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Barabanki News: खटारा स्कूली वाहनों के भरोसे बचपन
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 12 Apr 2026 12:38 AM IST
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बाराबंकी। जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा पूरी तरह भगवान भरोसे है। परिवहन विभाग के आंकड़े और सड़कों की हकीकत के बीच का फासला इतना बड़ा है कि यह किसी भी दिन एक बड़े हादसे को दावत दे सकता है। सवाल सीधा है, क्या प्रशासन किसी मासूम की जान जाने का इंतजार कर रहा है?
सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक जिले में 1201 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं, लेकिन हकीकत इससे कहीं अधिक डरावनी है। लगभग 250 ऐसी वैन सड़कों पर खुलेआम दौड़ रही हैं, जिनका एआरटीओ दफ्तर में न कोई रजिस्ट्रेशन है, न रिकॉर्ड और न ही कोई जवाबदेही। ये अदृश्य वाहन सिस्टम की नाक के नीचे बच्चों को ढो रहे हैं, लेकिन इन्हें रोकने वाला कोई नहीं।
हैरानी की बात यह है कि जो वाहन पंजीकृत हैं, वे भी सुरक्षित नहीं हैं। कुल 584 बसों और 617 वैन में से 84 बसें और 153 वैन बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के सड़कों पर दौड़ रही हैं। नियम ताक पर हैं और फिटनेस फेल ये वाहन बच्चों के लिए खतरा साबित हो रहे हैं। विभाग ने दिखावे के लिए 12 वाहन निरुद्ध किए और 231 को पोर्टल पर सस्पेंड किया, लेकिन सड़कों पर नियम तोड़ने वालों के चेहरों पर रत्ती भर भी खौफ नजर नहीं आता।
हादसों को रोकने के लिए सरकार ने यूपीआईएसवीएमपी पोर्टल बनाया, ताकि हर वाहन की निगरानी हो सके। बाराबंकी में यह योजना भी सुस्त रफ्तार का शिकार है। अफसर अभी तक केवल डाटा फीडिंग में ही उलझे हैं। 498 स्कूलों में से अब तक मात्र 200 ही ऑनबोर्ड हो पाए हैं। जब आधा सिस्टम पोर्टल पर है ही नहीं और 250 वैन का कोई रिकॉर्ड ही नहीं, तो निगरानी आखिर होगी किसकी?
10 टीमें कर रहीं सत्यापन कार्य
एआरटीओ समेत कार्यालय के कई अधिकारी स्कूली वाहनों की जांच कर उनका विवरण पोर्टल पर दर्ज कर रहे हैं। विभिन्न विद्यालयों में ऑनबोर्ड व सत्यापन के लिए 10 टीमें कार्यालय स्तर पर बनाई गई हैं। यह टीम स्कूलों में जाकर सत्यापन कार्य कर रही है। प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान 12 वाहन निरुद्ध किए गए हैं। इसके अलावा 231 अनफिट वाहनों को पोर्टल पर निलंबित किया जा चुका है। एआरटीओ प्रशासन अंकिता शुक्ला ने बताया कि पोर्टल पर स्कूली वाहनों का विवरण दर्ज कराया जा रहा है। 1201 स्कूली वाहनों में से करीब चार सौ वाहनों का भौतिक सत्यापन कर किया जा चुका है और 498 स्कूलों में से करीब 200 स्कूल ऑनबोर्ड कर दिया गया है। शेष वाहनों को जल्द ही पोर्टल पर अपडेट कर दिया जाएगा।
डीएम की फटकार के बाद जागे बीएसए
स्कूली वाहनों के पोर्टल पर अपलोड करने में कोताही बरत रहे विद्यालयों पर डीएम ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। डीएम शशांक त्रिपाठी ने स्कूली वाहनोंं का पोर्टल पर दर्ज न होने पर बीएसए को फटकार लगाई और जल्द ही डाटा अपलोड कराने का निर्देश दिया। इसी क्रम में बीएसए ने सभी बीईओ को अपने-अपने क्षेत्र में सभी विद्यालयों के स्कूल वाहनों की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी है। जिन विद्यालयों में स्कूली वाहन नहीं है, उनका प्रमाण पत्र पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
