बलरामपुर। मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत रविवार को कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट में एक दिवसीय उपवास रखा। जिलाध्यक्ष शिवलाल कोरी ने केंद्र व प्रदेश सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने, मजदूरों की उपेक्षा करने और समय पर मजदूरी भुगतान न किए जाने का आरोप लगाया।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि मनरेगा गरीब मजदूर और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन मौजूदा सरकार लगातार इस योजना को कमजोर कर रही है। मजदूरों को न समय से काम मिल पा रहा है और न ही मेहनताना। कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी। मनरेगा बचाओ संग्राम के कोऑर्डिनेटर विनय कुमार मिश्र ने कहा कि रोजगार के दिनों में कटौती और भुगतान में महीनों की देरी मजदूर विरोधी मानसिकता को उजागर करती है। जब तक मजदूरों को उनका अधिकार नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा। पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजबहादुर यादव ने कहा कि मनरेगा केवल योजना नहीं, बल्कि गरीबों का संवैधानिक अधिकार है। उमाशंकर तिवारी ने ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती बेरोजगारी पर चिंता जताई।
पूर्व जिलाध्यक्ष अनुज सिंह ने इसे सरकार के खिलाफ मजबूत संदेश बताया, जबकि वरिष्ठ नेता मारकंडे मिश्र ने आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी। उतरौला ब्लॉक अध्यक्ष राकेश तिवारी ने मजदूरों की समस्याओं को गंभीर बताया। उपवास में बृजेश चौहान, विजय कुमार उपाध्याय, डॉ. खलीलुल्लाह, दिलशाद हुसैन, त्रियुगी नारायण द्विवेदी, केदारनाथ पांडेय, अमिरका कुरील, मोहम्मद जमील, बालक राम, भीष्म सिंह व राम बहादुर दुबे आदि मौजूद रहे।