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120 किमी प्रतिघंटे की गति से चलने योग्य नहीं बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे : उप परिवहन आयुक्त

संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Fri, 15 May 2026 12:48 AM IST
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Bundelkhand Expressway not suitable for driving at 120 kmph: Deputy Transport Commissioner
फोटो - 34 निरीक्षण के दौरान टोल प्लाजा के पास जांच करती टीम। संवाद
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बांदा। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर हाल ही में हुई एक दुर्घटना के बाद उप परिवहन आयुक्त परिक्षेत्र झांसी डी सिंह गौर ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ आरटीओ प्रवर्तन बांदा और यात्री कर अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के उपरांत उप परिवहन आयुक्त ने टोल इंचार्ज और टोल प्रबंधन के कर्मचारियों के साथ एक बैठक भी की। उन्होंने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर स्पीड लिमिट को 120 किमी प्रति घंटा से घटाकर 100 किमी प्रति घंटा करने का सुझाव दिया। इसका मुख्य कारण बताते हुए कहा गया कि एक्सप्रेसवे की वर्तमान मोटरेबल दशा (कार, बाइक, बस, ट्रक) और उसमें मौजूद जर्क की स्थिति 120 किमी प्रति घंटे की गति से चलने के लिए उचित नहीं है।
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जिसमें उन्होंने टोल प्रबंधन को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि भविष्य में इस प्रकार की अप्रिय और दुखद दुर्घटनाओं से बचने के लिए एक्सप्रेसवे पर पेट्रोलिंग टीमों को सतत भ्रमणशील रखा जाए। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि किसी भी वाहन को किसी भी परिस्थिति में एक्सप्रेसवे पर अनधिकृत रूप से पार्क न किया जाए। यदि कोई वाहन खराब हो जाता है तो उसे पेट्रोलिंग टीमों द्वारा टोच करके टोल प्लाजा पर खड़ा किया जाए। इसके अतिरिक्त यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि हल्के और भारी वाहन अपनी निर्धारित लेन में ही चलें और लेन का अतिक्रमण न करें।
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उप परिवहन आयुक्त ने प्रवर्तन अधिकारियों को भी सचेत किया कि वे जिला दुर्घटना जांच समिति की रिपोर्ट में उन तथ्यों का स्पष्ट उल्लेख करें, जिनकी वजह से एक्सप्रेसवे पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। इन तथ्यों को जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में प्रस्तुत किया जाना चाहिए। इसके अलावा, यह भी सामने आया कि एक्सप्रेस-वे के बांदा सेक्शन में स्पीड डिटेक्टर कैमरे नहीं लगे हैं। इसके अभाव में, दुर्घटना विश्लेषण के दौरान यह जानकारी प्राप्त करना असंभव हो जाता है कि दुर्घटना में शामिल कौन सा वाहन ओवर-स्पीडिंग कर रहा था।
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