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सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक जिले में 1201 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं, लेकिन हकीकत इससे कहीं अधिक डरावनी है। लगभग 250 ऐसी वैन सड़कों पर खुलेआम दौड़ रही हैं, जिनका एआरटीओ दफ्तर में न कोई रजिस्ट्रेशन है, न रिकॉर्ड और न ही कोई जवाबदेही। ये अदृश्य वाहन सिस्टम की नाक के नीचे बच्चों को ढो रहे हैं, लेकिन इन्हें रोकने वाला कोई नहीं।
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हैरानी की बात यह है कि जो वाहन पंजीकृत हैं, वे भी सुरक्षित नहीं हैं। कुल 584 बसों और 617 वैन में से 84 बसें और 153 वैन बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के सड़कों पर दौड़ रही हैं। नियम ताक पर हैं और फिटनेस फेल ये वाहन बच्चों के लिए खतरा साबित हो रहे हैं। विभाग ने दिखावे के लिए 12 वाहन निरुद्ध किए और 231 को पोर्टल पर सस्पेंड किया, लेकिन सड़कों पर नियम तोड़ने वालों के चेहरों पर रत्ती भर भी खौफ नजर नहीं आता।
हादसों को रोकने के लिए सरकार ने यूपीआईएसवीएमपी पोर्टल बनाया, ताकि हर वाहन की निगरानी हो सके। बाराबंकी में यह योजना भी सुस्त रफ्तार का शिकार है। अफसर अभी तक केवल डाटा फीडिंग में ही उलझे हैं। 498 स्कूलों में से अब तक मात्र 200 ही ऑनबोर्ड हो पाए हैं। जब आधा सिस्टम पोर्टल पर है ही नहीं और 250 वैन का कोई रिकॉर्ड ही नहीं, तो निगरानी आखिर होगी किसकी?
10 टीमें कर रहीं सत्यापन कार्य
एआरटीओ समेत कार्यालय के कई अधिकारी स्कूली वाहनों की जांच कर उनका विवरण पोर्टल पर दर्ज कर रहे हैं। विभिन्न विद्यालयों में ऑनबोर्ड व सत्यापन के लिए 10 टीमें कार्यालय स्तर पर बनाई गई हैं। यह टीम स्कूलों में जाकर सत्यापन कार्य कर रही है। प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान 12 वाहन निरुद्ध किए गए हैं। इसके अलावा 231 अनफिट वाहनों को पोर्टल पर निलंबित किया जा चुका है। एआरटीओ प्रशासन अंकिता शुक्ला ने बताया कि पोर्टल पर स्कूली वाहनों का विवरण दर्ज कराया जा रहा है। 1201 स्कूली वाहनों में से करीब चार सौ वाहनों का भौतिक सत्यापन कर किया जा चुका है और 498 स्कूलों में से करीब 200 स्कूल ऑनबोर्ड कर दिया गया है। शेष वाहनों को जल्द ही पोर्टल पर अपडेट कर दिया जाएगा।
डीएम की फटकार के बाद जागे बीएसए
स्कूली वाहनों के पोर्टल पर अपलोड करने में कोताही बरत रहे विद्यालयों पर डीएम ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। डीएम शशांक त्रिपाठी ने स्कूली वाहनोंं का पोर्टल पर दर्ज न होने पर बीएसए को फटकार लगाई और जल्द ही डाटा अपलोड कराने का निर्देश दिया। इसी क्रम में बीएसए ने सभी बीईओ को अपने-अपने क्षेत्र में सभी विद्यालयों के स्कूल वाहनों की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी है। जिन विद्यालयों में स्कूली वाहन नहीं है, उनका प्रमाण पत्र पोर्टल पर अपलोड करना होगा।