को मजबूर हुए।
अलाव न जलने से यात्रियों को दिक्कत
ठंड के बीच सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की समुचित व्यवस्था न होने से यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। रोडवेज बस स्टेशन और रेलवे स्टेशन पर अलाव न जलने से यात्री ठिठुरते रहे। प्लेटफॉर्म और प्रतीक्षालय में बैठे लोग ठंड से बचने के लिए इधर-उधर टहलते नजर आए। वीर विनय चौराहा सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर भी अलाव नहीं जलाए गए, जिससे राहगीरों और रिक्शा चालकों को काफी दिक्कत हुई। यात्री राम आसरे वर्मा ने बताया कि फाल्गुन में ऐसी ठंड की उम्मीद नहीं थी। बस स्टेशन पर अलाव न होने से काफी परेशानी हुई।
सुबह कोहरे के बाद दिनभर छाए रहे बादल
हरैया सतघरवा क्षेत्र सहित ग्रामीण इलाकों में मौसम का असर ज्यादा नजर आया। रात से ही मौसम खराब रहा। सुबह घना कोहरा छाया रहा और दिनभर लोग अलाव के किनारे बैठे नजर आए। ग्रामीणों का कहना है कि ठंड इस बार देर तक बनी हुई है, जिससे दिनचर्या प्रभावित हो रही है। ग्रामीण दिनेश तिवारी व स्वामी नाथ यादव आदि ने बताया कि रात से ही मौसम खराब था। सुबह घने कोहरे के बाद दिनभर बादल छाए रहे।
बूंदाबांदी से बढ़ी ठंड, बाजारों में सन्नाटा
सुबह करीब 11 बजे बूंदाबांदी शुरू हो गई, जिससे ठंड और बढ़ गई। बूंदाबांदी के कारण वातावरण में नमी बढ़ी और गलन ने लोगों को घरों में कैद कर दिया। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। दुकानदार ग्राहकों का इंतजार करते रहे, जबकि लोग जरूरी काम निपटाकर जल्दी घर लौट गए। दोपहर बाद कुछ देर के लिए धूप निकली, लेकिन जल्द ही सर्द हवाओं ने फिर असर दिखाना शुरू कर दिया।
अस्पतालों में बढ़े सर्दी-खांसी के मरीज
मौसम में अचानक आए बदलाव का असर स्वास्थ्य पर भी दिखने लगा है। जिला अस्पताल सहित निजी अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ी है। मंगलवार को जिला मेमोरियल अस्पताल, जिला महिला अस्पताल एवं संयुक्त जिला अस्पताल में 840 मरीज इलाज कराने पहुंचे। खासकर बुजुर्गों और बच्चों को अधिक परेशानी हो रही है। अस्पताल में तैनात डाॅ. ऋषि श्रीवास्तव ने बताया कि ठंड बढ़ने से सर्दी-खांसी और सांस के मरीज बढ़ रहे हैं। लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
हल्की बरसात से फसलों को फायदा, ओलावृष्टि से नुकसान
रेहरा बाजार क्षेत्र में दोपहर से हो रही हल्की बरसात को किसान फसलों के लिए लाभकारी बता रहे हैं। किसान रामधीरज, धनराज, जगदीश, बीरेंद्र यादव व सालिकराम आदि ने बताया कि गेहूं, सरसों, मटर और चना की फसलों को इससे फायदा होगा। दूसरी सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे लागत में कमी आएगी। किसानों ने ओलावृष्टि की स्थिति में भारी नुकसान की आशंका भी जताई है। एडीओ कृषि रणधीर सिंह ने बताया कि हल्की बरसात फसलों के लिए लाभकारी है, लेकिन ओलावृष्टि होने पर किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
