{"_id":"6a00d05ddd6c1eb2e30734c2","slug":"top-five-farmers-received-compensation-the-needy-are-waiting-banda-news-c-212-1-bnd1017-146171-2026-05-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: शीर्ष पांच किसानों को मिला मुआवजा, जरूरतमंद कर रहे इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: शीर्ष पांच किसानों को मिला मुआवजा, जरूरतमंद कर रहे इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Mon, 11 May 2026 12:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बांदा। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हुए फसल नुकसान के बाद जिला प्रशासन द्वारा कराए गए सर्वेक्षण के आधार पर बीमा कंपनी ने केवल शीर्ष पांच किसानों को मुआवजा दिया है। जबकि हजारों अन्य पात्र किसान अभी भी मुआवजे के लिए इंतजार कर रहे हैं।
कृषि विभाग को बारिश और ओलावृष्टि से फसल खराब होने की कुल 8363 शिकायतें मिली थीं, जिनमें से 7648 दावे सर्वेक्षण के लिए पात्र पाए गए और 574 निरस्त किए गए हैं। बीमा कंपनी ने तिंदवारी ब्लॉक के रुद्रप्रताप सिंह को 87,468 रुपये, बड़ोखर खुर्द के पुष्पराज सिंह को 83,237 रुपये, बिसंडा के अवधेश कुमार को 55,534 रुपये, बड़ोखर खुर्द के भगवानदीन को 30,150 रुपये और बबेरू की मीरा देवी को 22,473 रुपये का मुआवजा दिया है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत, रबी मौसम-2026 में 1,41,869 किसानों ने 42,447 हेक्टेयर का बीमा कराया था, जिसके लिए बीमा कंपनी ने दो अरब 55 करोड़ रुपये अंशदान वसूल किया। इस रबी मौसम में सात हजार से अधिक किसानों ने क्षतिपूर्ति का दावा किया है लेकिन अभी तक बीमा कंपनी ने केवल 545 किसानों को लगभग 60 लाख रुपये का ही दावा सूची में दर्ज किया है।
खरीफ मौसम-2025 में 1,40,907 किसानों ने 45,844 हेक्टेयर का बीमा कराया था, जिसमें बीमा कंपनी ने सरकार और किसानों से प्रीमियम के रूप में दो अरब 62 करोड़ रुपये वसूल किए थे। सितंबर माह में बाढ़ और बारिश से हुए नुकसान पर खरीफ मौसम में 41,221 किसानों को 10 करोड़ 78 लाख 07 हजार 988 रुपये का दावा वितरित किया गया था।
-- -- -- -- -- -- -- -
बाेले किसान
किसान राम प्रसाद का कहना है कि बीमा कंपनी उसी के क्लेम को स्वीकार करती है जो 72 घंटे के अंदर नुकसान का क्लेम करें लेकिन नुकसान के दौरान बीमा कंपनी का टोल फ्री नंबर लगता नहीं है। दूसरा बीमा कंपनी क्रॉप कटिंग के आधार पर 50 फीसदी नुकसान पर ही सामूहिक बीमा क्लेम देती है। इससे कम नुकसान पर क्लेम नहीं दिया जाता है। खरीफ मौसम में बीमा कंपनी ने कुछ ही गांवों में 50 फीसदी नुकसान मानते हुए क्लेम दिया है। रबी सीजन में अभी तक क्लेम देने की प्रक्रिया शुरू ही नहीं की गई है। जांच में ही किसानों को उलझाया जा रहा है।
-- -- -
खरीफ में जिन किसानों का नुकसान हुआ था उन्हें कंपनी ने क्लेम दिया है। रबी में जांच की कार्रवाई शुरू है अभी तक करीब 545 किसानों की जांच पूरी होने पर 60 लाख से अधिक क्लेम की सूची बनाई जा रही है।
- विनीत कुमार, कोऑर्डिनेटर
यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस, बांदा।
Trending Videos
कृषि विभाग को बारिश और ओलावृष्टि से फसल खराब होने की कुल 8363 शिकायतें मिली थीं, जिनमें से 7648 दावे सर्वेक्षण के लिए पात्र पाए गए और 574 निरस्त किए गए हैं। बीमा कंपनी ने तिंदवारी ब्लॉक के रुद्रप्रताप सिंह को 87,468 रुपये, बड़ोखर खुर्द के पुष्पराज सिंह को 83,237 रुपये, बिसंडा के अवधेश कुमार को 55,534 रुपये, बड़ोखर खुर्द के भगवानदीन को 30,150 रुपये और बबेरू की मीरा देवी को 22,473 रुपये का मुआवजा दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत, रबी मौसम-2026 में 1,41,869 किसानों ने 42,447 हेक्टेयर का बीमा कराया था, जिसके लिए बीमा कंपनी ने दो अरब 55 करोड़ रुपये अंशदान वसूल किया। इस रबी मौसम में सात हजार से अधिक किसानों ने क्षतिपूर्ति का दावा किया है लेकिन अभी तक बीमा कंपनी ने केवल 545 किसानों को लगभग 60 लाख रुपये का ही दावा सूची में दर्ज किया है।
खरीफ मौसम-2025 में 1,40,907 किसानों ने 45,844 हेक्टेयर का बीमा कराया था, जिसमें बीमा कंपनी ने सरकार और किसानों से प्रीमियम के रूप में दो अरब 62 करोड़ रुपये वसूल किए थे। सितंबर माह में बाढ़ और बारिश से हुए नुकसान पर खरीफ मौसम में 41,221 किसानों को 10 करोड़ 78 लाख 07 हजार 988 रुपये का दावा वितरित किया गया था।
बाेले किसान
किसान राम प्रसाद का कहना है कि बीमा कंपनी उसी के क्लेम को स्वीकार करती है जो 72 घंटे के अंदर नुकसान का क्लेम करें लेकिन नुकसान के दौरान बीमा कंपनी का टोल फ्री नंबर लगता नहीं है। दूसरा बीमा कंपनी क्रॉप कटिंग के आधार पर 50 फीसदी नुकसान पर ही सामूहिक बीमा क्लेम देती है। इससे कम नुकसान पर क्लेम नहीं दिया जाता है। खरीफ मौसम में बीमा कंपनी ने कुछ ही गांवों में 50 फीसदी नुकसान मानते हुए क्लेम दिया है। रबी सीजन में अभी तक क्लेम देने की प्रक्रिया शुरू ही नहीं की गई है। जांच में ही किसानों को उलझाया जा रहा है।
खरीफ में जिन किसानों का नुकसान हुआ था उन्हें कंपनी ने क्लेम दिया है। रबी में जांच की कार्रवाई शुरू है अभी तक करीब 545 किसानों की जांच पूरी होने पर 60 लाख से अधिक क्लेम की सूची बनाई जा रही है।
- विनीत कुमार, कोऑर्डिनेटर
यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस, बांदा।