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Barabanki News: कार्य स्थल पर लैंगिक उत्पीड़न को दबाएं नहीं, करें शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 24 Feb 2026 01:23 AM IST
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शहर स्थित एक निजी लॉन में पुलिस विभाग की ओर से महिला उत्पीड़न को लेकर आयोजित कार्यशाला मेंमौजू
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बाराबंकी। शहर के एक होटल में एसोसिएशन फॉर एडवोकेसी एंड लीगल इनिशिएटिव्ज ट्रस्ट (आली) द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न पर नियंत्रण के संबंध में महत्वपूर्ण चर्चा हुई। आली की कार्यकारी निदेशक रेनू मिश्रा ने बताया कि राजस्थान की भंवरी देवी के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के बाद कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की नींव रखी गई। उन्होंने बताया कि कार्य स्थल का तात्पर्य सिर्फ किसी सरकारी या गैरसरकारी कार्यालय से ही नहीं है, महिलाओं के लिए उनका घर भी कार्य स्थल है। सभी विभागों सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पोस कमेटियां बनी हैं।
10 कर्मचारियों से कम जहां कर्मचारी हैं, वहां के मामलों की शिकायत जिला स्तर पर गठित लोकल पोस कमेटी में की जाती है।
उन्होंने बताया कि देश में हर 20 मिनट में एक महिला दुष्कर्म का शिकार बनती है, जो एक चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने कार्यस्थल और किसी भी स्थान पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की घटनाओं को दबाने के बजाय उनकी प्राथमिकी कराने पर बल दिया। यह भी बताया किसी महिला को देखकर अश्लील गाना बजाना, फोन पर मैसेज भेजना, कार्य स्थल पर किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा महिला कर्मी की बेवजह तारीफ करना, अकेले कार्यालय में रोकना, साथ घूमने चलने के लिए दबाव बनाना जैसे कृत्य लैगिंग उत्पीड़न की श्रेणी में आते हैं।
इस प्रशिक्षण में सभी विभागों में गठित पोस कमेटियों के अध्यक्ष और सदस्य शामिल हुए, जिनमें एसडीएम सदर आनंद तिवारी, एसडीएम रामसनेहीघाट अनुराग सिंह, एसडीएम हैदरगढ़ राजेश विश्वकर्मा, एसडीएम फतेहपुर कार्तिकेय सिंह, सीओ राम नगर गरिमा पंत, महिला थानाध्यक्ष कुमारी रत्ना, महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन प्रभारी मुन्नी सिंह, बीएसए नवीन कुमार पाठक आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे। आली की कार्यक्रम समन्वयक नीतू और उनकी टीम ने आयोजन में सहयोग किया।
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10 कर्मचारियों से कम जहां कर्मचारी हैं, वहां के मामलों की शिकायत जिला स्तर पर गठित लोकल पोस कमेटी में की जाती है।
उन्होंने बताया कि देश में हर 20 मिनट में एक महिला दुष्कर्म का शिकार बनती है, जो एक चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने कार्यस्थल और किसी भी स्थान पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की घटनाओं को दबाने के बजाय उनकी प्राथमिकी कराने पर बल दिया। यह भी बताया किसी महिला को देखकर अश्लील गाना बजाना, फोन पर मैसेज भेजना, कार्य स्थल पर किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा महिला कर्मी की बेवजह तारीफ करना, अकेले कार्यालय में रोकना, साथ घूमने चलने के लिए दबाव बनाना जैसे कृत्य लैगिंग उत्पीड़न की श्रेणी में आते हैं।
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इस प्रशिक्षण में सभी विभागों में गठित पोस कमेटियों के अध्यक्ष और सदस्य शामिल हुए, जिनमें एसडीएम सदर आनंद तिवारी, एसडीएम रामसनेहीघाट अनुराग सिंह, एसडीएम हैदरगढ़ राजेश विश्वकर्मा, एसडीएम फतेहपुर कार्तिकेय सिंह, सीओ राम नगर गरिमा पंत, महिला थानाध्यक्ष कुमारी रत्ना, महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन प्रभारी मुन्नी सिंह, बीएसए नवीन कुमार पाठक आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे। आली की कार्यक्रम समन्वयक नीतू और उनकी टीम ने आयोजन में सहयोग किया।
