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Banda News: सीबीआई ने कहा, बेहद शातिर था निलंबित जेई
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- घिनौने अपराध में 14 मोबाइल, आठ सिम का किया इस्तेमाल
- रामभवन ने हर नई सूचना टेक्नोलॉजी का किया था इस्तेमाल
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। यौन शोषण के मामले में फांसी की सजा पाए निलंबित जेई रामभवन को सीबीआई ने एक बेहद शातिर अपराधी बताया है। जिसने अपने घिनौने अपराधों को अंजाम देने और छिपाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के हर नए माध्यम का कुशलता से इस्तेमाल किया। सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार रामभवन ने अपने कृत्य को छुपाने के लिए 14 मोबाइल फोन और आठ सिम कार्ड का प्रयोग किया, साथ ही हर तरह की नई तकनीक का सहारा लिया।
सीबीआई ने पाक्सो न्यायालय में रामभवन के खिलाफ पेश की गई चार्जशीट में इस बात का विस्तृत उल्लेख किया है कि वह कितना चालाक था। उसने अपने अपराधों को छुपाने के लिए किसी भी हद तक जाने की तैयारी कर रखी थी। कर्वी स्थित उसके किराए के आवास से तलाशी के दौरान चार कंप्यूटर, दो लैपटॉप, दो प्रिंटर, विभिन्न कंपनियों के वाई-फाई उपकरण, अलग-अलग नामों से 10 से अधिक ईमेल आईडी, चार कैमरे, छह सीडी, चार माइक्रो एसडी कार्ड, 10 पेन ड्राइव, 14 मोबाइल फोन और आठ सिम कार्ड बरामद हुए।
यह सब सीबीआई के इस कथन को पुष्ट करता है कि रामभवन को इस बात का अहसास था कि उसके कृत्य का खुलासा कभी भी हो सकता है। इसी आशंका के चलते उसने अपराध के दौरान अलग-अलग मोबाइल और सिम का इस्तेमाल किया। उसने अपनी ऑनलाइन बातचीत को भी अत्यंत गोपनीय रखा। यह भी पता चला है कि एक ईमेल आईडी का प्रयोग वह केवल दो से तीन बार ही करता था और विभिन्न नामों से नई ईमेल आईडी बनाता था। कंप्यूटर पर की गई किसी भी बातचीत को वह तुरंत एक सीक्रेट फाइल में डालकर मिटा देता था, ताकि कोई भी सबूत न बचे। उसने कई जगहों पर अपनी पहचान भी गुप्त रखी थी।
इंसेट
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अपराध स्वीकारने से इनकार
सभी साक्ष्यों और गवाहों के होने के बावजूद जेई रामभवन ने सजा के अंतिम समय तक अपने अपराध को स्वीकार नहीं किया। उसने बार-बार यह दोहराया कि उसे फर्जी तरीके से फंसाया गया है और सीबीआई द्वारा पेश किए गए सभी साक्ष्य बनावटी हैं। इतना ही नहीं, उसने अपने सगे शिक्षक बहनोई पर भी आरोप लगाया कि उसने व्यक्तिगत द्वेष के चलते उसे जेल पहुंचाने के लिए यह पूरा जाल बिछाया है। रामभवन ने यह भी दावा किया कि उसके पढ़ाए हुए कई छात्र सीबीआई में कार्यरत हैं, जो उसके खिलाफ साजिश रच सकते हैं।
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- रामभवन ने हर नई सूचना टेक्नोलॉजी का किया था इस्तेमाल
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। यौन शोषण के मामले में फांसी की सजा पाए निलंबित जेई रामभवन को सीबीआई ने एक बेहद शातिर अपराधी बताया है। जिसने अपने घिनौने अपराधों को अंजाम देने और छिपाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के हर नए माध्यम का कुशलता से इस्तेमाल किया। सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार रामभवन ने अपने कृत्य को छुपाने के लिए 14 मोबाइल फोन और आठ सिम कार्ड का प्रयोग किया, साथ ही हर तरह की नई तकनीक का सहारा लिया।
सीबीआई ने पाक्सो न्यायालय में रामभवन के खिलाफ पेश की गई चार्जशीट में इस बात का विस्तृत उल्लेख किया है कि वह कितना चालाक था। उसने अपने अपराधों को छुपाने के लिए किसी भी हद तक जाने की तैयारी कर रखी थी। कर्वी स्थित उसके किराए के आवास से तलाशी के दौरान चार कंप्यूटर, दो लैपटॉप, दो प्रिंटर, विभिन्न कंपनियों के वाई-फाई उपकरण, अलग-अलग नामों से 10 से अधिक ईमेल आईडी, चार कैमरे, छह सीडी, चार माइक्रो एसडी कार्ड, 10 पेन ड्राइव, 14 मोबाइल फोन और आठ सिम कार्ड बरामद हुए।
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यह सब सीबीआई के इस कथन को पुष्ट करता है कि रामभवन को इस बात का अहसास था कि उसके कृत्य का खुलासा कभी भी हो सकता है। इसी आशंका के चलते उसने अपराध के दौरान अलग-अलग मोबाइल और सिम का इस्तेमाल किया। उसने अपनी ऑनलाइन बातचीत को भी अत्यंत गोपनीय रखा। यह भी पता चला है कि एक ईमेल आईडी का प्रयोग वह केवल दो से तीन बार ही करता था और विभिन्न नामों से नई ईमेल आईडी बनाता था। कंप्यूटर पर की गई किसी भी बातचीत को वह तुरंत एक सीक्रेट फाइल में डालकर मिटा देता था, ताकि कोई भी सबूत न बचे। उसने कई जगहों पर अपनी पहचान भी गुप्त रखी थी।
इंसेट
अपराध स्वीकारने से इनकार
सभी साक्ष्यों और गवाहों के होने के बावजूद जेई रामभवन ने सजा के अंतिम समय तक अपने अपराध को स्वीकार नहीं किया। उसने बार-बार यह दोहराया कि उसे फर्जी तरीके से फंसाया गया है और सीबीआई द्वारा पेश किए गए सभी साक्ष्य बनावटी हैं। इतना ही नहीं, उसने अपने सगे शिक्षक बहनोई पर भी आरोप लगाया कि उसने व्यक्तिगत द्वेष के चलते उसे जेल पहुंचाने के लिए यह पूरा जाल बिछाया है। रामभवन ने यह भी दावा किया कि उसके पढ़ाए हुए कई छात्र सीबीआई में कार्यरत हैं, जो उसके खिलाफ साजिश रच सकते हैं।
