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Banda News: आपदा से निपटने को तैयार होंगे अस्पताल, बेंगलुरु से प्रशिक्षण लेकर लौटे डॉ. विनीत
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 17 Mar 2026 11:41 PM IST
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फोटो- 29 बेंगलुरु रामैया मेडिकल कॉलेज एवं अनुसंधान केंद्र में प्रशिक्षण के बाद प्रमाण-पत्र लेते
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संवाद न्यूज एजेंसीबांदा। चित्रकूटधाम मंडल के स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। मंडल से डॉ. विनीत सचान ने बेंगलुरु में आयोजित छह दिवसीय अस्पताल प्रबंधन एवं आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण में प्रतिभाग कर नई तकनीकों और व्यवस्थाओं की जानकारी हासिल की। यह प्रशिक्षण 9 से 14 मार्च तक निकहेंस अस्पताल और रामैया मेडिकल कॉलेज एवं अनुसंधान केंद्र में आयोजित किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश से कुल 15 डॉक्टर शामिल हुए। डॉ. विनीत सचान ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान अस्पताल संचालन की आधुनिक प्रणाली, आवश्यक सुविधाओं का मानक, स्टाफ की न्यूनतम आवश्यकता और आपात स्थितियों, खासकर आग लगने जैसी घटनाओं में मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण का सबसे बड़ा उद्देश्य अस्पतालों को केवल इलाज का केंद्र न बनाकर सुरक्षित और आपदा के समय भी सुचारु रूप से संचालित होने वाली इकाई बनाना है। प्रशिक्षण से लौटने के बाद डॉ. विनीत ने बड़ा निर्णय लेते हुए बताया कि अब चित्रकूटधाम मंडल के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को हर तीन महीने में नियमित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे न केवल स्टाफ की कार्यकुशलता बढ़ेगी, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित और सही निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित होगी।
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क्या होगा फायदा:
इस पहल से अस्पतालों में व्यवस्थाएं अधिक व्यवस्थित होंगी, मरीजों को बेहतर और सुरक्षित इलाज मिलेगा तथा किसी भी आपदा की स्थिति में नुकसान को न्यूनतम किया जा सकेगा। स्वास्थ्य विभाग की यह पहल भविष्य में जनजीवन की सुरक्षा के लिहाज से मील का पत्थर साबित हो सकती है।
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उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण का सबसे बड़ा उद्देश्य अस्पतालों को केवल इलाज का केंद्र न बनाकर सुरक्षित और आपदा के समय भी सुचारु रूप से संचालित होने वाली इकाई बनाना है। प्रशिक्षण से लौटने के बाद डॉ. विनीत ने बड़ा निर्णय लेते हुए बताया कि अब चित्रकूटधाम मंडल के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को हर तीन महीने में नियमित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे न केवल स्टाफ की कार्यकुशलता बढ़ेगी, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित और सही निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित होगी।
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क्या होगा फायदा:
इस पहल से अस्पतालों में व्यवस्थाएं अधिक व्यवस्थित होंगी, मरीजों को बेहतर और सुरक्षित इलाज मिलेगा तथा किसी भी आपदा की स्थिति में नुकसान को न्यूनतम किया जा सकेगा। स्वास्थ्य विभाग की यह पहल भविष्य में जनजीवन की सुरक्षा के लिहाज से मील का पत्थर साबित हो सकती है।