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Banda News: किसानों के प्रदर्शन के बाद हरकत में चकबंदी विभाग, जांच के आदेश
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-अपर जिलाधिकारी से जांच कराने के लिए डीएम को भेजा पत्र
-एक माह से अधिक समय से धरना दे रहे थे भाकियू अराजनैतिक के किसान
अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। शहर के अशोक लाट चौराहे पर भाकियू अराजनैतिक व ग्रामीणों के प्रदर्शन के बाद अमलीकोर और लोहरा में चकबंदी विवाद में शासन और विभाग हरकत में आ गया है। उप संचालक चकबंदी, कृषि आयुक्त कार्यालय लखनऊ ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
उप संचालक चकबंदी संत कुमार की ओर से 17 जुलाई को जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि 15 जुलाई को भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के नेतृत्व में किसानों और ग्रामीणों ने अशोक स्तंभ चौराहे पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में ग्राम अमलीकोर और लोहरा में कथित रूप से नियमों के विपरीत चक सीमांकन किए जाने तथा संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई थी।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि किसानों से वार्ता के दौरान यह भी सामने आया कि ग्राम अमलीकोर और लोहरा में करीब 40 प्रतिशत चक सीमांकन कार्य कराया जा चुका है, जबकि कई चक आपत्तियां चकबंदी अधिकारी की अदालत में लंबित हैं। किसानों का आरोप है कि आपत्तियों के निस्तारण से पहले ही सीमांकन कराया जा रहा है।
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उप संचालक ने जिलाधिकारी से कहा है कि पूरे प्रकरण की किसी दूसरे अपर जिलाधिकारी से बिंदुवार जांच कराई जाए और जांच आख्या संस्तुति सहित एक सप्ताह के भीतर निदेशालय को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही संबंधित बिंदुओं की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पत्र में यह भी उल्लेख है कि मंडलायुक्त के आदेश पर पहले गठित जांच समिति तथा सात मई 2026 को चकबंदी निदेशालय में गठित जांच समिति की जांच लंबित रखे जाने के संबंध में भी राजस्व परिषद से टीम गठित कर जांच कराए जाने का विषय शामिल है। इस आदेश के बाद एक माह से चल रहा धरना भी समाप्त हो गया।
इंसेट
किसानों ने लगाया था मनमानी का आरोप
15 जुलाई को अशोक स्तंभ चौराहे पर किसानों और ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर चकबंदी विभाग पर नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया था। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लंबित आपत्तियों का निस्तारण किए बिना चक सीमांकन कराया जा रहा है। उन्होंने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा था। प्रदर्शन के दो दिन बाद विभाग की ओर से जांच के निर्देश जारी होने से मामले ने तूल पकड़ लिया है।
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-एक माह से अधिक समय से धरना दे रहे थे भाकियू अराजनैतिक के किसान
अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। शहर के अशोक लाट चौराहे पर भाकियू अराजनैतिक व ग्रामीणों के प्रदर्शन के बाद अमलीकोर और लोहरा में चकबंदी विवाद में शासन और विभाग हरकत में आ गया है। उप संचालक चकबंदी, कृषि आयुक्त कार्यालय लखनऊ ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
उप संचालक चकबंदी संत कुमार की ओर से 17 जुलाई को जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि 15 जुलाई को भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के नेतृत्व में किसानों और ग्रामीणों ने अशोक स्तंभ चौराहे पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में ग्राम अमलीकोर और लोहरा में कथित रूप से नियमों के विपरीत चक सीमांकन किए जाने तथा संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई थी।
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पत्र में उल्लेख किया गया है कि किसानों से वार्ता के दौरान यह भी सामने आया कि ग्राम अमलीकोर और लोहरा में करीब 40 प्रतिशत चक सीमांकन कार्य कराया जा चुका है, जबकि कई चक आपत्तियां चकबंदी अधिकारी की अदालत में लंबित हैं। किसानों का आरोप है कि आपत्तियों के निस्तारण से पहले ही सीमांकन कराया जा रहा है।
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उप संचालक ने जिलाधिकारी से कहा है कि पूरे प्रकरण की किसी दूसरे अपर जिलाधिकारी से बिंदुवार जांच कराई जाए और जांच आख्या संस्तुति सहित एक सप्ताह के भीतर निदेशालय को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही संबंधित बिंदुओं की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पत्र में यह भी उल्लेख है कि मंडलायुक्त के आदेश पर पहले गठित जांच समिति तथा सात मई 2026 को चकबंदी निदेशालय में गठित जांच समिति की जांच लंबित रखे जाने के संबंध में भी राजस्व परिषद से टीम गठित कर जांच कराए जाने का विषय शामिल है। इस आदेश के बाद एक माह से चल रहा धरना भी समाप्त हो गया।
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किसानों ने लगाया था मनमानी का आरोप
15 जुलाई को अशोक स्तंभ चौराहे पर किसानों और ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर चकबंदी विभाग पर नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया था। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लंबित आपत्तियों का निस्तारण किए बिना चक सीमांकन कराया जा रहा है। उन्होंने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा था। प्रदर्शन के दो दिन बाद विभाग की ओर से जांच के निर्देश जारी होने से मामले ने तूल पकड़ लिया है।