{"_id":"6a7769fdef0757db2f0053df","slug":"100-quintals-of-wheat-soaked-in-the-rain-official-claims-everything-is-fine-banda-news-c-215-1-ckt1001-134763-2026-08-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: बारिश में भीग गया 100 क्विंटल गेहूं, अफसर का दावा-सब ठीक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: बारिश में भीग गया 100 क्विंटल गेहूं, अफसर का दावा-सब ठीक
Sat, 08 Aug 2026 11:10 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 08 Aug 2026 11:10 PM IST
विज्ञापन
फोटो 22- मंडी समिति जसपुरा में गेहूं की खुली बोरियों पर नाराजगी जताते मंडलायुक्त। स्रोत- प्रशास
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चित्रकूट। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों से खरीदा गया गेहूं बसिला मंडी में बारिश से भीग गया है।
करीब 100 क्विंटल गेहूं के भीगने और कुछ के सड़ने का आरोप है। हालांकि, खाद्य विपणन विभाग लगातार गेहूं के पूरी तरह सुरक्षित होने का दावा कर रहा है।
भौंरी क्षेत्र की बसिला मंडी में 900 मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 1052 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था। इसमें से करीब 585 मीट्रिक टन गेहूं एफसीआई के गोदामों में भेजा जा चुका है। शेष गेहूं गल्ला मंडी के टिनशेड के नीचे और बाहर रखा हुआ था। बारिश के कारण बाहर रखा लगभग 100 क्विंटल गेहूं भीग गया। इससे कुछ बोरियों का गेहूं सड़ भी गया है।
इसे लेकर किसान नेता शैलेंद्र सिंह और रुद्र प्रसाद मिश्रा ने कहा कि केंद्रों के गोदामों से समय पर गेहूं का उठान नहीं किया गया। उनका आरोप है कि सुरक्षित भंडारण के अभाव में गेहूं भीग रहा है। किसान नेताओं ने इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
-- -- -- -- -- --
33 गोदामों में डंप 4602 मीट्रिक टन गेहूं
जिले में इस बार 1700 मीट्रिक टन के निर्धारित लक्ष्य से अधिक 18486 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। कुल 36 क्रय केंद्र खरीद के लिए खोले गए थे। इसमें से 13884 मीट्रिक टन गेहूं एफसीआई के गोदामों में भेजा जा चुका है। अभी भी 33 केंद्रों के गोदामों में कुल 4602 मीट्रिक टन गेहूं जमा है।
विज्ञापन
-- -- -- -- --
वर्जन
जनपद में इस बार लक्ष्य के सापेक्ष किसानों से खरीदा गया गेहूं एफसीआई के गोदामों में सुरक्षित रखवा दिया है। शेष 4602 मीट्रिक टन गेहूं का उठान बाकी है। हालांकि यह गेहूं पूरी तरह से सुरक्षित है। - लाल बहादुर गुप्ता, प्रभारी जिला खाद्य विपणन अधिकारी।
-- -- -- -- -- -- -- -
मंडी में खुला पड़ा 65 बोरी गेहूं देख भड़के मंडलायुक्त
बांदा। औचक निरीक्षण पर निकले मंडलायुक्त अजीत कुमार को जगह-जगह व्यवस्था में खामियां मिलीं तो वह भड़क गए। मंडी समिति जसपुरा के औचक निरीक्षण में करीब 65 बोरी गेहूं टिनशेड के नीचे खुले में रखा मिला।
उन्होंने संबंधित खाद्य विपणन अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब करते हुए गेहूं को तत्काल सुरक्षित स्थान पर रखवाने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी।
इसके बाद आयुक्त ने सहकारी साधन समिति रामपुर का औचक निरीक्षण किया। समिति भवन में ताला लटका मिला। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि समिति कभी-कभार ही खुलती है। इस पर आयुक्त ने सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता, बांदा से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। उन्होंने समिति का नियमित संचालन सुनिश्चित कराने को कहा।
इसके साथ ही उन्होंने पंचायत भवन को निर्धारित दिन और समय पर नियमित रूप से खोलने के निर्देश दिए। कॉमन सर्विस सेंटर में विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं पर निर्धारित दर से अधिक शुल्क लिए जाने पर रोक लगाने को कहा। आयुष्मान आरोग्य मंदिर की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
-- -
