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Banda News: बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को मिला एनिमल कैचर
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Thu, 08 Jan 2026 10:58 PM IST
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बुंदेलखंड एक्सप्रेस के टोल प्लाजा का निरीक्षण करते उप परिवहन आयुक्त। स्रोत - विभाग
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बांदा। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर बेसहारा मवेशी दुर्घटनाओं का बड़ा कारण हैं। यह बात उप परिवहन आयुक्त ने भी स्वीकार की है। बीते दिनों उन्होंने प्रदेश स्तरीय बैठक में इसकी जानकारी देते हुए एक्सप्रेसवे के लिए एनिमल कैचर की मांग की थी। उनकी मांग को स्वीकृत कर लिया गया है।
बुंदेलखंड में खुले में घूम रहे मवेशी दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनते है। इनसे निरंतर दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है। ऐसे में एक्सप्रेसवे पर पर्याप्त संख्या में एनिमल कैचर लगाए जाने की आवश्यकता है। साथ ही हल्के वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त या खराब हो जाने पर हटाने के लिए छोटी क्रेन भी टोल प्लाजा में उपलब्ध होनी चाहिए। यह बात उप परिवहन आयुक्त परिक्षेत्र झांसी केडी सिंह ने बुधवार को प्रदेश स्तरीय वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कही थी। उन्होंने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजाओं पर सड़क सुरक्षा संबंधी आधारभूत व्यवस्थाओं और संसाधनों की कमी का मुद्दा उठाया।
कहा कि परिक्षेत्र के पांच जनपदों से होकर गुजरने वाले करीब 300 किमी लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर छह टोल प्लाजा हैं। हर टोल प्लाजा में न्यूनतम तीन एंबुलेंस, दो सेफ्टी वाहन, दो पेट्रोलिंग वाहन और एक क्रेन की व्यवस्था का मानक निर्धारित है लेकिन निरीक्षण के समय पूरे एक्सप्रेसवे किसी भी टोल प्लाजा में एक भी एनिमल कैचर नहीं मिला। वहीं लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे तथा यमुना एक्सप्रेसवे में एनिमल कैचर दिए गए हैं।
उन्होंने शासन से मांग की थी कि सड़क हादसों में कमी लाने के उद्देश्य से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे में एनिमल कैचर उपलब्ध कराए जाएं। वहीं उप परिवहन आयुक्त व परिवहन विभाग की पहल रंग लाती दिखी। बृहस्पतिवार को जिला पंचायत की ओर से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को एक एनिमल कैचर देने की संस्तुति की गई। इसकी सहायता से एक्सप्रेसवे पर घूम रहे मवेशियों को पकड़कर बाहर किया जा सकेगा।
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बुंदेलखंड में खुले में घूम रहे मवेशी दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनते है। इनसे निरंतर दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है। ऐसे में एक्सप्रेसवे पर पर्याप्त संख्या में एनिमल कैचर लगाए जाने की आवश्यकता है। साथ ही हल्के वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त या खराब हो जाने पर हटाने के लिए छोटी क्रेन भी टोल प्लाजा में उपलब्ध होनी चाहिए। यह बात उप परिवहन आयुक्त परिक्षेत्र झांसी केडी सिंह ने बुधवार को प्रदेश स्तरीय वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कही थी। उन्होंने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजाओं पर सड़क सुरक्षा संबंधी आधारभूत व्यवस्थाओं और संसाधनों की कमी का मुद्दा उठाया।
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कहा कि परिक्षेत्र के पांच जनपदों से होकर गुजरने वाले करीब 300 किमी लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर छह टोल प्लाजा हैं। हर टोल प्लाजा में न्यूनतम तीन एंबुलेंस, दो सेफ्टी वाहन, दो पेट्रोलिंग वाहन और एक क्रेन की व्यवस्था का मानक निर्धारित है लेकिन निरीक्षण के समय पूरे एक्सप्रेसवे किसी भी टोल प्लाजा में एक भी एनिमल कैचर नहीं मिला। वहीं लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे तथा यमुना एक्सप्रेसवे में एनिमल कैचर दिए गए हैं।
उन्होंने शासन से मांग की थी कि सड़क हादसों में कमी लाने के उद्देश्य से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे में एनिमल कैचर उपलब्ध कराए जाएं। वहीं उप परिवहन आयुक्त व परिवहन विभाग की पहल रंग लाती दिखी। बृहस्पतिवार को जिला पंचायत की ओर से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को एक एनिमल कैचर देने की संस्तुति की गई। इसकी सहायता से एक्सप्रेसवे पर घूम रहे मवेशियों को पकड़कर बाहर किया जा सकेगा।