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Banda News: 90 हजार में मैदान, अफसर मेहरबान तो रिश्तेदार पहलवान
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Mon, 20 Apr 2026 01:07 AM IST
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फोटो - 03 राइफल क्लब खेल मैदान में लगी प्रदर्शनी। संवाद
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बांदा। राइफल क्लब मैदान को प्रशासन ने 90 हजार रुपये में बर्बाद करने के लिए प्रदर्शनी के आयोजक को सौंप दिया। शहर का नूर कहे जाने वाले इस मैदान को बचाने के लिए खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और जनप्रतिनिधियों धरना प्रदर्शन कर विरोध जताने के साथ हाईकोर्ट तक लड़ाई लड़ी।
इसके बावजूद मनमाने तरीके से 80 दिन की प्रदर्शनी के लिए मैदान एक अफसर के रिश्तेदार को दे दिया। इससे पैरोकारों में रोष है। राइफल क्लब को व्यावसायिक क्षेत्र में तब्दील करने की सरकारी कोशिश दो दशकों से चल रही है। नगर पालिका ने मैदान को विकास प्राधिकरण को सौंप
दिया था।
प्राधिकरण ने यहां दुकानें आदि बनवाने के लिए नीलामी का टेंडर जारी कर दिया। इस पर खिलाड़ी और खेल प्रेमियों सहित जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक व स्वयंसेवी संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया। खिलाड़ियों ने इसी साल जनवरी में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी। इस पर प्राधिकरण प्रशासन बैक फुट पर आ गया था।
प्राधिकरण के अधिवक्ता ने उच्च न्यायालय में भरोसा दिया कि मैदान की प्रस्तावित नीलामी रोक दी गई है। इसके बाद मैदान का मुद्दा कुछ ठंडा पड़ गया। मैदान पहले की तरह नगर पालिका के अधिकार क्षेत्र में आ गया।
अब यह मुद्दा फिर गरमा गया है। जिला प्रशासन ने राइफल क्लब मैदान में प्रदर्शनी मेला की अनुमति दे दी है। प्रदर्शनी शुरू भी हो गई है। इसकी अनुमति 10 मार्च से 30 मई 2026 तक (80 दिन) के लिए दी गई है।
नगर पालिका परिषद ने 80 दिन की प्रदर्शनी का शुल्क मात्र 90 हजार 200 रुपये लिया है। इसमें 41 हजार शुल्क और 49 हजार 200 रुपये अपशिष्ट प्रबंधन का शुल्क बताया गया है।
यहां का सर्किल रेट (व्यावसायिक) 10 लाख तीन हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर है। बाजार दर इससे कई गुना अधिक है। राइफल क्लब का रकबा बांदा विकास प्राधिकरण के अनुसार कुल 8825 वर्ग मीटर है।
सर्किल रेट के मुताबिक इसकी कीमत 90 करोड़ 89 लाख 75 हजार रुपये होती है। नगर पालिका ने यह भी कहा है कि मैदान की सफाई की जिम्मेदारी प्रदर्शनी आयोजक की होगी। सड़क पर गंदगी फैलाने पर अतिरिक्त शुल्क वसूला जाएगा।
नियमानुसार खेल मैदान में किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि करने की अनुमति नहीं होती है। रुपयों के लिए प्रदर्शनी लगवाना मनमाना रवैया है। (संवाद)
इनसेट
आयोजक का नाम व पता छिपाया
राइफल क्लब में लगाई गई प्रदर्शनी को आयोजकों ने फन एंड फेयर प्रदर्शनी नाम दिया है। आयोजक यूनिवर्सल अम्यूजमेंट शो नामक संस्था है। नगर पालिका और विकास प्राधिकरण ने इसी संस्था के प्रबंधक को एनओसी जारी की है। दोनों विभागों ने आयोजक/प्रबंधक के नाम व पता का खुलासा नहीं किया है। चर्चा है कि मुख्य आयोजक उत्तर प्रदेश के बाहर (दक्षिण) के हैं और बांदा के बड़े अफसर के परिचित हैं।
आनन-फानन हो गई एनओसी औपचारिकता
प्रदर्शनी की अनुमति और एनओसी प्रक्रिया जितनी तेज गति से पूरी की गई उससे प्रदर्शनी आयोजक के रसूख या प्रशासन के चहेते होने का अंदाजा लगाया जा सकता है। नगर मजिस्ट्रेट ने छह मार्च 2026 को नगर पालिका व प्राधिकरण को इस बाबत पत्र भेजा था। प्राधिकरण ने आनन-फानन उसी दिन नगर मजिस्ट्रेट को एनओसी भेज दिया। नगर पालिका ने भी चौथे दिन 10 मार्च को एनओसी संबंधी शुल्क का पत्र भेज दिया। इस बाबत नगर पालिका ईओ श्रीचंद्र चौधरी ने बताया कि सभी काम नियमानुसार किए गए हैं।