कागजों में नहीं, धरातल पर दिखें सरकारी व्यवस्थाएं
आयुक्त अजीत कुमार ने निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं और व्यवस्थाओं की स्थिति केवल अभिलेखों में बेहतर नहीं दिखनी चाहिए बल्कि उनका वास्तविक संचालन धरातल पर नजर आना चाहिए। विभागीय अधिकारी नियमित क्षेत्र भ्रमण कर व्यवस्थाओं का सत्यापन करें और निरीक्षण के दौरान मिलने वाली कमियों का तत्काल निस्तारण कराएं।
विज्ञापन
करीब 100 क्विंटल गेहूं के भीगने और कुछ के सड़ने का आरोप है। हालांकि, खाद्य विपणन विभाग लगातार गेहूं के पूरी तरह सुरक्षित होने का दावा कर रहा है।
भौंरी क्षेत्र की बसिला मंडी में 900 मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 1052 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था। इसमें से करीब 585 मीट्रिक टन गेहूं एफसीआई के गोदामों में भेजा जा चुका है। शेष गेहूं गल्ला मंडी के टिनशेड के नीचे और बाहर रखा हुआ था। बारिश के कारण बाहर रखा लगभग 100 क्विंटल गेहूं भीग गया। इससे कुछ बोरियों का गेहूं सड़ भी गया है।
इसे लेकर किसान नेता शैलेंद्र सिंह और रुद्र प्रसाद मिश्रा ने कहा कि केंद्रों के गोदामों से समय पर गेहूं का उठान नहीं किया गया। उनका आरोप है कि सुरक्षित भंडारण के अभाव में गेहूं भीग रहा है। किसान नेताओं ने इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
33 गोदामों में डंप 4602 मीट्रिक टन गेहूं
जिले में इस बार 1700 मीट्रिक टन के निर्धारित लक्ष्य से अधिक 18486 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। कुल 36 क्रय केंद्र खरीद के लिए खोले गए थे। इसमें से 13884 मीट्रिक टन गेहूं एफसीआई के गोदामों में भेजा जा चुका है। अभी भी 33 केंद्रों के गोदामों में कुल 4602 मीट्रिक टन गेहूं जमा है।
विज्ञापन
वर्जन
जनपद में इस बार लक्ष्य के सापेक्ष किसानों से खरीदा गया गेहूं एफसीआई के गोदामों में सुरक्षित रखवा दिया है। शेष 4602 मीट्रिक टन गेहूं का उठान बाकी है। हालांकि यह गेहूं पूरी तरह से सुरक्षित है। - लाल बहादुर गुप्ता, प्रभारी जिला खाद्य विपणन अधिकारी।
मंडी में खुला पड़ा 65 बोरी गेहूं देख भड़के मंडलायुक्त
बांदा। औचक निरीक्षण पर निकले मंडलायुक्त अजीत कुमार को जगह-जगह व्यवस्था में खामियां मिलीं तो वह भड़क गए। मंडी समिति जसपुरा के औचक निरीक्षण में करीब 65 बोरी गेहूं टिनशेड के नीचे खुले में रखा मिला।
उन्होंने संबंधित खाद्य विपणन अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब करते हुए गेहूं को तत्काल सुरक्षित स्थान पर रखवाने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी।
इसके बाद आयुक्त ने सहकारी साधन समिति रामपुर का औचक निरीक्षण किया। समिति भवन में ताला लटका मिला। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि समिति कभी-कभार ही खुलती है। इस पर आयुक्त ने सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता, बांदा से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। उन्होंने समिति का नियमित संचालन सुनिश्चित कराने को कहा।
इसके साथ ही उन्होंने पंचायत भवन को निर्धारित दिन और समय पर नियमित रूप से खोलने के निर्देश दिए। कॉमन सर्विस सेंटर में विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं पर निर्धारित दर से अधिक शुल्क लिए जाने पर रोक लगाने को कहा। आयुष्मान आरोग्य मंदिर की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
कागजों में नहीं, धरातल पर दिखें सरकारी व्यवस्थाएं
आयुक्त अजीत कुमार ने निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं और व्यवस्थाओं की स्थिति केवल अभिलेखों में बेहतर नहीं दिखनी चाहिए बल्कि उनका वास्तविक संचालन धरातल पर नजर आना चाहिए। विभागीय अधिकारी नियमित क्षेत्र भ्रमण कर व्यवस्थाओं का सत्यापन करें और निरीक्षण के दौरान मिलने वाली कमियों का तत्काल निस्तारण कराएं।

फोटो 22- मंडी समिति जसपुरा में गेहूं की खुली बोरियों पर नाराजगी जताते मंडलायुक्त। स्रोत- प्रशास