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Banda News: टूटा 47 साल का रिकाॅर्ड, बांदा में पारा 47.4 डिग्री पहुंचा
Sun, 26 Apr 2026 12:03 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sun, 26 Apr 2026 12:03 AM IST
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फोटो- 19 दोपहर 12 बजे कलेक्ट्रेट रोड पर पसरा सन्नाटा। संवाद
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बांदा। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी पड़ रही है। शनिवार को पारा 47.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो एक रिकॉर्ड है। इतना तापमान 47 साल 1979 में 47.7 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया था।
पिछले एक सप्ताह से जिले का तापमान 45 डिग्री के आसपास बना हुआ था, जिससे अप्रैल में ही मई-जून जैसी गर्मी महसूस हो रही है। भीषण गर्मी के चलते दोपहर में दुकानें बंद जा रहीं हैं। दिन में सड़कों पर सन्नाटा है। लोग शाम तक घरों में दुबके रहे। कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश शाह ने बताया कि अगले दो दिन तक गर्मी से राहत की उम्मीद नहीं है।
शनिवार 25 अप्रैल को सुबह 11 बजे से पारा बढ़ना शुरू हुआ। दोपहर दो बजे तक 45 डिग्री पहुंच गया। शाम पांच बजे तक बुधवार का तापमान 47.5 डिग्री आंका गया। दोपहर 12 बजे से दोपहर तीन बजे तक सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। गरम हवाओं के थपेड़े लोगों को झुलसाते रहे।
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जरूरतमंद साफी से मुंह ढांके निकलते दिखाई दिए। छात्राएं भी छाता या दुपट्टे से मुंह बांधकर समूह में चलती नजर आईं। मौसमी फल खीरा-ककड़ी की ठेलियों में लोग गर्मी शांत करते दिखाई दिए। हवा में नमी का स्तर 30 प्रतिशत तक नीचे गिरने से लू का खासा असर रहा। लोग अपने घर में रहने को मजबूर रहे।
गर्मी से बचाव के लिए प्रमुख उपाय
गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड रखना सबसे महत्वपूर्ण है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि प्यास लगने का इंतजार न करें, बल्कि नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें। दिनभर में कम से कम आठ से 10 गिलास पानी पीना आवश्यक है। इसके अलावा, नारियल पानी, लस्सी, नींबू-पानी और आम पना जैसे पेय पदार्थ भी शरीर को ठंडक पहुंचाते हैं और आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं।
गर्मी में पेट को हल्का रखने के लिए सुपाच्य भोजन करना चाहिए। ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें जिनमें पानी की मात्रा अधिक हो, जैसे तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और पुदीना। यह फल और सब्जियां न केवल शरीर को ठंडक पहुंचाते हैं, बल्कि आवश्यक विटामिन और खनिज भी प्रदान करते हैं।
बाहर निकलते समय हल्के रंग के, ढीले-ढाले और सूती कपड़े पहनें। यह कपड़े हवा को आसानी से गुजरने देते हैं और शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं।
गर्मी के सबसे गर्म समय, यानी दोपहर 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच, अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें। यदि बाहर जाना बहुत जरूरी हो, तो पानी की बोतल साथ रखें और छाता या टोपी का उपयोग करें।
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पिछले एक सप्ताह से जिले का तापमान 45 डिग्री के आसपास बना हुआ था, जिससे अप्रैल में ही मई-जून जैसी गर्मी महसूस हो रही है। भीषण गर्मी के चलते दोपहर में दुकानें बंद जा रहीं हैं। दिन में सड़कों पर सन्नाटा है। लोग शाम तक घरों में दुबके रहे। कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश शाह ने बताया कि अगले दो दिन तक गर्मी से राहत की उम्मीद नहीं है।
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शनिवार 25 अप्रैल को सुबह 11 बजे से पारा बढ़ना शुरू हुआ। दोपहर दो बजे तक 45 डिग्री पहुंच गया। शाम पांच बजे तक बुधवार का तापमान 47.5 डिग्री आंका गया। दोपहर 12 बजे से दोपहर तीन बजे तक सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। गरम हवाओं के थपेड़े लोगों को झुलसाते रहे।
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जरूरतमंद साफी से मुंह ढांके निकलते दिखाई दिए। छात्राएं भी छाता या दुपट्टे से मुंह बांधकर समूह में चलती नजर आईं। मौसमी फल खीरा-ककड़ी की ठेलियों में लोग गर्मी शांत करते दिखाई दिए। हवा में नमी का स्तर 30 प्रतिशत तक नीचे गिरने से लू का खासा असर रहा। लोग अपने घर में रहने को मजबूर रहे।
गर्मी से बचाव के लिए प्रमुख उपाय
गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड रखना सबसे महत्वपूर्ण है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि प्यास लगने का इंतजार न करें, बल्कि नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें। दिनभर में कम से कम आठ से 10 गिलास पानी पीना आवश्यक है। इसके अलावा, नारियल पानी, लस्सी, नींबू-पानी और आम पना जैसे पेय पदार्थ भी शरीर को ठंडक पहुंचाते हैं और आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं।
गर्मी में पेट को हल्का रखने के लिए सुपाच्य भोजन करना चाहिए। ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें जिनमें पानी की मात्रा अधिक हो, जैसे तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और पुदीना। यह फल और सब्जियां न केवल शरीर को ठंडक पहुंचाते हैं, बल्कि आवश्यक विटामिन और खनिज भी प्रदान करते हैं।
बाहर निकलते समय हल्के रंग के, ढीले-ढाले और सूती कपड़े पहनें। यह कपड़े हवा को आसानी से गुजरने देते हैं और शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं।
गर्मी के सबसे गर्म समय, यानी दोपहर 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच, अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें। यदि बाहर जाना बहुत जरूरी हो, तो पानी की बोतल साथ रखें और छाता या टोपी का उपयोग करें।

फोटो- 19 दोपहर 12 बजे कलेक्ट्रेट रोड पर पसरा सन्नाटा। संवाद

फोटो- 19 दोपहर 12 बजे कलेक्ट्रेट रोड पर पसरा सन्नाटा। संवाद