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इसके बावजूद मनमाने तरीके से 80 दिन की प्रदर्शनी के लिए मैदान एक अफसर के रिश्तेदार को दे दिया। इससे पैरोकारों में रोष है। राइफल क्लब को व्यावसायिक क्षेत्र में तब्दील करने की सरकारी कोशिश दो दशकों से चल रही है। नगर पालिका ने मैदान को विकास प्राधिकरण को सौंप
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दिया था।
प्राधिकरण ने यहां दुकानें आदि बनवाने के लिए नीलामी का टेंडर जारी कर दिया। इस पर खिलाड़ी और खेल प्रेमियों सहित जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक व स्वयंसेवी संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया। खिलाड़ियों ने इसी साल जनवरी में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी। इस पर प्राधिकरण प्रशासन बैक फुट पर आ गया था।
प्राधिकरण के अधिवक्ता ने उच्च न्यायालय में भरोसा दिया कि मैदान की प्रस्तावित नीलामी रोक दी गई है। इसके बाद मैदान का मुद्दा कुछ ठंडा पड़ गया। मैदान पहले की तरह नगर पालिका के अधिकार क्षेत्र में आ गया।
अब यह मुद्दा फिर गरमा गया है। जिला प्रशासन ने राइफल क्लब मैदान में प्रदर्शनी मेला की अनुमति दे दी है। प्रदर्शनी शुरू भी हो गई है। इसकी अनुमति 10 मार्च से 30 मई 2026 तक (80 दिन) के लिए दी गई है।
नगर पालिका परिषद ने 80 दिन की प्रदर्शनी का शुल्क मात्र 90 हजार 200 रुपये लिया है। इसमें 41 हजार शुल्क और 49 हजार 200 रुपये अपशिष्ट प्रबंधन का शुल्क बताया गया है।
यहां का सर्किल रेट (व्यावसायिक) 10 लाख तीन हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर है। बाजार दर इससे कई गुना अधिक है। राइफल क्लब का रकबा बांदा विकास प्राधिकरण के अनुसार कुल 8825 वर्ग मीटर है।
सर्किल रेट के मुताबिक इसकी कीमत 90 करोड़ 89 लाख 75 हजार रुपये होती है। नगर पालिका ने यह भी कहा है कि मैदान की सफाई की जिम्मेदारी प्रदर्शनी आयोजक की होगी। सड़क पर गंदगी फैलाने पर अतिरिक्त शुल्क वसूला जाएगा।
नियमानुसार खेल मैदान में किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि करने की अनुमति नहीं होती है। रुपयों के लिए प्रदर्शनी लगवाना मनमाना रवैया है। (संवाद)
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आयोजक का नाम व पता छिपाया
राइफल क्लब में लगाई गई प्रदर्शनी को आयोजकों ने फन एंड फेयर प्रदर्शनी नाम दिया है। आयोजक यूनिवर्सल अम्यूजमेंट शो नामक संस्था है। नगर पालिका और विकास प्राधिकरण ने इसी संस्था के प्रबंधक को एनओसी जारी की है। दोनों विभागों ने आयोजक/प्रबंधक के नाम व पता का खुलासा नहीं किया है। चर्चा है कि मुख्य आयोजक उत्तर प्रदेश के बाहर (दक्षिण) के हैं और बांदा के बड़े अफसर के परिचित हैं।
आनन-फानन हो गई एनओसी औपचारिकता
प्रदर्शनी की अनुमति और एनओसी प्रक्रिया जितनी तेज गति से पूरी की गई उससे प्रदर्शनी आयोजक के रसूख या प्रशासन के चहेते होने का अंदाजा लगाया जा सकता है। नगर मजिस्ट्रेट ने छह मार्च 2026 को नगर पालिका व प्राधिकरण को इस बाबत पत्र भेजा था। प्राधिकरण ने आनन-फानन उसी दिन नगर मजिस्ट्रेट को एनओसी भेज दिया। नगर पालिका ने भी चौथे दिन 10 मार्च को एनओसी संबंधी शुल्क का पत्र भेज दिया। इस बाबत नगर पालिका ईओ श्रीचंद्र चौधरी ने बताया कि सभी काम नियमानुसार किए गए हैं।

फोटो - 03 राइफल क्लब खेल मैदान में लगी प्रदर्शनी। संवाद

फोटो - 03 राइफल क्लब खेल मैदान में लगी प्रदर्शनी। संवाद
