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Banda News: 30 से अधिक कंडक्टरों को दी मेडिकल किट व ओआरएस
Fri, 22 May 2026 12:02 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Fri, 22 May 2026 12:02 AM IST
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फोटो - 02 कंडक्टरों को मेडिकल किट व ओआएस देतीं स्टेशन इंचार्ज।
- फोटो : credit
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बांदा। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम द्वारा यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए मंडल के सभी डिपो में बसों के कंडक्टरों को मेडिकल किट और ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) के पैकेट वितरित किए गए हैं। गौरतलब है कि बीते चार दिनों तक अमर उजाला ने बसों में बदहाली की खबर का प्रकाशन किया था। जिसके बाद यह पहल की गई।
हाल ही में रोडवेज बसों में प्राथमिक उपचार से संबंधित जरूरी दवाएं और ओआरएस उपलब्ध न होने संबंधी खबरों के प्रकाशन के बाद अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लिया। इसी क्रम में परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक रामलवट के आदेश पर बुधवार को मंडल के सभी डिपो में कंडक्टरों को नई मेडिकल किट, ओआरएस के पैकेट और पानी की बोतलें वितरित की गईं।
बांदा डिपो में स्टेशन इंचार्ज सुशीला के नेतृत्व में 30 से अधिक कंडक्टरों को यह सामग्री प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, आम यात्रियों को भी ओआरएस के पैकेट और ठंडा पानी पिलाया गया, जो विशेष रूप से गर्मी के मौसम में राहत प्रदान करेगा। स्टेशन इंचार्ज सुशीला ने बताया कि नई मेडिकल किट में डेटॉल, बीटाडीन का मरहम, पैरासिटामोल, उल्टी-दस्त की दवाएं, पुदीना हरा की गोलियां, रूई, पट्टी और ओआरएस जैसे आवश्यक सामान शामिल हैं। जिन बसों की मेडिकल किट में दवाएं कम या एक्सपायर हो चुकी थीं, उन्हें यात्री सुविधा कर से दवाएं खरीदकर बदलवाया गया है।
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क्षेत्रीय प्रबंधक के निर्देशानुसार अब कंडक्टर मेडिकल किट को घर नहीं ले जा पाएंगे। उन्हें ड्यूटी पर जाते समय ही किट, ओआरएस और पानी की बोतल दी जाएगी और ड्यूटी समाप्त होने पर इसे वापस जमा कराना होगा। यह सुनिश्चित करने के लिए है कि किट हमेशा बस में उपलब्ध रहे।
यदि निरीक्षण के दौरान किसी बस में मेडिकल किट नहीं मिलती है, तो संबंधित कंडक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कंडक्टरों को यह भी निर्देश दिया गया है कि यदि दवाएं खत्म होने की स्थिति आती है, तो वे तुरंत कार्यालय को सूचित करें ताकि दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
बांदा डिपो के एरिया मैनेजर डीके चौबे ने बताया कि डिपो में कुल 158 बसों का बेड़ा है और लगभग सभी बसों में मेडिकल किट उपलब्ध है। जिन बसों में किट खो गई थी, दवाएं खत्म हो गई थीं या एक्सपायर हो गई थीं, उन्हें नई किट वितरित की गई हैं।
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हाल ही में रोडवेज बसों में प्राथमिक उपचार से संबंधित जरूरी दवाएं और ओआरएस उपलब्ध न होने संबंधी खबरों के प्रकाशन के बाद अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लिया। इसी क्रम में परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक रामलवट के आदेश पर बुधवार को मंडल के सभी डिपो में कंडक्टरों को नई मेडिकल किट, ओआरएस के पैकेट और पानी की बोतलें वितरित की गईं।
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बांदा डिपो में स्टेशन इंचार्ज सुशीला के नेतृत्व में 30 से अधिक कंडक्टरों को यह सामग्री प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, आम यात्रियों को भी ओआरएस के पैकेट और ठंडा पानी पिलाया गया, जो विशेष रूप से गर्मी के मौसम में राहत प्रदान करेगा। स्टेशन इंचार्ज सुशीला ने बताया कि नई मेडिकल किट में डेटॉल, बीटाडीन का मरहम, पैरासिटामोल, उल्टी-दस्त की दवाएं, पुदीना हरा की गोलियां, रूई, पट्टी और ओआरएस जैसे आवश्यक सामान शामिल हैं। जिन बसों की मेडिकल किट में दवाएं कम या एक्सपायर हो चुकी थीं, उन्हें यात्री सुविधा कर से दवाएं खरीदकर बदलवाया गया है।
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क्षेत्रीय प्रबंधक के निर्देशानुसार अब कंडक्टर मेडिकल किट को घर नहीं ले जा पाएंगे। उन्हें ड्यूटी पर जाते समय ही किट, ओआरएस और पानी की बोतल दी जाएगी और ड्यूटी समाप्त होने पर इसे वापस जमा कराना होगा। यह सुनिश्चित करने के लिए है कि किट हमेशा बस में उपलब्ध रहे।
यदि निरीक्षण के दौरान किसी बस में मेडिकल किट नहीं मिलती है, तो संबंधित कंडक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कंडक्टरों को यह भी निर्देश दिया गया है कि यदि दवाएं खत्म होने की स्थिति आती है, तो वे तुरंत कार्यालय को सूचित करें ताकि दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
बांदा डिपो के एरिया मैनेजर डीके चौबे ने बताया कि डिपो में कुल 158 बसों का बेड़ा है और लगभग सभी बसों में मेडिकल किट उपलब्ध है। जिन बसों में किट खो गई थी, दवाएं खत्म हो गई थीं या एक्सपायर हो गई थीं, उन्हें नई किट वितरित की गई हैं।

फोटो - 02 कंडक्टरों को मेडिकल किट व ओआएस देतीं स्टेशन इंचार्ज।- फोटो : credit