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Banda News: लूटपाट और जानलेवा हमले में दो भाइयों समेत चार दोषी करार, सात-सात साल की कैद
Fri, 24 Apr 2026 01:53 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Fri, 24 Apr 2026 01:53 AM IST
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बांदा। विशेष न्यायाधीश, डकैती कोर्ट गगन कुमार भारती की अदालत ने लूटपाट और जानलेवा हमले के एक गंभीर मामले में चार आरोपियों को दोषी ठहराया है। इनमें दो सगे भाई भी शामिल हैं। अदालत ने सभी दोषियों को सात-सात साल के कारावास सुनाया है। साथ ही विभिन्न धाराओं के तहत कुल 1,80,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
यह घटना 20 जुलाई 2008 को नरैनी थाना क्षेत्र के पड़मई गांव निवासी राजेंद्र सिंह उर्फ रजोल सिंह की तहरीर पर दर्ज हुई थी। प्राथमिकी के अनुसार शाम करीब 8 बजे राजेंद्र सिंह अपनी इंडिका गाड़ी से गांव जा रहे थे। उनके साथ राजेश कुमार, उनका भाई धर्मेंद्र सिंह और भतीजा योगेंद्र सिंह भी थे। जैसे ही उनकी गाड़ी कहारन पुरवा के पास पहुंची थी, पहले से चली आ रही रंजिश के चलते गांव के भल्लू सिंह और उसके भाई अरविंद सिंह, अमित तिवारी व सुरेंद्र सिंह ने लाठी-डंडे लेकर उनकी गाड़ी रोक ली थी।
आरोपियों ने गाड़ी रोककर उस पर हमला कर दिया था। गाड़ी में पीछे की सीट पर बैठे धर्मेंद्र और योगेंद्र (जिन्हें मुन्ना भी कहा गया है) कूदकर भागने लगे थे। इसके बाद भल्लू सिंह ने अपने हाथ में लिए तमंचे से धर्मेंद्र और योगेंद्र पर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया था। वहीं अरविंद, अमित तिवारी और सुरेंद्र ने राजेंद्र सिंह और राजेश साहू को गाड़ी से खींचकर लाठी-डंडों और तमंचे के बट से बुरी तरह पीटा था। जब धर्मेंद्र और योगेंद्र ने गुहार लगाई तो सभी आरोपी जान से मारने की धमकी देकर मौके से भाग गए थे।
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घटना के बाद, मामले का आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया था। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायाधीश ने सभी चार आरोपियों को दोषी पाया और उन्हें उपरोक्त सजा सुनाई।
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यह घटना 20 जुलाई 2008 को नरैनी थाना क्षेत्र के पड़मई गांव निवासी राजेंद्र सिंह उर्फ रजोल सिंह की तहरीर पर दर्ज हुई थी। प्राथमिकी के अनुसार शाम करीब 8 बजे राजेंद्र सिंह अपनी इंडिका गाड़ी से गांव जा रहे थे। उनके साथ राजेश कुमार, उनका भाई धर्मेंद्र सिंह और भतीजा योगेंद्र सिंह भी थे। जैसे ही उनकी गाड़ी कहारन पुरवा के पास पहुंची थी, पहले से चली आ रही रंजिश के चलते गांव के भल्लू सिंह और उसके भाई अरविंद सिंह, अमित तिवारी व सुरेंद्र सिंह ने लाठी-डंडे लेकर उनकी गाड़ी रोक ली थी।
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आरोपियों ने गाड़ी रोककर उस पर हमला कर दिया था। गाड़ी में पीछे की सीट पर बैठे धर्मेंद्र और योगेंद्र (जिन्हें मुन्ना भी कहा गया है) कूदकर भागने लगे थे। इसके बाद भल्लू सिंह ने अपने हाथ में लिए तमंचे से धर्मेंद्र और योगेंद्र पर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया था। वहीं अरविंद, अमित तिवारी और सुरेंद्र ने राजेंद्र सिंह और राजेश साहू को गाड़ी से खींचकर लाठी-डंडों और तमंचे के बट से बुरी तरह पीटा था। जब धर्मेंद्र और योगेंद्र ने गुहार लगाई तो सभी आरोपी जान से मारने की धमकी देकर मौके से भाग गए थे।
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घटना के बाद, मामले का आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया था। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायाधीश ने सभी चार आरोपियों को दोषी पाया और उन्हें उपरोक्त सजा सुनाई।