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Barabanki News: मान्यता के दस्तावेज तलब, अन्य छात्रों के भी होंगे बयान
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Mon, 23 Feb 2026 10:20 PM IST
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बाराबंकी। बिना मान्यता के नर्सिंग में प्रवेश लेने के आरोप में अर्णव पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट के प्राचार्य, निदेशक व अन्य सदस्यों पर एफआईआर दर्ज होने का मामला चर्चा का विषय बना है। सतरिख पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने कॉलेज प्रशासन से संबद्धता पत्र, नियामक निकाय की अनुमति, प्रवेश रजिस्टर, फीस रसीदें और वेबसाइट पर प्रदर्शित मान्यता संबंधी जानकारी मांगी है।
अर्णव पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट सतरिख थाना क्षेत्र में हरख रोड पर संचालित है। लखनऊ के द्वारकापुरी कॉलोनी, निवासी अनुराधा ने अदालत अर्जी देकर आरोप लगाया था कि उनकी पुत्री सात्विका गुप्ता ने सत्र 2025 में चार वर्षीय बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया। अभिभावक का आरोप है कि तीन माह बाद पता चला कि नर्सिंग काउंसिल ऑफ इंडिया से कॉलेज की मान्यता नही हैं। एसीजेएम कोर्ट के आदेश के बाद कॉलेज के प्राचार्य, निदेशक व अन्य सदस्यों पर शनिवार को एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस द्वारा अन्य छात्रों के भी बयान दर्ज किए जाएंगे, ताकि यह पता चल सके कि प्रवेश प्रक्रिया, मान्यता के दावे और दस्तावेजों के संबंध में क्या स्थिति रही। पुलिस यह भी जांच करेगी कि छात्रा के मूल प्रमाणपत्र जमा कराने की प्रक्रिया नियमों के अनुरूप थी या नहीं तथा प्रवेश निरस्तीकरण की मांग पर संस्थान का रुख क्या रहा। अब तक कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई अधिकृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। संचालक और अन्य जिम्मेदार पदाधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं हो सकी। सतरिख के एसएचओ धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जांच की जा रही है।
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अर्णव पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट सतरिख थाना क्षेत्र में हरख रोड पर संचालित है। लखनऊ के द्वारकापुरी कॉलोनी, निवासी अनुराधा ने अदालत अर्जी देकर आरोप लगाया था कि उनकी पुत्री सात्विका गुप्ता ने सत्र 2025 में चार वर्षीय बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया। अभिभावक का आरोप है कि तीन माह बाद पता चला कि नर्सिंग काउंसिल ऑफ इंडिया से कॉलेज की मान्यता नही हैं। एसीजेएम कोर्ट के आदेश के बाद कॉलेज के प्राचार्य, निदेशक व अन्य सदस्यों पर शनिवार को एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस द्वारा अन्य छात्रों के भी बयान दर्ज किए जाएंगे, ताकि यह पता चल सके कि प्रवेश प्रक्रिया, मान्यता के दावे और दस्तावेजों के संबंध में क्या स्थिति रही। पुलिस यह भी जांच करेगी कि छात्रा के मूल प्रमाणपत्र जमा कराने की प्रक्रिया नियमों के अनुरूप थी या नहीं तथा प्रवेश निरस्तीकरण की मांग पर संस्थान का रुख क्या रहा। अब तक कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई अधिकृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। संचालक और अन्य जिम्मेदार पदाधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं हो सकी। सतरिख के एसएचओ धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जांच की जा रही है।
