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Banda News: बरसात में घरों में कैद हो जाती एक हजार की आबादी
Sat, 01 Aug 2026 12:36 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 01 Aug 2026 12:36 AM IST
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बांदा। गांव बड़ोखर बुजुर्ग के ग्रामीण पिछले 10 साल से बरसात में नरक जैसा जीवन जी रहे हैं। बारिश होते ही गांव के मुख्य रास्ते पर जलभराव हो जाता है।
पानी की निकासी नहीं होने से करीब एक हजार की आबादी वाला यह गांव घरों में कैद होने को मजबूर हो जाता है। उन्होंने जिलाधिकारी से समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
विकास खंड महुआ क्षेत्र के गांव बड़ोखर बुजुर्ग निवासी प्यारे लाल के नेतृत्व में गांव के लोग शुक्रवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। प्यारे लाल ने बताया कि गांव के मुख्य रास्ते पर बारिश होते ही जलभराव हो जाता है। यहां से पानी निकलने की कोई व्यवस्था नहीं है।
ऐसे में जब तक पानी अपने आप सूखता नहीं है, तब तक लोग अपने घरों में फंसे रहते हैं। लोग निकलते भी हैं तो इसी पानी के बीच से होकर निकलना पड़ता है। यह रास्ता मुख्य चौराहे से महज 100 मीटर की दूरी पर है। जबकि गांव की आबादी एक हजार के करीब है।
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यह समस्या पिछले 10 साल से है और हर बरसात में ग्रामीण इससे परेशान होते हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है। जिलाधिकारी ने ठोस कदम उठाए जाने का आश्वासन दिया है।
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पानी की निकासी नहीं होने से करीब एक हजार की आबादी वाला यह गांव घरों में कैद होने को मजबूर हो जाता है। उन्होंने जिलाधिकारी से समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
विकास खंड महुआ क्षेत्र के गांव बड़ोखर बुजुर्ग निवासी प्यारे लाल के नेतृत्व में गांव के लोग शुक्रवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। प्यारे लाल ने बताया कि गांव के मुख्य रास्ते पर बारिश होते ही जलभराव हो जाता है। यहां से पानी निकलने की कोई व्यवस्था नहीं है।
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ऐसे में जब तक पानी अपने आप सूखता नहीं है, तब तक लोग अपने घरों में फंसे रहते हैं। लोग निकलते भी हैं तो इसी पानी के बीच से होकर निकलना पड़ता है। यह रास्ता मुख्य चौराहे से महज 100 मीटर की दूरी पर है। जबकि गांव की आबादी एक हजार के करीब है।
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यह समस्या पिछले 10 साल से है और हर बरसात में ग्रामीण इससे परेशान होते हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है। जिलाधिकारी ने ठोस कदम उठाए जाने का आश्वासन दिया है।