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Banda News: कटान रोकने को लगाई पिचिंग ध्वस्त, ग्रामीण परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Mon, 20 Apr 2026 01:06 AM IST
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फोटो - 19 इछावर गांव में यमुना किनारे क्षतिग्रस्त पिचिंग। संवाद
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जसपुरा। क्षेत्र के इछावर और लसड़ा गांव में यमुना नदी किनारे कटान रोकने के लिए कराई गई पिचिंग पहली ही बाढ़ में बह गई। इससे ग्रामीणों में परेशानी है। ग्रामीणों का आरोप है मानक विहीन कार्य कराए जाने से पत्थर नदी के पानी में बह गए और कई जगहों पर कटान फिर से तेज हो गई है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले सिंचाई विभाग की ओर से गांव को कटान से बचाने के लिए पिचिंग का कार्य कराया गया था। उनको उम्मीद थी कि इससे उनके घर और खेत सुरक्षित रहेंगे। लेकिन पहली ही बाढ़ में पिचिंग उखड़ने लगी। कई स्थानों पर पत्थर धंस गए और नदी में बह गए। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की गई थी। उस समय अधिकारियों ने निरीक्षण कर कार्य में सुधार कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन स्थिति जस की तस बनी रही। सपा के पुष्पेंद्र सिंह चुनाले ने आरोप लगाया कि पिचिंग निर्माण में मानकों का पालन नहीं किया गया। मसाले की जगह मिट्टी का उपयोग किया गया है और पत्थरों को सही तरीके से नहीं लगाया गया। इसके कारण कार्य टिक नहीं सका। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कराकर दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले सिंचाई विभाग की ओर से गांव को कटान से बचाने के लिए पिचिंग का कार्य कराया गया था। उनको उम्मीद थी कि इससे उनके घर और खेत सुरक्षित रहेंगे। लेकिन पहली ही बाढ़ में पिचिंग उखड़ने लगी। कई स्थानों पर पत्थर धंस गए और नदी में बह गए। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की गई थी। उस समय अधिकारियों ने निरीक्षण कर कार्य में सुधार कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन स्थिति जस की तस बनी रही। सपा के पुष्पेंद्र सिंह चुनाले ने आरोप लगाया कि पिचिंग निर्माण में मानकों का पालन नहीं किया गया। मसाले की जगह मिट्टी का उपयोग किया गया है और पत्थरों को सही तरीके से नहीं लगाया गया। इसके कारण कार्य टिक नहीं सका। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कराकर दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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