{"_id":"69cab49284eda4ebfd032ebc","slug":"waiting-for-new-books-confusion-over-changed-syllabus-balrampur-news-c-99-1-slko1029-145408-2026-03-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: नई किताबों का इंतजार, बदले सिलेबस पर असमंजस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: नई किताबों का इंतजार, बदले सिलेबस पर असमंजस
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Mon, 30 Mar 2026 11:06 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
बलरामपुर। नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत के साथ ही जिले में एनसीईआरटी की नई किताबों का इंतजार फिर लंबा होता नजर आ रहा है। खासकर कक्षा नौवीं के छात्र नई शिक्षा नीति के तहत बदले सिलेबस को लेकर उत्सुक हैं, लेकिन अभी तक नई किताबें बाजार में उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। इससे सीबीएसई स्कूलों में पढ़ाई को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
जिले में संचालित करीब एक दर्जन सीबीएसई स्कूलों के साथ एक केंद्रीय विद्यालय में भी एनसीईआरटी की किताबों से ही पढ़ाई होती है। ऐसे में नई किताबें समय पर न आने से बड़ी संख्या में छात्र प्रभावित हो रहे हैं। स्कूलों में नया सत्र पहली अप्रैल से शुरू होना है, लेकिन शिक्षक या तो पुराने सिलेबस के आधार पर या नोट्स और डिजिटल सामग्री के सहारे पढ़ाई कराएंगे।
अभिभावक अंकित और दिनेश का कहना है कि बाजार में किताबों की उपलब्धता को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही है। कुछ दुकानदारों ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा नौवीं की किताबों में बदलाव होना है, लेकिन अभी तक नई पुस्तकों की आपूर्ति नहीं हुई है।
पिछले वर्ष भी कक्षा आठ के छात्रों को नई किताबों के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा था और कई स्कूलों में सितंबर तक पुरानी सामग्री से पढ़ाई कराई गई थी। इस बार भी वैसी ही स्थिति नजर आ रही है। जानकारों के अनुसार नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा नौवीं का सिलेबस चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाना है। फिलहाल ड्राफ्ट सिलेबस के आधार पर तैयारी चल रही है। शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि नई किताबें उपलब्ध होने तक छात्रों की बुनियादी समझ मजबूत कराई जाए, ताकि बदलाव लागू होने पर उन्हें कठिनाई न हो।
शिक्षा विशेषज्ञ प्रो. एसपी मिश्र का कहना है कि पुरानी और नई व्यवस्था साथ-साथ चलने से भ्रम की स्थिति बनना स्वाभाविक है। ऐसे में स्कूलों को पढ़ाई की निरंतरता बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो और सत्र की शुरुआत सुचारु रूप से हो सके। फिलहाल विद्यालय ने नए सत्र की तैयारी की पूरी कर ली है।
Trending Videos
जिले में संचालित करीब एक दर्जन सीबीएसई स्कूलों के साथ एक केंद्रीय विद्यालय में भी एनसीईआरटी की किताबों से ही पढ़ाई होती है। ऐसे में नई किताबें समय पर न आने से बड़ी संख्या में छात्र प्रभावित हो रहे हैं। स्कूलों में नया सत्र पहली अप्रैल से शुरू होना है, लेकिन शिक्षक या तो पुराने सिलेबस के आधार पर या नोट्स और डिजिटल सामग्री के सहारे पढ़ाई कराएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभिभावक अंकित और दिनेश का कहना है कि बाजार में किताबों की उपलब्धता को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही है। कुछ दुकानदारों ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा नौवीं की किताबों में बदलाव होना है, लेकिन अभी तक नई पुस्तकों की आपूर्ति नहीं हुई है।
पिछले वर्ष भी कक्षा आठ के छात्रों को नई किताबों के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा था और कई स्कूलों में सितंबर तक पुरानी सामग्री से पढ़ाई कराई गई थी। इस बार भी वैसी ही स्थिति नजर आ रही है। जानकारों के अनुसार नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा नौवीं का सिलेबस चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाना है। फिलहाल ड्राफ्ट सिलेबस के आधार पर तैयारी चल रही है। शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि नई किताबें उपलब्ध होने तक छात्रों की बुनियादी समझ मजबूत कराई जाए, ताकि बदलाव लागू होने पर उन्हें कठिनाई न हो।
शिक्षा विशेषज्ञ प्रो. एसपी मिश्र का कहना है कि पुरानी और नई व्यवस्था साथ-साथ चलने से भ्रम की स्थिति बनना स्वाभाविक है। ऐसे में स्कूलों को पढ़ाई की निरंतरता बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो और सत्र की शुरुआत सुचारु रूप से हो सके। फिलहाल विद्यालय ने नए सत्र की तैयारी की पूरी कर ली है।