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Banda News: बीमारी का बहाना बनाकर परीक्षा ड्यूटी से बच नहीं पाएंगे शिक्षक
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Thu, 08 Jan 2026 10:59 PM IST
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बांदा। बोर्ड परीक्षाओं में बीमारी का बहाना बनाकर ड्यूटी से कन्नी काटने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं पर इस बार शिकंजा कस दिया गया है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई शिक्षक स्वास्थ्य कारणों से परीक्षा ड्यूटी करने में असमर्थ है, तो उसे अनिवार्य रूप से मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) से जारी मेडिकल प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा।
विभागीय सूत्रों के अनुसार पूर्व में कई मामलों में बिना ठोस प्रमाण के ड्यूटी से छूट ली जाती रही है, जिससे परीक्षा व्यवस्था प्रभावित होती थी। इस बार ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिना सीएमओ के प्रमाण-पत्र के अनुपस्थित पाए जाने पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सभी विद्यालयों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि बोर्ड परीक्षा की पारदर्शिता और सुचारू संचालन के लिए ड्यूटी का ईमानदारी से पालन सुनिश्चित किया जाए। बोर्ड परीक्षाओं जो प्रधानाचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्य नहीं करना चाहते हैं।
वह बीमारी का प्रमाण-पत्र देकर चिकित्सीय छुट्टी पर चले हैं। कई शिक्षक तो ड्यूटी से बचने के लिए प्राईवेट अस्पताल से चिकित्सीय प्रमाण-पत्र लगाकर अवकाश ले लेते हैं लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, क्योंकि जो भी बीमारी का सहारा लेकर ड्यूटी से बचना चाहेगा उसे अब चिकित्सीय प्रमाण-पत्र देना होगा। यह प्रमाण-पत्र तीन सदस्यीय डाक्टर टीम द्वारा बीमार शिक्षक का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद जारी रिपोर्ट के अनुसार सीएमओ द्वारा जारी होगा। प्रमाण-पत्र जारी होने के ही शिक्षक-शिक्षिकाएं चिकित्सीय छुट्टी के लिए आवेदन कर सकेंगे।
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बोर्ड परीक्षा से पूर्व कोई प्रधानाचार्य या शिक्षक चिकित्सीय अवकाश के लिए आवेदन करता है तो उन्हें जिले के सीएमओ के पास उनकी अस्वस्थता की पुष्टि कराने तथा चिकित्सा आवेदन पत्र की प्रति हस्ताक्षरित कराने के लिए भेजा जाएगा। सीएमओ के द्वारा जारी किए गए प्रमाण-पत्र के आधार ही चिकित्सीय अवकाश मान्य किया जाएगा।
- दिनेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक
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विभागीय सूत्रों के अनुसार पूर्व में कई मामलों में बिना ठोस प्रमाण के ड्यूटी से छूट ली जाती रही है, जिससे परीक्षा व्यवस्था प्रभावित होती थी। इस बार ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिना सीएमओ के प्रमाण-पत्र के अनुपस्थित पाए जाने पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सभी विद्यालयों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि बोर्ड परीक्षा की पारदर्शिता और सुचारू संचालन के लिए ड्यूटी का ईमानदारी से पालन सुनिश्चित किया जाए। बोर्ड परीक्षाओं जो प्रधानाचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्य नहीं करना चाहते हैं।
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वह बीमारी का प्रमाण-पत्र देकर चिकित्सीय छुट्टी पर चले हैं। कई शिक्षक तो ड्यूटी से बचने के लिए प्राईवेट अस्पताल से चिकित्सीय प्रमाण-पत्र लगाकर अवकाश ले लेते हैं लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, क्योंकि जो भी बीमारी का सहारा लेकर ड्यूटी से बचना चाहेगा उसे अब चिकित्सीय प्रमाण-पत्र देना होगा। यह प्रमाण-पत्र तीन सदस्यीय डाक्टर टीम द्वारा बीमार शिक्षक का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद जारी रिपोर्ट के अनुसार सीएमओ द्वारा जारी होगा। प्रमाण-पत्र जारी होने के ही शिक्षक-शिक्षिकाएं चिकित्सीय छुट्टी के लिए आवेदन कर सकेंगे।
बोर्ड परीक्षा से पूर्व कोई प्रधानाचार्य या शिक्षक चिकित्सीय अवकाश के लिए आवेदन करता है तो उन्हें जिले के सीएमओ के पास उनकी अस्वस्थता की पुष्टि कराने तथा चिकित्सा आवेदन पत्र की प्रति हस्ताक्षरित कराने के लिए भेजा जाएगा। सीएमओ के द्वारा जारी किए गए प्रमाण-पत्र के आधार ही चिकित्सीय अवकाश मान्य किया जाएगा।
- दिनेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक