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Banda News: पाटीदार मामले में वादी को कोर्ट में तलब, अगली सुनवाई 27 मई को
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 12 May 2026 01:05 AM IST
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बांदा। बर्खास्त आईपीएस मणिलाल पाटीदार से जुड़े एक बहुचर्चित मामले में बांदा की एंटी करप्शन कोर्ट में सोमवार को अहम सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने मृतक क्रशर व्यापारी के भाई और वादी गवाह रविकांत त्रिपाठी को अदालत में उपस्थित होकर गवाही देने के आदेश जारी किए हैं। मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 मई की तारीख तय की गई है।
यह मामला वर्ष 2020 का है, जब महोबा में संदिग्ध हालात में क्रशर व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी को गोली मार दी गई थी। घटना के तीन दिन बाद व्यापारी की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मृतक व्यापारी के भाई ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार, तत्कालीन कबरई इंस्पेक्टर और कई अन्य पुलिस कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका आरोप था कि उनके भाई से पैसों की मांग की गई थी और मांग पूरी न होने पर गोली मारकर हत्या कर दी गई।
इस संबंध में महोबा कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। बाद में 22 जुलाई को पुलिस अधीक्षक सहित दो अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार का एक और प्राथमिकी महोबा कोतवाली में दर्ज हुई थी।
यह मामला पूर्व में भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट लखनऊ में चल रहा था लेकिन अब इसे बांदा की नव स्थापित एंटी करप्शन कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया है। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान मुख्य आरोपी बर्खास्त आईपीएस मणिलाल पाटीदार सहित कई अन्य अभियुक्त अदालत में उपस्थित नहीं हुए। हालांकि, उनकी ओर से उनके अधिवक्ताओं ने हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र दिया।
एंटी करप्शन कोर्ट के न्यायाधीश एडीजे चंद्रपाल द्वितीय ने सुनवाई करते हुए वादी गवाह रविकांत त्रिपाठी को अगली तारीख पर अदालत में उपस्थित होकर अपनी गवाही दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई में वादी प्राथमिकी दर्ज की गवाही होगी। मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 मई की तिथि नियत की गई है। इस दिन वादी गवाह रविकांत त्रिपाठी से जिरह होने की उम्मीद है, जो मामले के निपटारे में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
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यह मामला वर्ष 2020 का है, जब महोबा में संदिग्ध हालात में क्रशर व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी को गोली मार दी गई थी। घटना के तीन दिन बाद व्यापारी की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मृतक व्यापारी के भाई ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार, तत्कालीन कबरई इंस्पेक्टर और कई अन्य पुलिस कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका आरोप था कि उनके भाई से पैसों की मांग की गई थी और मांग पूरी न होने पर गोली मारकर हत्या कर दी गई।
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इस संबंध में महोबा कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। बाद में 22 जुलाई को पुलिस अधीक्षक सहित दो अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार का एक और प्राथमिकी महोबा कोतवाली में दर्ज हुई थी।
यह मामला पूर्व में भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट लखनऊ में चल रहा था लेकिन अब इसे बांदा की नव स्थापित एंटी करप्शन कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया है। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान मुख्य आरोपी बर्खास्त आईपीएस मणिलाल पाटीदार सहित कई अन्य अभियुक्त अदालत में उपस्थित नहीं हुए। हालांकि, उनकी ओर से उनके अधिवक्ताओं ने हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र दिया।
एंटी करप्शन कोर्ट के न्यायाधीश एडीजे चंद्रपाल द्वितीय ने सुनवाई करते हुए वादी गवाह रविकांत त्रिपाठी को अगली तारीख पर अदालत में उपस्थित होकर अपनी गवाही दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई में वादी प्राथमिकी दर्ज की गवाही होगी। मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 मई की तिथि नियत की गई है। इस दिन वादी गवाह रविकांत त्रिपाठी से जिरह होने की उम्मीद है, जो मामले के निपटारे में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।