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Banda News: बस स्टैंड पर सन्नाटा, गर्मी में नहीं निकल रहे यात्री
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 28 Apr 2026 02:39 AM IST
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रोडवेज परिसर में न छाया के इंतजाम न लगा प्याऊ। संवाद
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बांदा। 47 डिग्री तापमान में बसें तंदूर की तरह तप रही हैं। ऐसे में यात्री सहालग के बावजूद बसों से यात्रा करने में कतरा रहे हैं। सुबह-शाम ही सवारियां निकल रही हैं। दोपहर में बस अड्डे पर सन्नाटा पसर जाता है। उधर, परिवहन निगम की एसी बसों का बुरा हाल है वह बीच मार्ग में ही धोखा दे जाती हैं। आरएम ने प्रत्येक 30 किमी के बाद पांच से 10 मिनट बस को छाया में खड़ा करने के निर्देश दिए हैं।
बांदा डिपो में 154 बसों का बेड़ा है। सामान्य दिनों में यहां प्रतिदिन पांच से छह हजार यात्री सफर करते हैं। बस स्टैंड पर सुबह-शाम ही यात्रियों की भीड़ लग रही है। कंडक्टर राम प्रसाद का कहना है कि इस भीषण गर्मी में 10 किमी में ही बस बुरी तरह से तप जाती है। यहां तक स्टीयरिंग गर्म हो जाने से बस चलाना मुश्किल हो रहा है। किसी भी बस स्टैंड में बसों के खड़े होने वाले स्थान पर छाया की व्यवस्था नहीं है। धूप में बसों को खड़ा करना पड़ता है। जिससे यात्री दोपहर की यात्रा से कतरा रहे हैं।
तीन दिन तक होमगार्ड भर्ती में बस स्टैंड यात्रियों से भरा रहा। सोमवार को स्टैंड में दिन के दो बजे इक्का-दुक्का ही यात्री नजर आ रहे हैं। बसें खाली ही फर्राटा भर रही हैं। यात्री शिया का कहना है कि उन्हें कानपुर जाना है। स्टैंड में सभी बसें धूप में खड़ी हैं। जो इतनी तप रही है कि उनके अंदर जाते ही पसीने की धार लग जाती है। सीट के हत्थे गर्म हो गए हैं।
उधर, एसी बसों का सामान्य बसों से ज्यादा बुरा हाल है। यह अक्सर बीच मार्ग में ही धोखा दे जाती है। कंडक्टर का कहना है कि एसी बसों की मरम्मत का काम ठेके पर है। वर्कशॉप में मरम्मत के नाम पर औपचारिकता की जा रही है। बसों को बिना चेक किए है रवाना कर दिया जाता है। आरएम रामलवर औलट का कहना है कि कंडक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वह चाहे तो प्रत्येक 30 किलोमीटर के बाद पांच से 10 मिनट को बस छाया में खड़ा कर दें।
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बांदा डिपो में 154 बसों का बेड़ा है। सामान्य दिनों में यहां प्रतिदिन पांच से छह हजार यात्री सफर करते हैं। बस स्टैंड पर सुबह-शाम ही यात्रियों की भीड़ लग रही है। कंडक्टर राम प्रसाद का कहना है कि इस भीषण गर्मी में 10 किमी में ही बस बुरी तरह से तप जाती है। यहां तक स्टीयरिंग गर्म हो जाने से बस चलाना मुश्किल हो रहा है। किसी भी बस स्टैंड में बसों के खड़े होने वाले स्थान पर छाया की व्यवस्था नहीं है। धूप में बसों को खड़ा करना पड़ता है। जिससे यात्री दोपहर की यात्रा से कतरा रहे हैं।
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तीन दिन तक होमगार्ड भर्ती में बस स्टैंड यात्रियों से भरा रहा। सोमवार को स्टैंड में दिन के दो बजे इक्का-दुक्का ही यात्री नजर आ रहे हैं। बसें खाली ही फर्राटा भर रही हैं। यात्री शिया का कहना है कि उन्हें कानपुर जाना है। स्टैंड में सभी बसें धूप में खड़ी हैं। जो इतनी तप रही है कि उनके अंदर जाते ही पसीने की धार लग जाती है। सीट के हत्थे गर्म हो गए हैं।
उधर, एसी बसों का सामान्य बसों से ज्यादा बुरा हाल है। यह अक्सर बीच मार्ग में ही धोखा दे जाती है। कंडक्टर का कहना है कि एसी बसों की मरम्मत का काम ठेके पर है। वर्कशॉप में मरम्मत के नाम पर औपचारिकता की जा रही है। बसों को बिना चेक किए है रवाना कर दिया जाता है। आरएम रामलवर औलट का कहना है कि कंडक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वह चाहे तो प्रत्येक 30 किलोमीटर के बाद पांच से 10 मिनट को बस छाया में खड़ा कर दें।

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